गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले में हुई हिंसा का आरोपी दीप सिद्दू गिरफ्तार - Daily Hindi Paper | RPSC Online GK in Hindi | GK in Hindi l RPSC Notes in Hindi

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मंगलवार, 9 फ़रवरी 2021

गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले में हुई हिंसा का आरोपी दीप सिद्दू गिरफ्तार

गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले में हुई हिंसा का आरोपी दीप सिद्दू गिरफ्तार.






देश की राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन (Republic Day Violence) किसानों के द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर रैली (Kisan Andolan) के दौरान लाल किला (Lal Qila Violence) पर हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी दीप सिद्धू (Deep Sidhu) को गिरफ्तार कर लिया गया है. दीप सिद्धू पर दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था. सिद्धू को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया.


स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने सिद्धू की गिरफ्तारी की पुष्टि की. यादव ने कहा कि मगंलवार को दिन में दिल्ली पुलिस एक प्रेस वार्ता कर गिरफ्तारी के बारे में और जानकारी देगी. समाचार लिखे जाने तक इसकी जानकारी नहीं दी गई है कि सिद्धू की गिरफ्तारी कहां से हुई है.


बता दें हिंसा के बाद से ही सिद्धू अलग-अलग जगहों से फेसबुक लाइव कर रहा था. उसने किसान नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए. इस मामले में सिद्धू के फेसबुक लाइव में टेक्निकल हेल्प एक महिला मित्र करती थी जो देश से बाहर रहती है. इसका भी खुलासा दिल्ली पुलिस अपनी प्रेस वार्ता में करेगी. फेसबुक लाइव के दौरान किसी किस्म के इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से बचने के लिए सिद्धू, विदेश में बैठी महिला मित्र की मदद लेता था.



26 जनवरी ट्रैक्टर परेड  के दौरान हुई थी हिंसा 300 से अधिक पुलिस के जवान हुए थे जख्मी 

जांच एजेंसियां सिद्धू की महिला मित्र की भूमिका की भी जांच करेंगी. गौरतलब है कि केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की किसान संगठनों की मांग के समर्थन में 26 जनवरी को किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी और इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच झड़पें हुई थीं. इस दौरान बहुत से प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर चलाते हुए लाल किले तक पहुंच गए थे और उन्होंने वहां प्राचीर पर एक धार्मिक झंडा लगा दिया था.



गौरतलब है कि दीप सिद्धू ने कुछ दिन पहले ही फेसबुक लाइव के जरिए किसान नेताओं को खुली चेतावनी दे दी थी. खुद को गद्दार कहे जाने से नाराज सिद्धू ने किसान नेताओं को धमकी दी थी कि 'अगर उन्‍होंने अपना मुंह खोला और किसान आंदोलन की अंदर की बातें खोलनी शुरू कीं तो इन नेताओं को भागने का रास्‍ता भी नहीं मिलेगा.' दीप सिद्धू ने कहा कि 'मेरी बात को डायलॉग न समझें , ये बात याद रखना, मेरे पास हर बात की दलील है. मानसिकता बदलो.'


खालिस्तान समर्थक होने का आरोप, एनआईए ने भेजा था नोटिस  

दीप सिद्धू किसान आंदोलन में लगातार दो महीनों से सक्रिय था। कुछ दिन पहले दीप को सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के साथ रिश्तों को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नोटिस भी जारी किया था। दीप ने पिछले साल आंदोलन के दौरान किसान यूनियन के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। उस दौरान उसने शंभु मोर्चा के नाम से नए किसान संगठन की घोषणा भी की थी। तब उसके मोर्चा को खालिस्तान समर्थक चैनलों से समर्थन भी मिला था।