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मंगलवार, 12 जुलाई 2022

भरतपुर जिले की जानकारी | Bharatpur District Details in Hindi

भरतपुर जिले की जानकारी (Bharatpur District Details in Hindi)

भरतपुर जिले की जानकारी  | Bharatpur District Details in Hindi



भरतपुर जिले की जानकारी  

  • प्रशासनीक इकाईयां- तहसील 11 पंचायत समिति 10 संभाग भरतपुर 
  • भरतपुर शहर की स्थापना जाट शासक राजा सूरजमल ने की थी। 
  • भरतपुर को राजस्थान का प्रवेश द्वार या पूर्वी द्वार भी कहा जाता है। 
  • इसका नामकरण राम के भाई भरत के नाम पर किया गया है। 
  • लक्ष्मण इस राज परिवार के कुल देव माने गये हैं। 
  • प्राचीनकाल में भरतपुर व धौलपुर का क्षेत्र सूरसेन जनपद का हिस्सा था। 
  • राठ- अलवर व भरतपुर का वो क्षेत्र जो हरियाणा की सीमा से लगता है राठ कहते है।  
  • अलवरभरतपुर व धौलपुर रियासतें एकीकरण के समय भाषायी समानता के आधार पर उत्तरप्रदेश में मिलना चाहती थी. 
  • मेव किसान आन्दोलन 1932 से 1933 नेतृत्व डा. मोहम्मद अली भारतपुर की सीमा हरियाणा व उत्तरप्रदेश से मिलती है। 
  • अन्तराज्यीय सीमा पर क्षेत्रफल में सबसे छोटा संभाग । 
  • 4 जुन 2005 को राजस्थान का सातवां संभाग भरतपुर को बनाया नोह कुषाणकालीन अवशेष मिले हैं यहां । 
  • राजस्थान के सम्पुर्ण साक्षर जिलों में भरतपुर शामिल है। 
  • भरतपुर नहर राजस्थान व उत्तरप्रदेश के मध्य भरतपुर नहर की शरुआत 1960 में हुई तथा यह 1964 में बनकर पूर्ण हुई। इस नहर से भरतपुर जिले को अत्यधिक लाभ हुआ है। 
  • रूपारैल (वाराह / लसवारी)- यह नदी अलवर जिले के थानागाजी से निकलती हैभरतपुर में समाप्त हो जाती है। अजान बांध व बांध बैराठा भरतपुर में है. 
  • मोती झील - यह झील भरतपुर नगर में स्थित है। इसका पानी सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जाता है। 

  • केवलादेव -घना यह राष्ट्रीय उद्यान भरतपुर राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। 1982 में इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। इसे यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर सूची में 1985 में शामिल किया । भरतपुर की गर्म जलवायु में सर्दियां बिताने प्रत्येक वर्ष साइबेरिया के दुर्लभ सारस यहाँ आते है। बांध बैराठा अभ्यारण्य भरतपुर में हैयहां भेडियों को संरक्षण दिया जाता है।

 

  • लोहागढ़ दुर्ग - इस दुर्ग का निर्माण महाराजा सूरजमल ने करवाया। यह दुर्ग अजेयता के कारण प्रसिद्ध है। इस दुर्ग में जवाहर बुर्ज भी है जो महाराजा जवाहरसिंह ने दिल्ली विजय के उपलक्ष्य में बनवाया था। 

 

  • पारिख दूर्ग- जिसके चारों ओर खाई हो जैसे लोहगढ़ दुर्ग डीग का किला यह किला बदनसिंह द्वारा 1730 में बनवाया गया।

 

  • बयाना का किला- यह किला ऊंचे पहाड़ पर होने के कारण दुर्भेद्यता के कारण बादशाह दुर्ग और विजयगढ़ के नाम से भी जाना जाता था। पुराणों में बयाना को शोणितपुरबाणपुरश्रीपुरश्रीपंथ कहा गया है। बयाना दुर्ग में समुद्र गुप्त द्वारा बनाया गया विजय स्तंभ राजस्थान का पहला विजय स्तंभ है।

 

  • 1527 में बाबर व राक्षणा सांगा के मध्य दो बार युद्ध हुआ फरवरी 1527 में बयाना का युद्ध भरतपुर, 17 मार्च 1527 खानवा युद्ध भरतपुर 

  • लक्ष्मण मंदिर लक्ष्मण मंदिर का निर्माण महाराजा बलवंत सिंह ने 1870 में करवाया था। 
  • डीग के जलमहल भरतपुर डीग को जलमहलों की नगरी कहा जाता है। दो तालाबों के मध्य बने जलमहल महाराजा सूरजमल द्वारा बनवाये गये थे। 
  • लाल दासी सम्प्रदाय - प्रधान पीठ नगला जहाज भरतपुर में है। संस्थापक लाल दास जी । 
  • देवबाबा जी - जन्म नगला जहाज भरतपुर में हुआ। इनका मेला भाद्र शुक्ल पंचमी को भरता है। ये गुर्जर जाति के आराध्य देव है। उपनाम ग्वालों का पालन हारा। 
  • नोटंकी - भरतपुर का प्रसिद्ध लोक नाट्य। 
  • ब्रज महोत्सव भरतपुर में फरवरी माह में बनाया जाता है। 
  • जसवन्त पशु मेला भरतपुर में मनाया जाता है। 
  • रसिया गीत - ब्रज भरतपुर व धौलपुर क्षेत्रों में गाया जाने वाला गीत है।  
  • सेवर केन्द्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र सेवर भरतपुर की स्थापना 1993 में की गयी। 
  • राजस्थान का भरतपुर जिला सरसों के उत्पादन में राज्य में प्रथम स्थान पर है।

  • सीमगों वेगन फैक्ट्री भरतपुर में स्थित रेल के डिब्बे बनाने का कारखाना जिसे 13 नवम्बर 2000 को बंद कर दिया गया है। 
  • सांसी जनजाति भरतपुर जिले में निवास करती है। 
  • राजस्थान के 4 सहकारी पशु आहार केन्द्र में से एक नदबई (नम्बई) भरतपुर में है।