बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा — 100 महत्वपूर्ण प्रश्न, उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या
भाग–1 : बाल-केंद्रित शिक्षा की मूल अवधारणा
प्रश्न 1. बाल-केंद्रित शिक्षा का सबसे उपयुक्त
अर्थ क्या है?
(A) शिक्षक
द्वारा अधिकतम व्याख्यान देना
(B) बच्चे
की आवश्यकताओं, रुचियों
और अनुभवों को सीखने की प्रक्रिया में केंद्र में रखना
(C) पाठ्यपुस्तक
को सीखने का एकमात्र स्रोत बनाना
(D) सभी
बच्चों को समान तरीके से पढ़ाना
उत्तर — (B)
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
शिक्षा में बच्चा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का सक्रिय केंद्र होता है। इसका अर्थ यह
नहीं है कि शिक्षक की भूमिका समाप्त हो जाती है। शिक्षक facilitator/सहायक की
भूमिका निभाता है और ऐसा वातावरण तैयार करता है जिसमें बच्चे प्रश्न पूछ सकें, खोज
कर सकें, अपने
अनुभव साझा कर सकें और स्वयं अर्थ का निर्माण कर सकें।
बाल-केंद्रित शिक्षा में बच्चों की—
·
रुचियाँ
·
क्षमताएँ
·
पूर्वज्ञान
·
सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि
·
सीखने की गति
·
व्यक्तिगत भिन्नताएँ
को महत्व दिया जाता है।
CTET
Trick:
जहाँ
विकल्प में child's experience, interest, active
participation, individual differences, discovery, collaboration जैसे
शब्द हों, वह
अक्सर child-centred
approach के निकट होता है।
प्रश्न 2. बाल-केंद्रित कक्षा में शिक्षक की सबसे
उपयुक्त भूमिका क्या होगी?
(A) नियंत्रक
(B) केवल
व्याख्याता
(C) facilitator
(D) केवल
परीक्षक
उत्तर — (C) Facilitator
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
शिक्षा में शिक्षक बच्चों को सीधे हर उत्तर बताने के बजाय उन्हें सोचने, प्रश्न
करने, चर्चा
करने और समाधान खोजने के अवसर देता है।
शिक्षक—
·
learning
situations बनाता है,
·
प्रश्न पूछता है,
·
बच्चों की गलतियों को समझता है,
·
feedback
देता
है,
·
सहयोगात्मक वातावरण बनाता है,
·
बच्चों के पूर्वज्ञान से नए ज्ञान को
जोड़ता है।
इसलिए शिक्षक की भूमिका समाप्त नहीं
होती बल्कि अधिक
सक्रिय और मार्गदर्शक हो जाती है।
प्रश्न 3. निम्न में से कौन-सा बाल-केंद्रित
शिक्षा का लक्षण नहीं है?
(A) बच्चे
की सक्रिय भागीदारी
(B) अनुभव
आधारित अधिगम
(C) शिक्षक
का एकमात्र ज्ञान-स्रोत होना
(D) व्यक्तिगत
भिन्नताओं का सम्मान
उत्तर — (C)
व्याख्या:
परंपरागत
शिक्षक-केंद्रित शिक्षा में शिक्षक को ज्ञान का मुख्य या एकमात्र स्रोत माना जाता
है। बाल-केंद्रित शिक्षा में ज्ञान केवल शिक्षक से नहीं आता।
बच्चे—
·
अपने अनुभवों से,
·
साथियों से,
·
पर्यावरण से,
·
गतिविधियों से,
·
पुस्तकों और अन्य संसाधनों से
सीखते हैं।
प्रश्न 4. बाल-केंद्रित शिक्षा में बच्चे को किस
रूप में देखा जाता है?
(A) निष्क्रिय
ग्रहणकर्ता
(B) खाली
पात्र
(C) सक्रिय
शिक्षार्थी
(D) केवल
अनुशासन का पालन करने वाला
उत्तर — (C)
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
दृष्टिकोण में बच्चा स्वयं सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाता है। वह
केवल शिक्षक द्वारा दी गई जानकारी को याद नहीं करता बल्कि अपने अनुभवों और
पूर्वज्ञान के आधार पर अर्थ का निर्माण करता है।
यही विचार constructivist approach से
भी जुड़ा है।
प्रश्न 5. यदि शिक्षक बच्चों को किसी समस्या का
समाधान स्वयं खोजने देता है, तो यह किस दृष्टिकोण को दर्शाता है?
(A) रटने
पर आधारित शिक्षा
(B) बाल-केंद्रित
शिक्षा
(C) दंडात्मक
शिक्षा
(D) शिक्षक-केंद्रित
शिक्षा
उत्तर — (B)
व्याख्या:
समस्या
समाधान में बच्चे को सक्रिय भूमिका मिलती है। शिक्षक सीधे उत्तर देने के बजाय ऐसी
परिस्थिति बनाता है जिसमें बच्चा—
1.
समस्या को समझे,
2.
अनुमान लगाए,
3.
विभिन्न तरीके आजमाए,
4.
चर्चा करे,
5.
निष्कर्ष तक पहुँचे।
यह active learning और constructivist learning दोनों
से संबंधित है।
भाग–2 : बाल-केंद्रित बनाम शिक्षक-केंद्रित शिक्षा
प्रश्न 6. शिक्षक-केंद्रित कक्षा में सामान्यतः
क्या प्रमुख होता है?
(A) बच्चों
की खोज
(B) शिक्षक
का व्याख्यान
(C) समूह
चर्चा
(D) परियोजना
कार्य
उत्तर — (B)
व्याख्या:
Teacher-centred approach में शिक्षक शिक्षण की प्रक्रिया को
नियंत्रित करता है। बच्चे प्रायः सुनते हैं, नोट करते हैं और शिक्षक द्वारा दी गई
जानकारी को ग्रहण करते हैं।
इसके विपरीत child-centred approach में—
Teacher
tells less → facilitates more.
CTET
में
दोनों दृष्टिकोणों के अंतर को situation-based questions के माध्यम से पूछा जा सकता है।
प्रश्न 7. निम्न में से कौन-सी गतिविधि
बाल-केंद्रित दृष्टिकोण के सबसे अनुकूल है?
(A) शिक्षक
द्वारा पूरे समय व्याख्यान
(B) बच्चों
से केवल पाठ याद करवाना
(C) बच्चों
को समूह में समस्या पर चर्चा करवाना
(D) केवल
पुस्तक से उत्तर लिखवाना
उत्तर — (C)
व्याख्या:
समूह
चर्चा बच्चों को सक्रिय बनाती है। इसमें बच्चे—
·
विचार व्यक्त करते हैं,
·
दूसरों के विचार सुनते हैं,
·
तर्क करते हैं,
·
सहयोग करते हैं,
·
वैकल्पिक समाधान देखते हैं।
इससे cognitive और social दोनों प्रकार का विकास होता है।
प्रश्न 8. बाल-केंद्रित शिक्षा में पाठ्यक्रम का
स्वरूप कैसा होना चाहिए?
(A) पूर्णतः
कठोर
(B) बच्चों
की आवश्यकताओं के अनुसार लचीला
(C) केवल
परीक्षा आधारित
(D) केवल
शिक्षक की सुविधा आधारित
उत्तर — (B)
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
curriculum बच्चों
की developmental needs,
interests, experiences और local context से जुड़ा होना चाहिए।
लचीलापन महत्वपूर्ण है क्योंकि सभी
बच्चे—
·
समान गति से नहीं सीखते,
·
समान अनुभव नहीं रखते,
·
समान रुचियाँ नहीं रखते।
प्रश्न 9. एक शिक्षक सभी बच्चों को एक ही विधि और
एक ही गति से पढ़ाता है। बाल-केंद्रित दृष्टिकोण से इसमें मुख्य समस्या क्या है?
(A) शिक्षक
बहुत कम पढ़ाता है
(B) व्यक्तिगत
भिन्नताओं की उपेक्षा होती है
(C) बच्चे
बहुत अधिक सक्रिय होते हैं
(D) पाठ्यपुस्तक
का उपयोग नहीं होता
उत्तर — (B)
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार है—individual
differences।
कक्षा में बच्चों की—
·
बुद्धि,
·
रुचि,
·
भाषा,
·
पूर्वज्ञान,
·
सीखने की गति,
·
सामाजिक पृष्ठभूमि
अलग हो सकती है।
इसलिए एक ही rigid method सभी
बच्चों के लिए समान रूप से प्रभावी नहीं हो सकती।
प्रश्न 10. बाल-केंद्रित शिक्षा में “learning by doing” का
क्या महत्व है?
उत्तर: बच्चों
को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर मिलता है।
व्याख्या:
केवल
सुनने की अपेक्षा करके सीखना अधिक प्रभावी नहीं माना जाता। जब बच्चे स्वयं किसी
गतिविधि में भाग लेते हैं,
तो
वे—
करते हैं → देखते
हैं →
सोचते हैं → अनुभव
करते हैं →
निष्कर्ष निकालते हैं।
उदाहरण: विज्ञान में पौधे के भागों को
केवल चित्र से याद कराने के बजाय वास्तविक पौधे का निरीक्षण करवाना।
भाग–3 : प्रगतिशील शिक्षा
प्रश्न 11. प्रगतिशील शिक्षा का संबंध मुख्य रूप से
किस विचार से है?
(A) कठोर
अनुशासन
(B) बच्चे
के अनुभव और सक्रिय सहभागिता
(C) रटने
की प्रक्रिया
(D) केवल
परीक्षा परिणाम
उत्तर — (B)
व्याख्या:
Progressive education शिक्षा को बच्चे के जीवन और अनुभवों से
जोड़ती है। इसमें learning
को
केवल information
transfer नहीं माना जाता।
बच्चे—
·
अनुभव करते हैं,
·
समस्या हल करते हैं,
·
प्रश्न पूछते हैं,
·
सहयोग करते हैं,
·
सामाजिक परिस्थितियों से सीखते हैं।
प्रगतिशील शिक्षा का प्रमुख नाम John Dewey से
जुड़ा है।
प्रश्न 12. “Learning by doing” का
संबंध किस शिक्षाविद् से विशेष रूप से जोड़ा जाता है?
(A) जॉन
डीवी
(B) पावलव
(C) थॉर्नडाइक
(D) स्किनर
उत्तर — (A) John Dewey
व्याख्या:
John Dewey ने शिक्षा को जीवन और अनुभव से जोड़ने
पर जोर दिया। उनके अनुसार शिक्षा केवल भविष्य के लिए तैयारी नहीं बल्कि स्वयं जीवन
की प्रक्रिया है।
उनकी progressive education में—
·
अनुभव,
·
activity,
·
problem
solving,
·
democracy,
·
social
interaction
महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 13. प्रगतिशील शिक्षा में “अनुभव” को
महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
उत्तर: क्योंकि
अनुभव के माध्यम से बच्चा ज्ञान को अपने जीवन से जोड़कर अर्थपूर्ण ढंग से समझता
है।
व्याख्या:
यदि
बच्चा केवल परिभाषा याद करता है तो ज्ञान निष्क्रिय हो सकता है। लेकिन यदि वह
वास्तविक परिस्थिति में concept
का
प्रयोग करता है, तो
learning अधिक
meaningful बनती
है।
उदाहरण:
“सहयोग”
की
परिभाषा याद करने की बजाय समूह में ऐसा कार्य करना जिसमें सभी सदस्यों को मिलकर समाधान
निकालना पड़े।
प्रश्न 14. John Dewey के अनुसार विद्यालय
को किस प्रकार का स्थान होना चाहिए?
(A) केवल
परीक्षा की तैयारी का केंद्र
(B) सामाजिक
जीवन का लघु रूप
(C) केवल
अनुशासन का स्थान
(D) केवल
पुस्तक पढ़ने का स्थान
उत्तर — (B)
व्याख्या:
Dewey विद्यालय को democratic social life से जोड़ते हैं। बच्चे विद्यालय में
सामाजिक व्यवहार, सहयोग, जिम्मेदारी, निर्णय
लेना और लोकतांत्रिक मूल्यों का अनुभव करते हैं।
इसलिए विद्यालय केवल textbook learning का
स्थान नहीं है।
प्रश्न 15. प्रगतिशील शिक्षा में लोकतंत्र का क्या
महत्व है?
उत्तर: बच्चों
को विचार व्यक्त करने, निर्णय
प्रक्रिया में भाग लेने और दूसरों के विचारों का सम्मान करने का अवसर मिलता है।
व्याख्या:
Democratic classroom में शिक्षक केवल आदेश देने वाला व्यक्ति
नहीं होता। बच्चों को—
·
प्रश्न पूछने,
·
असहमति व्यक्त करने,
·
चर्चा करने,
·
निर्णय में भाग लेने
का अवसर मिलता है।
यह responsible citizenship के
विकास में सहायक है।
भाग–4 : शिक्षक की भूमिका
प्रश्न 16. बाल-केंद्रित कक्षा में शिक्षक को बच्चे
की गलत प्रतिक्रिया मिलने पर क्या करना चाहिए?
(A) बच्चे
को तुरंत दंड देना
(B) बच्चे
को शर्मिंदा करना
(C) गलती
के कारण को समझना और उपयुक्त feedback देना
(D) बच्चे
को कक्षा से बाहर भेजना
उत्तर — (C)
व्याख्या:
Constructivist दृष्टिकोण में गलती learning process का
महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। बच्चे की गलती यह संकेत दे सकती है कि उसके concept में
कोई misconception है।
शिक्षक को पूछना चाहिए—
“तुमने
ऐसा क्यों सोचा?”
इससे शिक्षक बच्चे की thinking process समझ
सकता है।
प्रश्न 17. बाल-केंद्रित शिक्षक का सबसे महत्वपूर्ण
गुण क्या है?
(A) केवल
विषय का बहुत अधिक ज्ञान
(B) बच्चों
की सोच और आवश्यकताओं को समझना
(C) कठोर
अनुशासन
(D) अधिक
homework देना
उत्तर — (B)
व्याख्या:
विषय
ज्ञान आवश्यक है, लेकिन
बाल-केंद्रित शिक्षक को यह भी समझना चाहिए कि अलग-अलग बच्चे किस प्रकार सीखते हैं।
उसे learner को समझकर—
·
teaching
method,
·
questions,
·
activities,
·
assessment
में आवश्यक बदलाव करने चाहिए।
प्रश्न 18. यदि कोई बच्चा शिक्षक से बार-बार प्रश्न
पूछता है तो बाल-केंद्रित शिक्षक को क्या करना चाहिए?
(A) उसे
चुप करा देना
(B) प्रश्न
पूछने की आदत रोक देना
(C) उसकी
जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना
(D) उसे
अतिरिक्त दंड देना
उत्तर — (C)
व्याख्या:
Curiosity learning का महत्वपूर्ण आधार है। प्रश्न पूछने
वाला बच्चा केवल जानकारी नहीं मांग रहा होता; वह अपने mental model को विकसित कर रहा
होता है।
अच्छा शिक्षक प्रश्नों को—
·
discussion,
·
investigation,
·
experimentation
का आधार बना सकता है।
प्रश्न 19. बाल-केंद्रित शिक्षक बच्चों के
पूर्वज्ञान का उपयोग क्यों करता है?
उत्तर: क्योंकि
नया ज्ञान प्रायः बच्चे के पहले से मौजूद ज्ञान और अनुभवों से जुड़कर अधिक
अर्थपूर्ण बनता है।
व्याख्या:
यदि
शिक्षक बिना यह जाने कि बच्चे पहले से क्या जानते हैं, नया
topic शुरू
करता है तो learning में
कठिनाई हो सकती है।
उदाहरण:
भिन्न
पढ़ाने से पहले शिक्षक पूछे—
“यदि
एक रोटी चार बच्चों में बराबर बाँटनी हो तो प्रत्येक को कितना मिलेगा?”
बच्चे के दैनिक अनुभव को mathematical concept से
जोड़ा जाता है।
प्रश्न 20. बाल-केंद्रित शिक्षक के लिए सबसे
उपयुक्त assessment कौन-सा
है?
(A) केवल
वार्षिक परीक्षा
(B) केवल
memorization test
(C) सतत
और विविध प्रकार का assessment
(D) केवल
मौखिक परीक्षा
उत्तर — (C)
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
assessment केवल
अंतिम अंक देने का माध्यम नहीं है। इसका उद्देश्य learning को समझना और सुधारना भी है।
इसमें शामिल हो सकते हैं—
·
observation,
·
oral
questions,
·
projects,
·
activities,
·
worksheets,
·
portfolios,
·
peer
assessment,
·
self-assessment.
भाग–5 : रचनावाद और बाल-केंद्रित शिक्षा
प्रश्न 21. रचनावादी दृष्टिकोण में ज्ञान को कैसे
देखा जाता है?
(A) शिक्षक
द्वारा सीधे transfer की
जाने वाली वस्तु
(B) बच्चे
द्वारा सक्रिय रूप से निर्मित अर्थ
(C) केवल
textbook में
उपलब्ध जानकारी
(D) केवल
परीक्षा में प्राप्त अंक
उत्तर — (B)
व्याख्या:
Constructivism के अनुसार learner अपने
पूर्वज्ञान, अनुभव
और सामाजिक interaction के
आधार पर knowledge
construct करता है।
इसलिए teacher का काम केवल “knowledge देना” नहीं
बल्कि learning environment बनाना है।
प्रश्न 22. निम्न में से कौन-सी गतिविधि constructivist approach के
अधिक अनुकूल है?
(A) परिभाषा
दस बार लिखना
(B) उत्तर
याद करना
(C) बच्चों
को विभिन्न समाधान खोजने देना
(D) शिक्षक
की बात बिना प्रश्न किए लिखना
उत्तर — (C)
व्याख्या:
एक
ही समस्या के कई समाधान खोजने से बच्चे reasoning और critical thinking का उपयोग करते हैं।
यह constructivist learning की
महत्वपूर्ण विशेषता है।
प्रश्न 23. यदि दो बच्चे किसी गणितीय समस्या को
अलग-अलग तरीकों से हल करते हैं, तो शिक्षक को क्या करना चाहिए?
(A) केवल
एक सही तरीका स्वीकार करना
(B) दोनों
तरीकों पर चर्चा करवाना
(C) दूसरे
बच्चे की विधि को गलत बताना
(D) बच्चों
को उत्तर बताना
उत्तर — (B)
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
और constructivist
classroom में बच्चों की thinking को
महत्व दिया जाता है।
शिक्षक दोनों विधियों पर चर्चा करवाकर
पूछ सकता है—
·
तुमने यह तरीका क्यों चुना?
·
क्या दोनों तरीकों से वही उत्तर आता है?
·
कौन-सा तरीका कब उपयोगी हो सकता है?
इससे mathematical reasoning विकसित
होती है।
प्रश्न 24. बाल-केंद्रित शिक्षा में peer learning का
महत्व क्या है?
उत्तर: बच्चे
एक-दूसरे से विचार, रणनीतियाँ
और अनुभव साझा करके सीखते हैं।
व्याख्या:
साथियों
के साथ बातचीत से बच्चा अपनी सोच को स्पष्ट करता है। कई बार बच्चा किसी concept को
अपने साथी की भाषा में अधिक आसानी से समझ सकता है।
Peer
learning से—
·
communication,
·
cooperation,
·
reasoning,
·
social
skills
का विकास होता है।
प्रश्न 25. “बच्चे अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं करते
हैं” यह
कथन किस दृष्टिकोण से संबंधित है?
(A) Behaviorism
(B) Constructivism
(C) केवल
lecture method
(D) authoritarian education
उत्तर — (B)
व्याख्या:
Constructivism learner को active meaning-maker मानता है।
भाग–6 : व्यक्तिगत भिन्नताएँ
प्रश्न 26. बाल-केंद्रित शिक्षा में individual differences को
ध्यान में रखना क्यों आवश्यक है?
उत्तर: क्योंकि
सभी बच्चों की learning
needs, abilities, interests और backgrounds समान नहीं होते।
व्याख्या:
एक
ही गतिविधि एक बच्चे के लिए आसान और दूसरे के लिए कठिन हो सकती है। इसलिए teacher को
flexible strategies अपनानी
चाहिए।
प्रश्न 27. यदि एक बच्चा धीरे सीखता है तो
बाल-केंद्रित शिक्षक को क्या करना चाहिए?
(A) उसकी
तुलना तेज सीखने वाले बच्चे से करना
(B) उसे
कमजोर घोषित करना
(C) अतिरिक्त
समय और उपयुक्त support देना
(D) उसे
कक्षा से अलग कर देना
उत्तर — (C)
व्याख्या:
Slow learning का अर्थ यह नहीं कि बच्चा सीख नहीं
सकता। Teacher को
उसकी learning difficulty
के
कारण समझकर scaffolding और
अतिरिक्त practice देनी
चाहिए।
प्रश्न 28. बच्चों की तुलना एक-दूसरे से करना
बाल-केंद्रित शिक्षा के विरुद्ध क्यों है?
उत्तर: इससे
बच्चों में competition,
labeling और हीनता की भावना पैदा हो सकती है तथा individual progress की
उपेक्षा होती है।
व्याख्या:
बेहतर
approach है
कि बच्चे की तुलना उसकी पूर्व performance से
की जाए।
प्रश्न 29. बाल-केंद्रित कक्षा में “हर
बच्चे को समान अवसर” का
अर्थ क्या है?
(A) हर
बच्चे को बिल्कुल समान सहायता देना
(B) हर
बच्चे की आवश्यकता के अनुसार अवसर और support देना
(C) केवल
अच्छे विद्यार्थियों को अवसर देना
(D) सभी
बच्चों से समान परिणाम की अपेक्षा करना
उत्तर — (B)
व्याख्या:
Equality और equity में अंतर है।
Equality: सभी
को समान संसाधन।
Equity: आवश्यकता
के अनुसार उचित support।
बाल-केंद्रित और inclusive education equity को
महत्व देती है।
प्रश्न 30. एक शिक्षक अलग-अलग बच्चों को अलग-अलग
प्रकार की learning
activities देता है। यह किस सिद्धांत को दर्शाता है?
उत्तर: व्यक्तिगत
भिन्नताओं का सम्मान।
व्याख्या:
कुछ
बच्चे visual material से
बेहतर सीख सकते हैं, कुछ
discussion से
और कुछ hands-on
activities से। इसलिए विविध instructional strategies उपयोगी
होती हैं।
भाग–7 : गतिविधि एवं अनुभव आधारित शिक्षा
प्रश्न 31. Activity-based learning का
मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: बच्चे
को सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करना।
व्याख्या:
Activity केवल मनोरंजन नहीं है। अच्छी activity का
स्पष्ट learning
objective होना चाहिए।
उदाहरण:
गणित में बाजार की काल्पनिक गतिविधि के
माध्यम से—
·
जोड़,
·
घटाव,
·
धन,
·
अनुमान
सिखाए जा सकते हैं।
प्रश्न 32. अनुभवात्मक अधिगम में शिक्षक का मुख्य
कार्य क्या है?
उत्तर: बच्चों
को अनुभव देना और उस अनुभव पर reflection तथा discussion के अवसर उपलब्ध कराना।
व्याख्या:
केवल
activity करवाना
experiential learning नहीं
है। बच्चे को यह समझना भी जरूरी है कि—
“मैंने
क्या किया?”
“मैंने क्या देखा?”
“मैंने क्या सीखा?”
“मैं इसका उपयोग कहाँ कर सकता हूँ?”
प्रश्न 33. परियोजना विधि बाल-केंद्रित क्यों मानी
जाती है?
उत्तर: क्योंकि
इसमें बच्चे समस्या/विषय पर सक्रिय रूप से कार्य करते हैं और वास्तविक
परिस्थितियों से सीखते हैं।
व्याख्या:
Project work में planning, investigation, cooperation और
presentation शामिल
हो सकते हैं।
प्रश्न 34. कक्षा में स्थानीय संसाधनों का उपयोग
बाल-केंद्रित शिक्षा को कैसे बढ़ाता है?
उत्तर: यह
सीखने को बच्चों के वास्तविक जीवन और अनुभवों से जोड़ता है।
व्याख्या:
स्थानीय—
·
बाजार,
·
पौधे,
·
जलस्रोत,
·
स्थानीय व्यवसाय,
·
लोककला,
·
परिवार के अनुभव
learning
resources बन सकते हैं।
इससे knowledge अधिक contextual और meaningful बनता है।
प्रश्न 35. बाल-केंद्रित शिक्षा में field visit का
महत्व क्या है?
उत्तर: बच्चे
वास्तविक परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करते हैं।
व्याख्या:
उदाहरण:
पर्यावरण
पढ़ाते समय केवल पुस्तक में नदी का चित्र दिखाने के बजाय स्थानीय जलस्रोत का observation करवाना
अधिक अनुभवात्मक हो सकता है।
भाग–8 : प्रश्न पूछना और चर्चा
प्रश्न 36. बाल-केंद्रित शिक्षक को किस प्रकार के
प्रश्न अधिक पूछने चाहिए?
(A) केवल
हाँ/नहीं वाले प्रश्न
(B) केवल
तथ्य याद कराने वाले प्रश्न
(C) खुले
और सोचने के लिए प्रेरित करने वाले प्रश्न
(D) केवल
पुस्तक के प्रश्न
उत्तर — (C)
व्याख्या:
Open-ended questions बच्चों को reasoning और
creativity के
लिए प्रेरित करते हैं।
उदाहरण:
“पौधे
को पानी क्यों चाहिए?” की
जगह—
“यदि
किसी पौधे को कई दिनों तक पानी न मिले तो क्या होगा और क्यों?”
दूसरा प्रश्न reasoning की
मांग करता है।
प्रश्न 37. शिक्षक द्वारा “तुम
ऐसा क्यों सोचते हो?” पूछना
किसका उदाहरण है?
उत्तर: बच्चे
की thinking और
reasoning को
समझने का।
व्याख्या:
CTET में ऐसे प्रश्न बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि child-centred teacher केवल
सही/गलत नहीं देखता बल्कि child's
thought process
समझता
है।
प्रश्न 38. चर्चा आधारित कक्षा का सबसे बड़ा लाभ
क्या है?
उत्तर: बच्चों
को अपने विचार व्यक्त करने और दूसरों के दृष्टिकोण समझने का अवसर मिलता है।
व्याख्या:
Discussion से communication, listening और
reasoning skills विकसित
होती हैं।
प्रश्न 39. यदि बच्चे का उत्तर गलत है तो शिक्षक को
तुरंत सही उत्तर क्यों नहीं बताना चाहिए?
उत्तर: क्योंकि
बच्चे की सोच को समझना और उसे स्वयं सही निष्कर्ष तक पहुँचने का अवसर देना अधिक
शिक्षाप्रद हो सकता है।
व्याख्या:
Teacher पूछ सकता है—
“तुमने
इस उत्तर तक कैसे पहुँचा?”
इससे misconception का पता चलता है।
प्रश्न 40. बाल-केंद्रित शिक्षा में classroom discussion का
उद्देश्य क्या है?
उत्तर: केवल
सही उत्तर प्राप्त करना नहीं बल्कि विचारों का आदान-प्रदान और reasoning विकसित
करना।
भाग–9 : लोकतांत्रिक एवं सामाजिक शिक्षा
प्रश्न 41. प्रगतिशील शिक्षा में classroom को
democratic बनाने
का अर्थ क्या है?
उत्तर: बच्चों
को विचार व्यक्त करने, सुनने, सहयोग
करने और निर्णय प्रक्रियाओं में उचित भागीदारी का अवसर देना।
प्रश्न 42. निम्न में से कौन-सा democratic classroom का
लक्षण है?
(A) शिक्षक
के विचार को हमेशा अंतिम मानना
(B) बच्चों
को प्रश्न पूछने की अनुमति न देना
(C) विभिन्न
विचारों का सम्मान
(D) असहमति
पर दंड
उत्तर — (C)
व्याख्या:
Democratic classroom में disagreement को learning opportunity माना
जा सकता है, यदि
वह सम्मानपूर्वक हो।
प्रश्न 43. प्रगतिशील शिक्षा में सहयोगात्मक अधिगम
क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: क्योंकि
सीखना केवल व्यक्तिगत प्रक्रिया नहीं बल्कि सामाजिक interaction से
भी विकसित होता है।
व्याख्या:
बच्चे
साथियों के साथ—
·
विचार साझा करते हैं,
·
समस्याएँ हल करते हैं,
·
जिम्मेदारी बाँटते हैं,
·
communication
करते
हैं।
प्रश्न 44. “विद्यालय समाज का लघु रूप है”—यह
विचार किससे संबंधित है?
उत्तर — John Dewey
व्याख्या:
Dewey के अनुसार school को वास्तविक सामाजिक जीवन से अलग नहीं
होना चाहिए। विद्यालय में बच्चे democratic participation, cooperation और
social responsibility का
अनुभव करें।
प्रश्न 45. प्रगतिशील शिक्षा का अंतिम लक्ष्य केवल
परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना क्यों नहीं है?
उत्तर: क्योंकि
शिक्षा का उद्देश्य बच्चे के बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक और व्यावहारिक विकास को भी
बढ़ावा देना है।
भाग–10 : जिज्ञासा, स्वतंत्रता और रचनात्मकता
प्रश्न 46. बाल-केंद्रित शिक्षा में curiosity को
कैसे देखा जाता है?
उत्तर: learning की
महत्वपूर्ण प्रेरक शक्ति के रूप में।
व्याख्या:
जब
बच्चा “क्यों?”, “कैसे?” और
“यदि
ऐसा हो तो?” पूछता
है, तब
वह concept को
गहराई से समझने का प्रयास करता है।
प्रश्न 47. यदि शिक्षक बच्चों को एक प्रश्न के अनेक
संभावित उत्तर खोजने देता है, तो वह किसे बढ़ावा देता है?
(A) रटने
को
(B) creativity और
divergent thinking को
(C) केवल
अनुशासन को
(D) mechanical learning को
उत्तर — (B)
प्रश्न 48. बाल-केंद्रित शिक्षा में creativity विकसित
करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
उत्तर: बच्चों
को खुले-ended tasks, समस्या
समाधान, experimentation और
अपने विचार व्यक्त करने के अवसर देना।
प्रश्न 49. बच्चे को अपनी learning strategy चुनने
देना किस दृष्टिकोण से संबंधित है?
उत्तर: learner autonomy और
child-centred education।
व्याख्या:
जब
उपयुक्त हो, बच्चों
को यह चुनने दिया जा सकता है कि वे किसी task को—
·
drawing,
·
model,
·
presentation,
·
writing,
·
discussion
के माध्यम से कैसे प्रस्तुत करेंगे।
प्रश्न 50. बाल-केंद्रित कक्षा में स्वतंत्रता का
अर्थ क्या है?
(A) बच्चा
जो चाहे करे
(B) कोई
नियम न होना
(C) जिम्मेदार
और उद्देश्यपूर्ण विकल्प चुनने का अवसर
(D) शिक्षक
की भूमिका समाप्त होना
उत्तर — (C)
व्याख्या:
Freedom का अर्थ indiscipline नहीं है।
बाल-केंद्रित शिक्षा में freedom
के
साथ responsibility भी
होती है।
भाग–11 : मूल्यांकन
प्रश्न 51. बाल-केंद्रित मूल्यांकन का प्रमुख
उद्देश्य क्या है?
उत्तर: बच्चे
की learning को
समझना और उसमें सुधार करना।
प्रश्न 52. Formative assessment बाल-केंद्रित
शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?
उत्तर: क्योंकि
यह learning के
दौरान feedback देता
है और शिक्षक को teaching
strategy में सुधार करने में मदद करता है।
व्याख्या:
यदि
शिक्षक assessment के
दौरान पाता है कि अधिकांश बच्चे concept नहीं समझे हैं, तो
उसे आगे बढ़ने के बजाय—
·
पुनः समझाना,
·
उदाहरण बदलना,
·
activity
कराना,
·
peer
learning करवाना
चाहिए।
प्रश्न 53. Portfolio किस प्रकार के assessment का
उदाहरण है?
उत्तर: बच्चे
के समय के साथ किए गए कार्यों और progress का evidence।
व्याख्या:
Portfolio केवल एक परीक्षा के score की
बजाय learner की
development को
व्यापक रूप से देखने में मदद करता है।
प्रश्न 54. बाल-केंद्रित assessment में
केवल final marks पर
निर्भर रहना क्यों उचित नहीं है?
उत्तर: क्योंकि
marks learning process,
effort, reasoning, creativity और progress की पूरी तस्वीर नहीं देते।
प्रश्न 55. Self-assessment का
लाभ क्या है?
उत्तर: बच्चा
अपनी learning, strengths
और
areas for improvement पर
विचार करना सीखता है।
भाग–12 : समावेशन और बाल-केंद्रित शिक्षा
प्रश्न 56. Inclusive classroom बाल-केंद्रित
क्यों मानी जाती है?
उत्तर: क्योंकि
इसमें विविध क्षमताओं और पृष्ठभूमियों वाले बच्चों को साथ सीखने और भाग लेने के
अवसर दिए जाते हैं।
प्रश्न 57. एक कक्षा में अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि
वाले बच्चे हैं। बाल-केंद्रित शिक्षक को क्या करना चाहिए?
(A) केवल
dominant language वाले
बच्चों पर ध्यान देना
(B) बच्चों
की भाषाई विविधता को learning
resource के रूप में उपयोग करना
(C) दूसरी
भाषाएँ बोलने पर रोक लगाना
(D) कमजोर
बच्चों को अलग करना
उत्तर — (B)
व्याख्या:
बच्चे
की home language उसके
ज्ञान और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिक्षक multilingual resources, peer support और
स्थानीय भाषाई उदाहरणों का उपयोग कर सकता है।
प्रश्न 58. बाल-केंद्रित inclusive education में
diversity को
कैसे देखा जाता है?
उत्तर: समस्या
के रूप में नहीं बल्कि classroom
resource और learning opportunity के रूप में।
प्रश्न 59. विशेष आवश्यकता वाले बच्चे के लिए
बाल-केंद्रित शिक्षक का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए?
उत्तर: उसकी
आवश्यकताओं के अनुसार उचित support, adaptation और participation सुनिश्चित करना।
व्याख्या:
उद्देश्य
बच्चे को अलग करना नहीं बल्कि उसे सीखने में meaningful participation देना
है।
प्रश्न 60. यदि किसी बच्चे को लिखने में कठिनाई है
तो शिक्षक का सबसे उपयुक्त कदम क्या होगा?
(A) उसे
असफल घोषित करना
(B) उसे
सभी गतिविधियों से बाहर रखना
(C) आवश्यकता
के अनुसार वैकल्पिक response/support
देना
(D) उसे
दंड देना
उत्तर — (C)
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
शिक्षा learner की
जरूरतों के अनुसार teaching
और
assessment में
उचित adaptation की
बात करती है।
भाग–13 : Motivation और बाल-केंद्रित शिक्षा
प्रश्न 61. बाल-केंद्रित शिक्षा में intrinsic motivation को
क्यों महत्व दिया जाता है?
उत्तर: क्योंकि
बच्चा सीखने में स्वयं रुचि और संतुष्टि अनुभव करता है।
व्याख्या:
यदि
बच्चा केवल—
“अंक
मिलेंगे इसलिए पढ़ रहा हूँ”
तो motivation बाहरी है।
यदि वह—
“मैं
जानना चाहता हूँ कि ऐसा क्यों होता है”
तो यह intrinsic motivation का
उदाहरण है।
प्रश्न 62. शिक्षक को बच्चों को motivate करने
के लिए किस प्रकार का वातावरण बनाना चाहिए?
उत्तर: सुरक्षित, सहयोगात्मक
और प्रश्न पूछने के लिए स्वतंत्र वातावरण।
प्रश्न 63. बच्चे की छोटी उपलब्धियों की सराहना
क्यों उपयोगी है?
उत्तर: इससे
self-confidence और
learning motivation बढ़
सकती है।
महत्वपूर्ण:
सराहना
केवल “तुम
बहुत बुद्धिमान हो” तक
सीमित नहीं होनी चाहिए। प्रयास और strategy पर feedback अधिक उपयोगी हो सकता है, जैसे—
“तुमने
समस्या हल करने के लिए दूसरा तरीका खोजने की कोशिश की।”
प्रश्न 64. बाल-केंद्रित कक्षा में punishment की
जगह किसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए?
उत्तर: सकारात्मक
guidance, feedback और
उचित classroom
management को।
प्रश्न 65. यदि बच्चा उत्तर देने से डरता है तो
शिक्षक को क्या करना चाहिए?
उत्तर: ऐसा
वातावरण बनाना चाहिए जिसमें गलत उत्तर देना भी सीखने की प्रक्रिया का सामान्य
हिस्सा माना जाए।
भाग–14 : पाठ्यपुस्तक और संसाधन
प्रश्न 66. बाल-केंद्रित शिक्षा में textbook को
कैसे देखा जाना चाहिए?
(A) ज्ञान
का एकमात्र स्रोत
(B) learning का
एक संसाधन
(C) अंतिम
सत्य
(D) केवल
परीक्षा का साधन
उत्तर — (B)
व्याख्या:
पुस्तक
महत्वपूर्ण resource है, लेकिन
बच्चों को वास्तविक जीवन,
स्थानीय
संसाधनों, डिजिटल
सामग्री, गतिविधियों
और अनुभवों से भी सीखने का अवसर मिलना चाहिए।
प्रश्न 67. यदि textbook में किसी विषय का उदाहरण बच्चों के
स्थानीय जीवन से बिल्कुल जुड़ा नहीं है तो शिक्षक को क्या करना चाहिए?
उत्तर: स्थानीय
और परिचित उदाहरण जोड़ने चाहिए।
व्याख्या:
Contextualisation learning को meaningful बनाती है।
प्रश्न 68. बाल-केंद्रित classroom में
teaching-learning
material का चयन किस आधार पर होना चाहिए?
उत्तर: बच्चों
की उम्र, जरूरत, learning objectives, context और
accessibility के
आधार पर।
प्रश्न 69. केवल lecture की जगह teaching-learning materials का
उपयोग क्यों उपयोगी हो सकता है?
उत्तर: इससे
abstract concepts को
अधिक concrete और
अनुभवात्मक बनाया जा सकता है।
प्रश्न 70. स्थानीय समुदाय को learning resource के
रूप में उपयोग करना किस दृष्टिकोण से मेल खाता है?
उत्तर: अनुभवात्मक, contextual और
बाल-केंद्रित शिक्षा।
भाग–15 : कक्षा की परिस्थितियों पर आधारित प्रश्न
प्रश्न 71. शिक्षक पूछता है—“इस
समस्या को हल करने के कितने तरीके हो सकते हैं?” यह किस प्रकार की teaching है?
उत्तर: बाल-केंद्रित
और higher-order thinking
को
बढ़ावा देने वाली teaching।
व्याख्या:
यह
प्रश्न केवल एक निर्धारित उत्तर याद करने की मांग नहीं करता बल्कि possibilities खोजने
को प्रेरित करता है।
प्रश्न 72. शिक्षक बच्चों को पहले समस्या देता है
और बाद में concept पर
चर्चा करता है। यह किस दृष्टिकोण से मेल खाता है?
उत्तर: Problem-based/constructivist
learning।
प्रश्न 73. बच्चे किसी experiment का
अनुमान लगाते हैं और फिर प्रयोग करके अपने अनुमान की जाँच करते हैं। यह क्या
दर्शाता है?
उत्तर: Inquiry-based और
experiential learning।
प्रश्न 74. शिक्षक कहता है, “तुम्हारा
उत्तर गलत है, सही
उत्तर मेरी पुस्तक में दिया है।” इसमें कौन-सी समस्या है?
उत्तर: शिक्षक
बच्चे की reasoning और
alternative thinking को
पर्याप्त महत्व नहीं दे रहा।
प्रश्न 75. बच्चों को समूह बनाकर स्थानीय
जल-स्रोतों की जानकारी एकत्र करने को कहा गया। यह किसका उदाहरण है?
उत्तर: Project-based, collaborative और
experiential learning।
प्रश्न 76. एक बच्चा किसी प्रश्न का ऐसा उत्तर देता
है जो textbook के
उत्तर से अलग है लेकिन तर्कपूर्ण है। शिक्षक को क्या करना चाहिए?
उत्तर: बच्चे
से उसके तर्क की व्याख्या करवानी चाहिए और उत्तर पर कक्षा में चर्चा करनी चाहिए।
व्याख्या:
CTET में यह बहुत महत्वपूर्ण principle है—answer
से अधिक reasoning को
महत्व देना।
प्रश्न 77. शिक्षक कक्षा में बच्चों से पूछता है कि
वे किसी विषय के बारे में पहले से क्या जानते हैं। इसका उद्देश्य क्या है?
उत्तर: पूर्वज्ञान
को सक्रिय करना।
प्रश्न 78. शिक्षक बच्चों के उत्तरों को ध्यान से
सुनकर अगला प्रश्न उसी के आधार पर बनाता है। यह क्या दर्शाता है?
उत्तर: responsive और
learner-centred teaching।
प्रश्न 79. बच्चों को अपने प्रश्न स्वयं बनाने के
लिए कहना किस प्रकार की learning
को
बढ़ावा देता है?
उत्तर: inquiry, curiosity और
learner autonomy।
प्रश्न 80. यदि बच्चे किसी activity में
अपेक्षित उत्तर तक नहीं पहुँचते, तो शिक्षक को क्या करना चाहिए?
उत्तर: activity को
समझना, बच्चों
की thinking देखना
और आवश्यक scaffolding देना
चाहिए।
भाग–16 : उच्च स्तरीय CTET Conceptual Questions
प्रश्न 81. बाल-केंद्रित शिक्षा में “child’s voice” का
क्या अर्थ है?
उत्तर: बच्चे
को अपने विचार, अनुभव, प्रश्न
और दृष्टिकोण व्यक्त करने का वास्तविक अवसर देना।
प्रश्न 82. “बच्चे की रुचि के अनुसार शिक्षा” का
अर्थ क्या है?
(A) बच्चे
को हमेशा वही पढ़ाना जो वह चाहता है
(B) learning objectives को
समाप्त कर देना
(C) बच्चे
की रुचियों को learning
process से जोड़ना
(D) शिक्षक
को कोई planning न
करना
उत्तर — (C)
व्याख्या:
Child-centred education का अर्थ “children do whatever they want” नहीं
है। शिक्षक curriculum
objectives को ध्यान में रखते हुए बच्चों की
रुचियों और experiences से
learning को
जोड़ता है।
प्रश्न 83. बाल-केंद्रित शिक्षा और permissive education में
क्या अंतर है?
उत्तर: बाल-केंद्रित
शिक्षा structured और
purposeful होती
है; permissiveness का
अर्थ बिना उचित guidance के
अत्यधिक स्वतंत्रता हो सकता है।
व्याख्या:
Child-centred classroom में—
Freedom
+ Guidance + Responsibility
तीनों आवश्यक हैं।
प्रश्न 84. बाल-केंद्रित शिक्षा में discipline का
सबसे उपयुक्त रूप क्या है?
उत्तर: self-discipline और
shared classroom
responsibility को विकसित करना।
प्रश्न 85. शिक्षक बच्चों से classroom rules बनाने
में सुझाव मांगता है। यह किसका उदाहरण है?
उत्तर: democratic और
participatory classroom।
प्रश्न 86. यदि शिक्षक हर गलती पर तुरंत correct answer बता
देता है, तो
बाल-केंद्रित दृष्टिकोण से मुख्य कमी क्या है?
उत्तर: बच्चे
को अपनी thinking पर
विचार करने और स्वयं misconception
सुधारने
का अवसर कम मिलता है।
प्रश्न 87. “Scaffolding” का
बाल-केंद्रित शिक्षा में क्या महत्व है?
उत्तर: शिक्षक
या सक्षम साथी बच्चे को ऐसी अस्थायी सहायता देता है जिससे वह वह कार्य कर सके जिसे
वह अकेले अभी नहीं कर पा रहा।
व्याख्या:
Scaffolding का उद्देश्य हमेशा सहायता देना नहीं, बल्कि
धीरे-धीरे सहायता कम करके learner
को
independent बनाना
है।
प्रश्न 88. बाल-केंद्रित शिक्षा में “zone of proximal development” किससे
संबंधित है?
उत्तर — Vygotsky
व्याख्या:
ZPD उस अंतर को दर्शाता है जो बच्चा अकेले कर सकता है और उचित guidance/support मिलने
पर कर सकता है।
इसलिए peer collaboration और
teacher scaffolding महत्वपूर्ण
हो जाते हैं।
प्रश्न 89. यदि कोई बच्चा किसी task को
अकेले नहीं कर सकता लेकिन साथी की सहायता से कर लेता है, तो
यह किस concept का
उदाहरण है?
उत्तर: ZPD और
scaffolding से
संबंधित learning।
प्रश्न 90. बाल-केंद्रित शिक्षा में social interaction का
महत्व किस कारण है?
उत्तर: क्योंकि
interaction के
माध्यम से बच्चे अपने विचारों को साझा करते हैं, उन्हें चुनौती मिलती है और नए अर्थ
विकसित करते हैं।
भाग–17 : CTET में अक्सर भ्रम पैदा करने वाले विकल्प
प्रश्न 91. निम्न में से सबसे अधिक बाल-केंद्रित
विकल्प कौन-सा है?
(A) सभी
बच्चों को समान worksheet
देना
(B) बच्चों
की जरूरतों के अनुसार विभिन्न activities देना
(C) केवल
तेज बच्चों से प्रश्न पूछना
(D) सभी
बच्चों को एक ही उत्तर याद करवाना
उत्तर — (B)
व्याख्या:
यह
individual differences और
differentiated teaching को
दर्शाता है।
प्रश्न 92. निम्न में से progressive education के
सबसे अनुकूल कथन कौन-सा है?
(A) शिक्षा
जीवन से अलग है
(B) बच्चे
अनुभव और सामाजिक interaction
से
सीखते हैं
(C) केवल
शिक्षक ज्ञान का स्रोत है
(D) रटना
सीखने का सर्वोत्तम तरीका है
उत्तर — (B)
प्रश्न 93. बाल-केंद्रित शिक्षा में शिक्षक द्वारा “गलत
उत्तर” को
किस रूप में देखा जा सकता है?
उत्तर: बच्चे
की thinking और
misconception को
समझने के अवसर के रूप में।
प्रश्न 94. यदि शिक्षक बच्चों को वास्तविक जीवन की
समस्या देकर समाधान खोजने देता है, तो वह मुख्यतः क्या विकसित कर रहा है?
उत्तर: problem-solving और
higher-order thinking।
प्रश्न 95. निम्न में से कौन-सा बाल-केंद्रित
शिक्षा का सर्वोत्तम संकेतक है?
(A) कक्षा
में पूर्ण शांति
(B) शिक्षक
का अधिक बोलना
(C) बच्चों
की सक्रिय और सार्थक भागीदारी
(D) सभी
बच्चों का एक ही उत्तर देना
उत्तर — (C)
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
classroom हमेशा
बिल्कुल शांत नहीं होगी। वहाँ productive discussion, questions और collaboration हो
सकते हैं।
महत्वपूर्ण CTET point:
Silence ≠ Learning
प्रश्न 96. एक शिक्षक बच्चों को उत्तर बताने के
बजाय संकेत देता है। यह किसका उदाहरण है?
उत्तर: Scaffolding।
व्याख्या:
Teacher बच्चे को पूरा समाधान नहीं देता बल्कि
इतना support देता
है कि बच्चा स्वयं आगे बढ़ सके।
प्रश्न 97. बाल-केंद्रित शिक्षा में “learning pace” के
संबंध में कौन-सा कथन सही है?
(A) सभी
बच्चों की गति समान होती है
(B) सभी
बच्चों को समान समय देना चाहिए
(C) बच्चों
की learning pace में
अंतर हो सकता है
(D) धीमी
गति से सीखने वाला बच्चा कम बुद्धिमान होता है
उत्तर — (C)
व्याख्या:
Learning pace व्यक्तिगत भिन्नताओं से प्रभावित होती
है। इसलिए teacher को
आवश्यक flexibility रखनी
चाहिए।
प्रश्न 98. एक शिक्षक बच्चों से कहता है—“मैं
तुम्हें उत्तर नहीं बताऊँगा; पहले अपने विचार बताओ।” यह
किस approach को
दर्शाता है?
उत्तर: Constructivist और
child-centred approach।
व्याख्या:
शिक्षक
बच्चे की thinking को
learning का
starting point बनाता
है।
प्रश्न 99. CTET के दृष्टिकोण से बाल-केंद्रित कक्षा में
सबसे उपयुक्त teacher
statement कौन-सा है?
(A) “केवल
मेरा तरीका सही है।”
(B) “चुप
रहो और उत्तर याद करो।”
(C) “तुमने
ऐसा क्यों सोचा? अपनी
विधि समझाओ।”
(D) “गलत
उत्तर देने पर अंक काटे जाएंगे।”
उत्तर — (C)
व्याख्या:
यह
statement learner की
reasoning, expression और
metacognition को
बढ़ावा देता है।
प्रश्न 100. निम्न में से बाल-केंद्रित एवं
प्रगतिशील शिक्षा की सबसे व्यापक विशेषता कौन-सी है?
(A) शिक्षक-केंद्रित
lecture
(B) रटकर
याद करना
(C) बच्चे
के अनुभव, सक्रिय
सहभागिता, समस्या
समाधान, सहयोग
और चिंतन पर आधारित learning
(D) केवल
परीक्षा परिणाम पर ध्यान
उत्तर — (C)
व्याख्या:
यह
पूरे topic का
सार है।
बाल-केंद्रित एवं progressive education में—
Child
→ Active learner
Teacher → Facilitator
Learning → Active +
Meaningful
Knowledge → Constructed
Classroom → Democratic
+ Inclusive
Assessment → Continuous
+ Formative
Error → Learning
opportunity
Experience → Important
source of learning
Peer interaction →
Valuable
Curriculum → Flexible +
Contextual होता है।
