केन्‍द्रीय बजट 2022-23 : में राजकोषीय घाटा जीडीपी का अनुमानत: 6.4 प्रतिशत| Budget Rajkoshiya Ghata - Daily Hindi Paper | RPSC Online GK in Hindi | GK in Hindi l RPSC Notes in Hindi

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मंगलवार, 1 फ़रवरी 2022

केन्‍द्रीय बजट 2022-23 : में राजकोषीय घाटा जीडीपी का अनुमानत: 6.4 प्रतिशत| Budget Rajkoshiya Ghata

 केन्‍द्रीय बजट 2022-23  : में राजकोषीय घाटा जीडीपी का अनुमानत: 6.4 प्रतिशत

केन्‍द्रीय बजट 2022-23  : में राजकोषीय घाटा जीडीपी का अनुमानत: 6.4 प्रतिशत| Budget Rajkoshiya Ghata


  • राजकोषीय घाटा स्‍तर को 4.5 प्रतिशत के नीचे लाने के लिए राजकोषीय समेकन का व्‍यापक मार्ग बरकरार रखा गया
  • पूंजी व्‍यय को 35.4 प्रतिशत बढ़ाकर 2021-22 के 5.54 लाख करोड़ रुपये से 2022-23 में 7.50 लाख करोड़ रुपये किया गया  
  • 2022-23 में पूंजी व्‍यय परिव्‍यय जीडीपी का 2.9 प्रतिशत रहेगा
  • 2022-23 के लिए सरकार की कुल बाजार उधारियों के 11,58,719 करोड़ रुपये रहने का अनुमान

केन्‍द्रीय बजट 2022-23  : में राजकोषीय घाटा जीडीपी का अनुमानत: 6.4 प्रतिशत

केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश करते हुए कहा कि 2022-23 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान हैजोकि राजकोषीय मजबूती के उस मार्ग के अनुरूप हैजिसकी पिछले वर्ष घोषणा की गई थी कि 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत के नीचे लाया जाएगा। इसके अतिरिक्‍त, चालू वर्ष में संशोधित राजकोषीय घाटा जीडीपी का अनुमानत: 6.9 प्रतिशत हैजबकि बजट अनुमान में इसे 6.8 प्रतिशत अनुमानित किया गया था।


राजकोषीय घाटा केन्‍द्रीय बजट 2022-23 

  वित्‍त मंत्री ने कहा कि 2022-23 में राजकोषीय घाटे के स्‍तर को निर्धारित करते समय वह मजबूत तथा टिकाऊ बनने के लिए सार्वजनिक निवेश के जरिए विकास को पोषित करने की आवश्‍यकता करने के प्रति सजग रही हैं। 2022-23 के लिए सरकार के राजकोषीय घाटे 16,61,196 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। 2021-22 के लिए संशोधित अनुमान 15,06,812 करोड़ रुपये के बजट अनुमान के मुकाबले 15,91,089 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का संकेत देते हैं।


पूंजी व्‍यय केन्‍द्रीय बजट 2022-23 


   वित्‍त मंत्री ने कहा कि आम बजट में पूंजी व्‍यय के लिए परिव्‍यय को एक बार फिर 35.4 प्रतिशत की तेज वृद्धि करने के द्वारा वर्तमान वर्ष के 5.54 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2022-23 में 7.50 लाख करोड़ रुपये किया जा रहा है। इसमें 2019-20 के व्‍यय की तुलना में 2.2 गुना वृद्धि हुई है। 2022-23 में यह परिव्‍यय जीडीपी का 2.9 प्रतिशत होगा।

    वित्‍त मंत्री ने बताया कि राज्‍यों को अनुदान सहायता के जरिए पूंजी परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए किये गये प्रावधान को मिलाकर पूंजी व्‍यय के साथकेन्‍द्र सरकार के प्रभावी पूंजी व्‍यय के 2022-23 में 10.68 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान हैजो जीडीपी का 4.1 प्रतिशत होगा।

    2022-23 में कुल व्‍यय के 39.45 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान हैजबकि उधारियों के अतिरिक्‍त कुल प्राप्तियों के 22.84 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। उन्‍होंने यह भी कहा कि 2021-22 के बजट आकलनों में अनुमानित 34.83 लाख करोड़ रुपये के कुल व्‍यय के मुकाबले संशोधित अनुमान 37.70 लाख करोड़ रुपये का है।


बाजार उधारियां केन्‍द्रीय बजट 2022-23 


    2022-23 के लिए सरकार की कुल बाजार उधारियों के 11,58,719 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। 2021-22 के लिए इसके संशोधित अनुमानों के 9,67,708  करोड़ रुपये के बजट अनुमानों के मुकाबले 8,75,771 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।