सामाजिक निर्माण के रूप में जेंडर, जेंडर की भूमिका, लिंगभेद और शैक्षिक प्रथाएँ
भाग–1 : जेंडर की मूल अवधारणा
प्रश्न 1. ‘जेंडर’
(Gender) से
मुख्यतः क्या तात्पर्य है?
A. केवल
जैविक अंतर
B. समाज द्वारा निर्मित स्त्री-पुरुष भूमिकाएँ और अपेक्षाएँ
C. केवल शारीरिक संरचना
D. केवल आनुवंशिक विशेषताएँ
उत्तर:
B
व्याख्या:
जेंडर
केवल जैविक अंतर का नाम नहीं है। समाज यह निर्धारित करता है कि लड़के और लड़कियों
से किस प्रकार के व्यवहार,
कार्य, पहनावे, भावनाओं
और भूमिकाओं की अपेक्षा की जाती है। उदाहरण के लिए, “लड़कियाँ घरेलू कार्यों के लिए होती हैं” या
“लड़के
रोते नहीं हैं”—ये
जैविक तथ्य नहीं, बल्कि
सामाजिक धारणाएँ हैं। इसलिए जेंडर को एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक निर्माण माना
जाता है।
प्रश्न 2. ‘Sex’ और ‘Gender’
में प्रमुख अंतर
क्या है?
A. दोनों
बिल्कुल समान हैं
B. Sex सामाजिक है और Gender जैविक
है
C. Sex मुख्यतः जैविक विशेषताओं से संबंधित है, जबकि
Gender सामाजिक
भूमिकाओं से
D. दोनों केवल मनोवैज्ञानिक अवधारणाएँ हैं
उत्तर:
C
व्याख्या:
Sex (लिंग) सामान्यतः
जैविक विशेषताओं—जैसे
प्रजनन अंग, गुणसूत्र
आदि—से
संबंधित अवधारणा है। इसके विपरीत Gender (जेंडर) समाज
द्वारा निर्मित भूमिकाओं,
अपेक्षाओं
और व्यवहारों से जुड़ा है। CTET में यह अंतर अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि
प्रश्न में “समाज
द्वारा निर्धारित भूमिका”
या
“सांस्कृतिक
अपेक्षा” जैसे
शब्द हों, तो
उत्तर सामान्यतः Gender से
संबंधित होगा।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन-सा जेंडर का सामाजिक निर्माण दर्शाता है?
A. लड़कियों
को गुड़िया और लड़कों को कार से खेलने के लिए प्रोत्साहित करना
B. बच्चों की ऊँचाई में अंतर
C. रक्त समूह में अंतर
D. जैविक विकास में अंतर
उत्तर:
A
व्याख्या:
खिलौनों
का चुनाव स्वयं जैविक रूप से निर्धारित नहीं होता। जब परिवार या समाज लड़कियों को
गुड़िया, रसोई
के खिलौने और लड़कों को कार, बंदूक या निर्माण संबंधी खिलौने देता है, तो
वह बच्चों को विशेष सामाजिक भूमिकाओं की ओर ले जाता है। इससे बच्चों में यह धारणा
विकसित हो सकती है कि कुछ कार्य केवल लड़कियों या केवल लड़कों के लिए हैं।
प्रश्न 4. जेंडर भूमिकाएँ मुख्यतः किससे प्रभावित होती हैं?
A. सामाजिक-सांस्कृतिक
वातावरण
B. केवल आनुवंशिकता
C. केवल आयु
D. केवल शारीरिक शक्ति
उत्तर:
A
व्याख्या:
जेंडर
भूमिकाएँ परिवार, विद्यालय, मित्र
समूह, मीडिया, संस्कृति
और सामाजिक संस्थाओं से प्रभावित होती हैं। बच्चा लगातार यह देखता है कि उसके
आसपास पुरुष और महिलाएँ क्या कार्य करते हैं और उनसे कैसी अपेक्षाएँ की जाती हैं।
इस प्रक्रिया से जेंडर संबंधी धारणाएँ विकसित होती हैं।
प्रश्न 5. “लड़कियाँ गणित में स्वाभाविक रूप से कमजोर होती हैं।” यह कथन क्या दर्शाता है?
A. वैज्ञानिक
तथ्य
B. जेंडर रूढ़िबद्धता
C. व्यक्तिगत रुचि
D. विकास का सार्वभौमिक नियम
उत्तर:
B
व्याख्या:
गणितीय
क्षमता को किसी एक जेंडर से जोड़ना Gender Stereotype है। विद्यार्थियों की उपलब्धि उनकी
सीखने की परिस्थितियों, अवसरों, अभ्यास, शिक्षण
की गुणवत्ता, आत्मविश्वास
और अनेक अन्य कारकों से प्रभावित होती है। शिक्षक को ऐसे पूर्वाग्रहों को चुनौती
देनी चाहिए।
प्रश्न 6. जेंडर को सामाजिक निर्माण मानने का क्या अर्थ है?
A. जेंडर
का कोई महत्व नहीं है
B. जेंडर संबंधी भूमिकाएँ समाज और संस्कृति में निर्मित होती हैं
C. जैविक अंतर अस्तित्व में नहीं होते
D. सभी बच्चे बिल्कुल समान होते हैं
उत्तर:
B
व्याख्या:
सामाजिक
निर्माण का अर्थ यह नहीं है कि जैविक अंतर मौजूद नहीं हैं। इसका अर्थ है कि समाज
उन जैविक अंतरों के आधार पर अनेक भूमिकाएँ और अपेक्षाएँ निर्मित करता है। जैसे “घर
की देखभाल महिलाओं का काम है”—यह सामाजिक धारणा है, कोई
अनिवार्य जैविक नियम नहीं।
प्रश्न 7. जेंडर समाजीकरण की शुरुआत सामान्यतः कब से हो जाती है?
A. केवल
विद्यालय में प्रवेश के बाद
B. किशोरावस्था में
C. बचपन के आरंभ से ही
D. केवल रोजगार प्राप्त करने के बाद
उत्तर:
C
व्याख्या:
बच्चा
बहुत कम आयु से ही जेंडर संबंधी संदेश प्राप्त करने लगता है। परिवार द्वारा
खिलौनों का चयन, कपड़े, भाषा, कार्यों
का विभाजन और व्यवहार की अपेक्षाएँ उसके जेंडर समाजीकरण को प्रभावित करती हैं।
विद्यालय और मीडिया बाद में इस प्रक्रिया को और प्रभावित करते हैं।
प्रश्न 8. निम्न में से कौन-सा जेंडर समाजीकरण का उदाहरण है?
A. बच्चे
को टीकाकरण करवाना
B. लड़के को “तुम्हें मजबूत बनना चाहिए” कहना
C. बच्चे का वजन मापना
D. बच्चे की ऊँचाई मापना
उत्तर:
B
व्याख्या:
जब
समाज लड़कों से कठोर, साहसी
या भावनाओं को नियंत्रित रखने की अपेक्षा करता है, तो वह एक विशेष पुरुषत्व की सामाजिक
धारणा विकसित करता है। इसी प्रकार लड़कियों से विनम्र, शांत
या देखभाल करने वाली होने की अपेक्षा करना भी जेंडर समाजीकरण का हिस्सा है।
प्रश्न 9. “लड़के रोते नहीं हैं” कथन
का संभावित प्रभाव क्या हो सकता है?
A. भावनात्मक
अभिव्यक्ति को सीमित करना
B. वैज्ञानिक सोच बढ़ाना
C. भाषा क्षमता बढ़ाना
D. गणितीय क्षमता बढ़ाना
उत्तर:
A
व्याख्या:
रोना
और भावनाएँ व्यक्त करना मानवीय अनुभव हैं। यदि लड़कों को लगातार यह संदेश दिया जाए
कि भावनाएँ व्यक्त करना कमजोरी है, तो वे अपनी भावनाओं को दबाना सीख सकते
हैं। एक संवेदनशील शिक्षक सभी बच्चों को अपनी भावनाओं को स्वस्थ तरीके से व्यक्त
करने का अवसर देता है।
प्रश्न 10. जेंडर की सामाजिक प्रकृति को समझने के लिए शिक्षक को किस दृष्टिकोण
को अपनाना चाहिए?
A. रूढ़िबद्ध
दृष्टिकोण
B. समान अवसर और आलोचनात्मक दृष्टिकोण
C. लड़कों को प्राथमिकता
D. लड़कियों को अलग पाठ्यक्रम
उत्तर:
B
व्याख्या:
शिक्षक
को यह पहचानना चाहिए कि बच्चों के बारे में बनाई गई जेंडर संबंधी धारणाएँ हमेशा
स्वाभाविक या सही नहीं होतीं। समान अवसर, प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता, मिश्रित
समूह कार्य और पूर्वाग्रह-मुक्त वातावरण बच्चों को अपनी क्षमताओं के अनुसार विकसित
होने में मदद करते हैं।
भाग–2 : जेंडर भूमिकाएँ और रूढ़ियाँ
प्रश्न 11. जेंडर भूमिका (Gender Role) से
क्या तात्पर्य है?
A. केवल
जैविक भूमिका
B. समाज द्वारा अपेक्षित व्यवहार और कार्यों की भूमिका
C. केवल विद्यालयी भूमिका
D. केवल व्यावसायिक भूमिका
उत्तर:
B
व्याख्या:
जेंडर
भूमिका उन व्यवहारों और जिम्मेदारियों को दर्शाती है जिन्हें समाज किसी विशेष
जेंडर से जोड़ता है। जैसे “महिलाएँ
बच्चों की देखभाल करेंगी”
या
“पुरुष
परिवार के आर्थिक निर्णय लेंगे।” आधुनिक शिक्षा का उद्देश्य इन कठोर
धारणाओं को चुनौती देना और सभी बच्चों को समान अवसर देना है।
प्रश्न 12. “केवल लड़कियाँ ही कक्षा की सफाई करें” किसका उदाहरण है?
A. समानता
B. जेंडर आधारित भेदभाव
C. सहयोगात्मक अधिगम
D. समावेशी शिक्षा
उत्तर:
B
व्याख्या:
यदि
किसी कार्य का वितरण केवल जेंडर के आधार पर किया जाता है, तो
यह भेदभावपूर्ण व्यवहार है। कक्षा की सफाई, सामग्री व्यवस्थित करना, नेतृत्व
करना या तकनीकी कार्य करना—इनमें
किसी विशेष जेंडर का स्वाभाविक अधिकार नहीं है। कार्यों का वितरण रुचि और आवश्यकता
के अनुसार होना चाहिए।
प्रश्न 13. शिक्षक द्वारा लड़कों को नेतृत्व और लड़कियों को सजावट का कार्य देना
क्या दर्शाता है?
A. जेंडर
रूढ़िबद्धता
B. समानता
C. व्यक्तिगत मूल्यांकन
D. बाल-केंद्रित शिक्षा
उत्तर:
A
व्याख्या:
नेतृत्व
को पुरुषों और सजावट/सौंदर्य संबंधी कार्यों को महिलाओं से जोड़ना सामाजिक रूढ़ि
को मजबूत करता है। शिक्षक को सभी विद्यार्थियों को नेतृत्व, प्रस्तुति, तकनीकी, रचनात्मक
और संगठनात्मक कार्यों में समान अवसर देना चाहिए।
प्रश्न 14. जेंडर रूढ़िबद्धता का सबसे उपयुक्त अर्थ क्या है?
A. प्रत्येक
बच्चे की व्यक्तिगत पहचान
B. किसी जेंडर के सभी लोगों के बारे में एक जैसी स्थिर धारणा
बनाना
C. जैविक विकास
D. सीखने की प्रक्रिया
उत्तर: B
व्याख्या:
रूढ़िबद्धता
में किसी समूह के सभी सदस्यों के बारे में सामान्यीकृत और स्थिर धारणा बनाई जाती
है। जैसे “सभी
लड़के आक्रामक होते हैं” या
“सभी
लड़कियाँ देखभाल करने वाली होती हैं।” ऐसी धारणाएँ बच्चों की क्षमताओं और
अवसरों को सीमित कर सकती हैं।
प्रश्न 15. जेंडर रूढ़ियाँ बच्चों की शिक्षा को कैसे प्रभावित कर सकती हैं?
A. विकल्प
और अवसर सीमित करके
B. हमेशा उपलब्धि बढ़ाकर
C. सभी बच्चों को समान अवसर देकर
D. पूर्वाग्रह समाप्त करके
उत्तर:
A
व्याख्या:
यदि
बच्ची को यह बताया जाता है कि विज्ञान या गणित लड़कों के विषय हैं, तो
वह उन विषयों से दूरी बना सकती है। इसी तरह लड़के यदि कला, नृत्य
या भाषा को “लड़कियों
का क्षेत्र” समझें
तो उनकी रुचियाँ सीमित हो सकती हैं। इसलिए विद्यालय को बच्चों की पसंद को जेंडर से
नहीं जोड़ना चाहिए।
प्रश्न 16. “पुरुष डॉक्टर और महिला नर्स” जैसी
पाठ्यपुस्तक प्रस्तुति का बार-बार प्रयोग क्या कर सकता है?
A. जेंडर
रूढ़ियों को मजबूत
B. समानता बढ़ा सकता है
C. सभी पूर्वाग्रह समाप्त कर सकता है
D. केवल भाषा कौशल बढ़ा सकता है
उत्तर:
A
व्याख्या:
पाठ्यपुस्तकें
बच्चों के लिए सामाजिक दुनिया का एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व प्रस्तुत करती हैं।
यदि उनमें पुरुषों को हमेशा वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर और महिलाओं को केवल नर्स, शिक्षिका
या गृहिणी दिखाया जाए, तो
बच्चे व्यवसायों को जेंडर से जोड़ सकते हैं। इसलिए पाठ्यपुस्तकों में विविध और
संतुलित भूमिकाएँ होनी चाहिए।
प्रश्न 17. जेंडर-संवेदनशील शिक्षक की प्रमुख विशेषता क्या है?
A. बच्चों
को जेंडर के आधार पर अलग-अलग अवसर देना
B. रूढ़ियों की पहचान और उन्हें चुनौती देना
C. केवल लड़कियों को संरक्षण देना
D. केवल लड़कों को नेतृत्व देना
उत्तर:
B
व्याख्या:
जेंडर-संवेदनशील
शिक्षक अपने व्यवहार, भाषा, उदाहरणों
और मूल्यांकन में छिपे पूर्वाग्रहों को पहचानता है। वह यह सुनिश्चित करता है कि
सभी बच्चों को प्रश्न पूछने, नेतृत्व करने, खेलों
में भाग लेने और अपनी रुचि के विषय चुनने के समान अवसर मिलें।
प्रश्न 18. यदि कोई छात्र कहता है, “गृहकार्य लड़कियों का काम है”, तो शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. छात्र
को दंड देना
B. कथन को अनदेखा करना
C. चर्चा के माध्यम से रूढ़ि पर प्रश्न उठाना
D. केवल लड़कियों को गृहकार्य करवाना
उत्तर:
C
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
शिक्षक केवल गलत उत्तर को दंडित नहीं करता, बल्कि उसके पीछे की सोच को समझने का
प्रयास करता है। शिक्षक पूछ सकता है—“क्या घर में लड़के भी काम कर सकते हैं?” “क्या
खाना बनाना सीखना सभी के लिए उपयोगी है?” इससे बच्चे सामाजिक भूमिकाओं की
आलोचनात्मक समझ विकसित करते हैं।
प्रश्न 19. जेंडर समानता का अर्थ क्या है?
A. सभी
बच्चों को बिल्कुल एक जैसा व्यवहार देना, चाहे आवश्यकता कुछ भी हो
B. सभी जेंडर को समान अधिकार और अवसर देना
C. केवल लड़कियों को अतिरिक्त अवसर देना
D. लड़कों को शिक्षा से अलग करना
उत्तर:
B
व्याख्या:
जेंडर
समानता का मुख्य आधार समान अधिकार, अवसर, सम्मान
और भागीदारी है। इसका अर्थ यह नहीं कि हर परिस्थिति
में बिल्कुल समान व्यवहार ही किया जाए। जहाँ ऐतिहासिक या सामाजिक बाधाएँ हों, वहाँ
समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष समर्थन आवश्यक हो सकता है।
प्रश्न 20. ‘Gender Equity’ और ‘Gender Equality’ में क्या अंतर है?
A. दोनों
का कोई अंतर नहीं
B. Equity आवश्यकतानुसार न्यायपूर्ण समर्थन पर जोर
देती है
C. Equality केवल लड़कों के लिए है
D. Equity केवल जैविक अंतर है
उत्तर:
B
व्याख्या:
Equality समान अधिकार और अवसर पर जोर देती है, जबकि Equity यह
देखती है कि वास्तविक समान अवसर प्राप्त करने के लिए किन बाधाओं को दूर करना
आवश्यक है। उदाहरण के लिए,
केवल
यह कहना कि सभी बच्चों को विद्यालय आने का अधिकार है पर्याप्त नहीं है; उन
सामाजिक परिस्थितियों को भी समझना होगा जो किसी समूह की भागीदारी को रोकती हैं।
भाग–3 : परिवार, समाज और जेंडर
प्रश्न 21. जेंडर समाजीकरण का सबसे पहला महत्वपूर्ण संस्थान कौन-सा माना जाता है?
A. परिवार
B. विश्वविद्यालय
C. कार्यालय
D. बाजार
उत्तर:
A
व्याख्या:
परिवार
बच्चे के प्रारंभिक सामाजिक अनुभवों का प्रमुख स्रोत है। बच्चे परिवार के सदस्यों
के व्यवहार, भाषा
और कार्य-विभाजन को देखकर अनेक भूमिकाएँ सीखते हैं। इसलिए परिवार जेंडर संबंधी
धारणाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रश्न 22. यदि परिवार में केवल बेटियों से घरेलू काम करवाया जाता है, तो इससे क्या संदेश जा सकता है?
A. घरेलू
कार्य सभी की जिम्मेदारी हैं
B. घरेलू कार्य केवल लड़कियों की जिम्मेदारी हैं
C. सभी कार्य समान हैं
D. शिक्षा का महत्व बढ़ता है
उत्तर:
B
व्याख्या:
बच्चे
केवल उपदेश से नहीं बल्कि दैनिक व्यवहार देखकर भी सीखते हैं। यदि घरेलू कार्यों का
विभाजन लगातार जेंडर के आधार पर किया जाता है, तो बच्चा इसे “स्वाभाविक
नियम” समझ
सकता है। विद्यालय ऐसे विचारों पर चर्चा करके अधिक समानतापूर्ण दृष्टिकोण विकसित
कर सकता है।
प्रश्न 23. मीडिया जेंडर निर्माण में किस प्रकार योगदान कर सकता है?
A. केवल
सकारात्मक रूप से
B. केवल नकारात्मक रूप से
C. रूढ़ियों को मजबूत भी कर सकता है और चुनौती भी दे सकता है
D. कोई भूमिका नहीं निभाता
उत्तर:
C
व्याख्या:
फिल्म, विज्ञापन, टीवी, सोशल
मीडिया और अन्य माध्यम बच्चों की सामाजिक समझ को प्रभावित कर सकते हैं। यदि
विज्ञापनों में महिलाएँ हमेशा घरेलू कार्य करती दिखाई जाएँ और पुरुष केवल
निर्णयकर्ता हों, तो
रूढ़ियाँ मजबूत हो सकती हैं। दूसरी ओर, विविध भूमिकाओं का प्रतिनिधित्व
रूढ़ियों को चुनौती दे सकता है।
प्रश्न 24. जेंडर संबंधी पूर्वाग्रहों को कम करने में परिवार की कौन-सी भूमिका
उचित है?
A. बच्चों
को अलग-अलग अवसर देना
B. कार्यों और अवसरों में समान भागीदारी देना
C. बेटों को निर्णय लेने देना और बेटियों को नहीं
D. बेटियों को केवल घरेलू कौशल सिखाना
उत्तर:
B
व्याख्या:
परिवार
बच्चों को घरेलू काम, निर्णय
लेने, खेल, शिक्षा
और अन्य गतिविधियों में समान अवसर दे सकता है। इससे बच्चों में यह समझ विकसित होती
है कि किसी कार्य की योग्यता जेंडर से निर्धारित नहीं होती।
प्रश्न 25. “बेटा परिवार का नाम आगे बढ़ाता है, बेटी दूसरे घर चली जाती है।” ऐसी
धारणा क्या दर्शाती है?
A. जेंडर
समानता
B. पितृसत्तात्मक सोच
C. समावेशी सोच
D. वैज्ञानिक सोच
उत्तर:
B
व्याख्या:
ऐसी
धारणा में लड़कों को परिवार की वंशगत या सामाजिक निरंतरता से अधिक जोड़कर देखा
जाता है। यह पितृसत्तात्मक
सामाजिक व्यवस्था से संबंधित सोच को दर्शाती है, जिसमें
पुरुषों को अधिक अधिकार और प्राथमिकता दी जाती है।
प्रश्न 26. विद्यालय जेंडर समाजीकरण को कैसे प्रभावित करता है?
A. केवल
पाठ पढ़ाकर
B. पाठ्यक्रम, शिक्षक व्यवहार, सहपाठी
संबंध और विद्यालयी गतिविधियों द्वारा
C. केवल परीक्षा द्वारा
D. केवल खेल द्वारा
उत्तर:
B
व्याख्या:
विद्यालय
एक सामाजिक संस्था है। शिक्षक किसे अधिक प्रश्न पूछने का अवसर देते हैं, किसे
नेतृत्व देते हैं, लड़के-लड़कियों
के लिए कौन से खेल चुने जाते हैं और पाठ्यपुस्तकों में किसकी भूमिकाएँ दिखाई जाती
हैं—ये
सभी बच्चों की जेंडर समझ को प्रभावित करते हैं।
प्रश्न 27. यदि शिक्षक कक्षा में लड़कों से अधिक प्रश्न पूछता है, तो इसका क्या प्रभाव हो सकता है?
A. लड़कियों
की सहभागिता कम हो सकती है
B. सभी बच्चों की सहभागिता समान होगी
C. जेंडर भेदभाव समाप्त होगा
D. लड़कियों की उपलब्धि स्वतः बढ़ेगी
उत्तर:
A
व्याख्या:
शिक्षक
का ध्यान और बातचीत का अवसर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और सहभागिता को प्रभावित
करता है। यदि लगातार लड़कों को अधिक अवसर मिलते हैं, तो लड़कियाँ स्वयं को कम महत्वपूर्ण समझ
सकती हैं। शिक्षक को प्रश्न, नेतृत्व और चर्चा के अवसरों का संतुलित
वितरण करना चाहिए।
प्रश्न 28. “छात्राएँ शांत रहें और छात्र अधिक सक्रिय रहें”—यह अपेक्षा किसका उदाहरण है?
A. जेंडर
पूर्वाग्रह
B. समावेशन
C. व्यक्तिगत भिन्नता
D. सहयोग
उत्तर:
A
व्याख्या:
शांत
या सक्रिय होना व्यक्तित्व और परिस्थिति से जुड़ा है, जेंडर
से नहीं। जब शिक्षक व्यवहार के अलग-अलग मानदंड केवल जेंडर के आधार पर तय करता है, तो
वह रूढ़िबद्ध अपेक्षाओं को बढ़ावा देता है।
प्रश्न 29. जेंडर-संवेदनशील कक्षा में शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. लड़के
और लड़कियों को हमेशा अलग बैठाना
B. सभी विद्यार्थियों को समान सहभागिता के अवसर देना
C. केवल लड़कियों को बोलने देना
D. केवल लड़कों को खेलों में शामिल करना
उत्तर:
B
व्याख्या:
समान
सहभागिता का अर्थ है कि प्रत्येक विद्यार्थी को प्रश्न पूछने, उत्तर
देने, नेतृत्व
करने, प्रयोग
करने और गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिले। शिक्षक को बच्चों की क्षमता और
रुचि को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि उनके जेंडर को।
प्रश्न 30. जेंडर-संवेदनशील शिक्षण का सबसे उपयुक्त उद्देश्य क्या है?
A. जेंडर
को समाप्त करना
B. जेंडर आधारित भेदभाव और रूढ़ियों को कम करना
C. लड़कियों को लड़कों से अलग पढ़ाना
D. केवल लड़कियों की उपलब्धि बढ़ाना
उत्तर:
B
व्याख्या:
जेंडर-संवेदनशील
शिक्षा बच्चों की पहचान मिटाने का प्रयास नहीं करती। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित
करना है कि जेंडर किसी बच्चे के अवसर, अधिकार, विषय-चयन या सम्मान को सीमित न करे।
भाग–4 : विद्यालयी प्रथाएँ और लिंगभेद
प्रश्न 31. विद्यालय में लिंगभेद का उदाहरण कौन-सा है?
A. सभी
बच्चों को समान अवसर देना
B. लड़कों को विज्ञान प्रयोगशाला और लड़कियों को केवल कला गतिविधि
देना
C. सभी को पुस्तकालय का उपयोग करने देना
D. मिश्रित समूह बनाना
उत्तर:
B
व्याख्या:
यदि
गतिविधियों का चयन जेंडर के आधार पर किया जाता है, तो यह अवसरों की असमानता पैदा करता है।
बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के आधार पर गतिविधियाँ चुनने देना चाहिए।
प्रश्न 32. विद्यालयी पाठ्यपुस्तकों में जेंडर प्रतिनिधित्व कैसा होना चाहिए?
A. पुरुषों
को अधिक महत्वपूर्ण दिखाना
B. महिलाओं को केवल घरेलू भूमिकाओं में दिखाना
C. विविध और संतुलित भूमिकाओं का प्रतिनिधित्व करना
D. महिलाओं को पाठ्यपुस्तकों से हटाना
उत्तर:
C
व्याख्या:
पाठ्यपुस्तकों
में महिलाएँ वैज्ञानिक, डॉक्टर, किसान, इंजीनियर, नेता, कलाकार
आदि विविध भूमिकाओं में दिखाई जा सकती हैं। पुरुष भी देखभाल, घरेलू
कार्य और कला जैसी गतिविधियों में दिखाए जाने चाहिए। इससे बच्चों की पेशागत और
सामाजिक कल्पना व्यापक होती है।
प्रश्न 33. शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त जेंडर-संवेदनशील भाषा कौन-सी है?
A. “लड़के
तो स्वाभाविक रूप से तेज होते हैं।”
B. “लड़कियाँ गणित से डरती हैं।”
C. “हर विद्यार्थी अभ्यास और अवसर से अपनी क्षमता विकसित कर सकता
है।”
D. “लड़कियों को कठिन प्रश्न नहीं देने चाहिए।”
उत्तर:
C
व्याख्या:
तीसरा
कथन बच्चों की क्षमता को स्थिर जेंडर गुण नहीं मानता। यह विकासशील दृष्टिकोण को
अपनाता है। शिक्षक को बच्चों की क्षमता के बारे में पहले से बनी धारणाओं से बचना
चाहिए।
प्रश्न 34. कक्षा में समूह बनाते समय शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. हमेशा
लड़के अलग और लड़कियाँ अलग
B. जेंडर के आधार पर समूह निर्धारित करना
C. आवश्यकता के अनुसार विविध और मिश्रित समूह बनाना
D. केवल लड़कों को नेतृत्व देना
उत्तर:
C
व्याख्या:
मिश्रित
समूह बच्चों को सहयोग, संवाद
और एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने का अवसर देते हैं। हालांकि समूह बनाते समय केवल
जेंडर ही नहीं, बल्कि
रुचि, कार्य
की प्रकृति और सीखने की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
प्रश्न 35. खेलों में जेंडर भेदभाव कम करने का सर्वोत्तम तरीका क्या है?
A. लड़कों
को सभी प्रतिस्पर्धात्मक खेल देना
B. लड़कियों को केवल इनडोर खेल देना
C. सभी विद्यार्थियों को विविध खेलों में भाग लेने का अवसर देना
D. लड़कियों को खेलों से मुक्त रखना
उत्तर:
C
व्याख्या:
खेलों
का चयन जेंडर के आधार पर नहीं होना चाहिए। बच्चों को विभिन्न खेलों में भाग लेने
का अवसर मिलने से शारीरिक कौशल, सहयोग, नेतृत्व और आत्मविश्वास विकसित होते
हैं।
प्रश्न 36. “यह काम लड़कियों का है” कहकर
किसी विद्यार्थी को गतिविधि से रोकना क्या है?
A. जेंडर
आधारित बहिष्करण
B. समावेशन
C. प्रेरणा
D. वैयक्तिकरण
उत्तर:
A
व्याख्या:
किसी
बच्चे को केवल उसके जेंडर के कारण गतिविधि से रोकना अवसरों की असमानता पैदा करता
है। शिक्षक को यह देखना चाहिए कि विद्यार्थी कार्य करने में सक्षम है या नहीं, न
कि वह लड़का है या लड़की।
प्रश्न 37. विद्यालय में जेंडर-समानता का आकलन करने का अच्छा संकेतक क्या है?
A. केवल
लड़कों के अंक
B. केवल लड़कियों की उपस्थिति
C. विभिन्न गतिविधियों में सभी जेंडर की समान सहभागिता
D. केवल परीक्षा परिणाम
उत्तर:
C
व्याख्या:
जेंडर
समानता केवल परीक्षा परिणाम से नहीं मापी जा सकती। कक्षा चर्चा, खेल, नेतृत्व, विज्ञान
गतिविधि, कला, तकनीक
और विद्यालयी निर्णयों में सहभागिता भी महत्वपूर्ण संकेतक हैं।
प्रश्न 38. शिक्षक को जेंडर पूर्वाग्रह की पहचान करने के लिए किस पर ध्यान देना
चाहिए?
A. केवल
परीक्षा अंक
B. किसे कितना बोलने, नेतृत्व और संसाधन उपयोग का अवसर मिलता
है
C. केवल उपस्थिति
D. केवल अनुशासन
उत्तर:
B
व्याख्या:
कई
बार भेदभाव प्रत्यक्ष नहीं बल्कि सूक्ष्म होता है। उदाहरण के लिए शिक्षक अनजाने
में लड़कों से अधिक कठिन प्रश्न पूछ सकता है या लड़कियों से अधिक साफ-सफाई की
अपेक्षा कर सकता है। इन व्यवहारों का निरीक्षण करना आवश्यक है।
प्रश्न 39. जेंडर-संवेदनशील पाठ्यक्रम की विशेषता क्या है?
A. केवल
पुरुषों के योगदान पर जोर
B. महिलाओं और पुरुषों की विविध भूमिकाओं का समावेश
C. लड़कियों के लिए अलग पाठ्यक्रम
D. लड़कों के लिए अलग पाठ्यक्रम
उत्तर:
B
व्याख्या:
पाठ्यक्रम
में इतिहास, विज्ञान, साहित्य, समाज
और अन्य क्षेत्रों में विभिन्न जेंडर के लोगों के योगदान को स्थान मिलना चाहिए।
इससे विद्यार्थियों को यह संदेश मिलता है कि ज्ञान और उपलब्धि किसी एक जेंडर की
विशेषता नहीं है।
प्रश्न 40. यदि विद्यालय की विज्ञान प्रयोगशाला का उपयोग लड़के अधिक करते हैं, तो शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. इसे
सामान्य मान लेना
B. लड़कियों को प्रयोग से दूर रखना
C. लड़कियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए समान अवसर और प्रोत्साहन
देना
D. प्रयोगशाला बंद करना
उत्तर:
C
व्याख्या:
यदि
किसी समूह की सहभागिता कम है, तो शिक्षक को कारण समझना चाहिए और
अवसरों को समान बनाना चाहिए। लड़कियों को प्रयोग करने, उपकरण
संभालने और वैज्ञानिक प्रश्न पूछने के पर्याप्त अवसर दिए जाने चाहिए।
भाग–5 : पितृसत्ता और जेंडर
प्रश्न 41. ‘पितृसत्ता’
(Patriarchy) का
संबंध किससे है?
A. ऐसी
सामाजिक व्यवस्था जिसमें पुरुषों को संरचनात्मक रूप से अधिक शक्ति/प्रभुत्व
प्राप्त होता है
B. बच्चों के शारीरिक विकास से
C. केवल जैविक अंतर से
D. भाषा विकास से
उत्तर:
A
व्याख्या:
पितृसत्तात्मक
व्यवस्था में सामाजिक, आर्थिक
और पारिवारिक निर्णयों तथा संसाधनों पर पुरुषों का प्रभुत्व अधिक हो सकता है।
शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी सामाजिक संरचनाओं को
आलोचनात्मक रूप से समझने में सक्षम बनाना है।
प्रश्न 42. निम्न में से कौन-सा पितृसत्तात्मक सोच का उदाहरण है?
A. लड़के
और लड़कियाँ समान शिक्षा पाएँ
B. परिवार के महत्वपूर्ण निर्णय केवल पुरुष लें
C. सभी बच्चों को नेतृत्व का अवसर मिले
D. घरेलू कार्य सभी करें
उत्तर:
B
व्याख्या:
निर्णय
लेने की शक्ति को केवल पुरुषों तक सीमित करना सत्ता के असमान वितरण को दर्शाता है।
ऐसी सामाजिक संरचनाएँ बच्चों की जेंडर भूमिकाओं की समझ को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रश्न 43. विद्यालय पितृसत्तात्मक धारणाओं को चुनौती देने के लिए क्या कर सकता
है?
A. रूढ़ियों
को पाठ्यक्रम में दोहराना
B. आलोचनात्मक चर्चा और समान अवसर देना
C. लड़कियों को सीमित करना
D. केवल पुरुषों के उदाहरण देना
उत्तर:
B
व्याख्या:
शिक्षक
विद्यार्थियों से यह चर्चा कर सकता है कि परिवार, समाज और मीडिया में कार्यों और अधिकारों
का वितरण कैसे होता है। इस प्रकार बच्चे सामाजिक असमानताओं पर विचार करना सीखते
हैं।
प्रश्न 44. “महिलाएँ नेतृत्व के लिए उपयुक्त नहीं होतीं”—यह कथन किसका उदाहरण है?
A. लैंगिक
रूढ़िबद्धता
B. वैज्ञानिक निष्कर्ष
C. समावेशी शिक्षा
D. सहयोगात्मक अधिगम
उत्तर:
A
व्याख्या:
नेतृत्व
क्षमता किसी एक जेंडर की संपत्ति नहीं है। ऐसे कथन बच्चों की आकांक्षाओं को
प्रभावित कर सकते हैं और अवसरों को सीमित कर सकते हैं।
प्रश्न 45. पितृसत्तात्मक समाज में शिक्षा की भूमिका क्या होनी चाहिए?
A. सामाजिक
असमानता को बनाए रखना
B. आलोचनात्मक सोच और समानता को बढ़ावा देना
C. केवल परंपराओं को दोहराना
D. केवल लड़कों की शिक्षा को प्राथमिकता देना
उत्तर:
B
व्याख्या:
शिक्षा
का उद्देश्य केवल सामाजिक मान्यताओं को दोहराना नहीं बल्कि विद्यार्थियों को उन पर
प्रश्न करने की क्षमता देना भी है। समानता, न्याय और सम्मान पर आधारित शिक्षा
सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है।
भाग–6 : जेंडर और अधिगम
प्रश्न 46. क्या लड़के और लड़कियाँ सीखने की क्षमता में स्वाभाविक रूप से
एक-दूसरे से श्रेष्ठ होते हैं?
A. हमेशा
लड़के श्रेष्ठ होते हैं
B. हमेशा लड़कियाँ श्रेष्ठ होती हैं
C. किसी एक जेंडर को सार्वभौमिक रूप से श्रेष्ठ नहीं माना जा सकता
D. केवल लड़कियाँ सीख सकती हैं
उत्तर:
C
व्याख्या:
व्यक्तिगत
विद्यार्थियों में रुचि, अनुभव, अवसर, अभ्यास, शिक्षण
और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बहुत विविधता होती है। इसलिए किसी एक जेंडर को
समग्र रूप से अधिक बुद्धिमान या कम बुद्धिमान मानना उचित नहीं है।
प्रश्न 47. यदि लड़कियों के गणित में कम प्रदर्शन का कारण पूछा जाए, तो सबसे उपयुक्त शिक्षक दृष्टिकोण क्या
होगा?
A. “लड़कियाँ
गणित में कमजोर होती हैं।”
B. सीखने के अवसरों और शिक्षण परिस्थितियों की जाँच करना
C. गणित उनसे हटा देना
D. केवल लड़कों को अतिरिक्त अभ्यास देना
उत्तर:
B
व्याख्या:
कम
प्रदर्शन को तुरंत जेंडर की क्षमता से जोड़ना पूर्वाग्रह है। शिक्षक को शिक्षण
पद्धति, अभ्यास, पूर्वज्ञान, आत्मविश्वास, परिवार
और कक्षा के वातावरण सहित अनेक कारकों को देखना चाहिए।
प्रश्न 48. “Stereotype Threat” का संबंध किससे है?
A. रूढ़ि
के कारण व्यक्ति के प्रदर्शन पर नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव
B. केवल शारीरिक चोट
C. केवल विद्यालयी अनुशासन
D. केवल भाषा विकास
उत्तर:
A
व्याख्या:
जब
किसी समूह के बारे में नकारात्मक रूढ़ि विद्यार्थी के मन में सक्रिय हो जाती है, तो
वह चिंता या आत्म-संदेह अनुभव कर सकता है, जिससे उसका प्रदर्शन प्रभावित हो सकता
है। इसलिए शिक्षक को ऐसी रूढ़ियों को दोहराने से बचना चाहिए।
प्रश्न 49. यदि एक छात्रा कहती है, “मैं विज्ञान नहीं पढ़ सकती क्योंकि मैं लड़की हूँ”, तो शिक्षक का उचित उत्तर क्या होगा?
A. “हाँ, विज्ञान
लड़कों के लिए है।”
B. “तुम्हें विज्ञान छोड़ देना चाहिए।”
C. “तुम्हारी क्षमता जेंडर से तय नहीं होती; हम
मिलकर सीखने के अवसर खोजेंगे।”
D. “सभी लड़कियाँ विज्ञान में कमजोर होती हैं।”
उत्तर:
C
व्याख्या:
शिक्षक
को विद्यार्थी की नकारात्मक आत्म-धारणा को चुनौती देते हुए उसे सीखने का अवसर देना
चाहिए। शिक्षक का उद्देश्य बच्चे की क्षमता में विश्वास विकसित करना और उचित
शैक्षिक सहायता प्रदान करना है।
प्रश्न 50. जेंडर के आधार पर विषय चुनने के लिए बच्चों पर दबाव डालना—
A. उचित
शैक्षिक मार्गदर्शन है
B. जेंडर पूर्वाग्रह को बढ़ा सकता है
C. व्यक्तिगत स्वतंत्रता बढ़ाता है
D. समानता स्थापित करता है
उत्तर:
B
व्याख्या:
“लड़कियों को कला और लड़कों को विज्ञान” जैसी
सलाह बच्चों की वास्तविक रुचि और क्षमता को नजरअंदाज करती है। करियर और विषय चयन
में रुचि, क्षमता, आकांक्षा
और अवसरों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
भाग–7 : शिक्षक की भूमिका
प्रश्न 51. जेंडर समानता स्थापित करने में शिक्षक की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका
क्या है?
A. जेंडर
रूढ़ियों को दोहराना
B. समान अवसर और सम्मानपूर्ण वातावरण बनाना
C. बच्चों को जेंडर के आधार पर अलग करना
D. केवल लड़कियों को सहायता देना
उत्तर:
B
व्याख्या:
शिक्षक
का व्यवहार बच्चों के आत्मविश्वास और सामाजिक दृष्टिकोण को प्रभावित करता है।
शिक्षक को संसाधनों, प्रश्नों, नेतृत्व
और गतिविधियों में निष्पक्ष अवसर प्रदान करने चाहिए।
प्रश्न 52. शिक्षक को कक्षा में बच्चों की सीटिंग के संबंध में क्या करना चाहिए?
A. हमेशा
लड़कों और लड़कियों को अलग रखना
B. परिस्थिति के अनुसार सहयोगात्मक और समावेशी बैठने की व्यवस्था
करना
C. केवल लड़कों को आगे बैठाना
D. केवल लड़कियों को आगे बैठाना
उत्तर:
B
व्याख्या:
सीटिंग
का उद्देश्य सीखने और सहभागिता को बढ़ाना होना चाहिए। जेंडर के आधार पर कठोर
विभाजन आवश्यक नहीं है। सहयोगात्मक गतिविधियों में मिश्रित समूह उपयोगी हो सकते
हैं।
प्रश्न 53. शिक्षक को विद्यार्थियों को जिम्मेदारियाँ कैसे देनी चाहिए?
A. लड़कों
को नेतृत्व, लड़कियों
को सजावट
B. लड़कियों को सफाई, लड़कों को तकनीकी कार्य
C. रुचि,
क्षमता
और गतिविधि की आवश्यकता के अनुसार
D. केवल जेंडर के आधार पर
उत्तर:
C
व्याख्या:
जिम्मेदारियों
का वितरण जेंडर से मुक्त होना चाहिए। सभी बच्चों को नेतृत्व, तकनीकी
कार्य, सफाई, सजावट, प्रस्तुति
और संगठन जैसे विभिन्न कार्यों का अनुभव मिलना चाहिए।
प्रश्न 54. जेंडर-संवेदनशील शिक्षक की भाषा कैसी होनी चाहिए?
A. रूढ़िबद्ध
B. अपमानजनक
C. सम्मानपूर्ण और समावेशी
D. पक्षपातपूर्ण
उत्तर:
C
व्याख्या:
भाषा
बच्चों के आत्मसम्मान और सामाजिक पहचान को प्रभावित करती है। शिक्षक को ऐसे
वाक्यों से बचना चाहिए जो किसी जेंडर को कमजोर, कम बुद्धिमान या किसी विशेष कार्य तक
सीमित करते हों।
प्रश्न 55. शिक्षक यदि कहता है “लड़कियाँ
बहुत भावुक होती हैं”, तो समस्या क्या है?
A. यह
व्यक्तिगत अंतर को पहचानता है
B. यह एक सामान्यीकृत जेंडर रूढ़ि बना सकता है
C. यह वैज्ञानिक रूप से आवश्यक है
D. इससे समानता बढ़ती है
उत्तर:
B
व्याख्या:
व्यक्तिगत
भावनात्मक शैली व्यक्ति-व्यक्ति में अलग होती है। सभी लड़कियों या सभी लड़कों को
किसी एक भावनात्मक गुण से जोड़ना उचित नहीं है।
प्रश्न 56. जेंडर भेदभाव को पहचानने के लिए शिक्षक को अपने व्यवहार का क्या करना
चाहिए?
A. आत्म-चिंतन
B. केवल विद्यार्थियों को दोष देना
C. केवल परीक्षा लेना
D. समस्या को नजरअंदाज करना
उत्तर:
A
व्याख्या:
शिक्षक
भी उसी समाज का हिस्सा है जिसमें जेंडर संबंधी रूढ़ियाँ मौजूद हैं। इसलिए शिक्षक
को समय-समय पर यह देखना चाहिए कि क्या वह अनजाने में किसी समूह को अधिक अवसर दे
रहा है।
प्रश्न 57. यदि लड़कियाँ कक्षा चर्चा में कम भाग लेती हैं, तो शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. उन्हें
चुप रहने देना
B. केवल लड़कों से प्रश्न पूछना
C. सुरक्षित और प्रोत्साहनपूर्ण अवसर देकर उनकी सहभागिता बढ़ाना
D. लड़कियों को चर्चा से हटाना
उत्तर:
C
व्याख्या:
कम
सहभागिता के पीछे आत्मविश्वास, सामाजिक अपेक्षाएँ या पूर्व अनुभव हो
सकते हैं। शिक्षक छोटे समूहों, सोच-विचार-फिर साझा करने जैसी रणनीतियों
से सभी बच्चों की भागीदारी बढ़ा सकता है।
प्रश्न 58. शिक्षक द्वारा “लड़कियाँ
नाजुक होती हैं, इसलिए उन्हें कठिन कार्य नहीं देना
चाहिए” कहना—
A. संरक्षणवादी
जेंडर पूर्वाग्रह हो सकता है
B. पूर्ण समानता है
C. वैज्ञानिक रूप से अनिवार्य है
D. बाल-केंद्रितता है
उत्तर:
A
व्याख्या:
अत्यधिक
संरक्षण भी अवसरों को सीमित कर सकता है। बच्चों को चुनौतीपूर्ण कार्य करने और अपनी
क्षमता विकसित करने के अवसर मिलने चाहिए। आवश्यक सुरक्षा सभी के लिए समान होनी
चाहिए।
प्रश्न 59. जेंडर-संवेदनशील मूल्यांकन में शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. लड़कों
के लिए अलग मानदंड
B. लड़कियों के लिए आसान प्रश्न
C. सीखने के उद्देश्यों के आधार पर निष्पक्ष मूल्यांकन
D. जेंडर देखकर अंक देना
उत्तर:
C
व्याख्या:
मूल्यांकन
का आधार विद्यार्थी का प्रदर्शन और निर्धारित अधिगम उद्देश्य होना चाहिए। किसी
बच्चे की क्षमता का अनुमान केवल उसके जेंडर के आधार पर नहीं लगाना चाहिए।
प्रश्न 60. जेंडर समानता के लिए शिक्षक का कौन-सा व्यवहार सबसे प्रभावी है?
A. सभी
बच्चों से समान सम्मान के साथ व्यवहार
B. लड़कों को अधिक बोलने देना
C. लड़कियों को केवल सजावट देना
D. जेंडर के आधार पर विषय बाँटना
उत्तर:
A
व्याख्या:
समान
सम्मान, समान
अवसर और उच्च अपेक्षाएँ जेंडर-संवेदनशील शिक्षण के महत्वपूर्ण आधार हैं। शिक्षक को
यह विश्वास रखना चाहिए कि सभी बच्चे सीखने और योगदान देने की क्षमता रखते हैं।
भाग–8 : पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तक
प्रश्न 61. ‘Hidden Curriculum’ जेंडर निर्माण में कैसे भूमिका निभा
सकता है?
A. केवल
औपचारिक पाठों के माध्यम से
B. विद्यालय की अनौपचारिक प्रथाओं और संदेशों के माध्यम से
C. केवल परीक्षा के माध्यम से
D. केवल गृहकार्य के माध्यम से
उत्तर:
B
व्याख्या:
Hidden Curriculum में वे संदेश और मूल्य शामिल होते हैं
जो औपचारिक पाठ्यक्रम में स्पष्ट रूप से नहीं लिखे होते, लेकिन
विद्यालयी व्यवहार से बच्चे सीखते हैं। उदाहरण के लिए, यदि
हमेशा लड़कों को नेतृत्व दिया जाए, तो बच्चे सीख सकते हैं कि नेतृत्व
पुरुषों का क्षेत्र है।
प्रश्न 62. पाठ्यपुस्तक में महिलाओं को केवल गृहिणी के रूप में प्रस्तुत करने की
समस्या क्या है?
A. यह
प्रतिनिधित्व को सीमित करता है
B. यह हमेशा वैज्ञानिक है
C. यह समानता बढ़ाता है
D. यह बच्चों की रुचि बढ़ाता है
उत्तर:
A
व्याख्या:
महिलाएँ
समाज में अनेक भूमिकाएँ निभाती हैं। केवल घरेलू भूमिका का प्रतिनिधित्व बच्चों की सामाजिक
वास्तविकता को सीमित कर देता है और जेंडर रूढ़ियों को मजबूत कर सकता है।
प्रश्न 63. जेंडर-संवेदनशील पाठ्यपुस्तक में किस प्रकार के उदाहरण होने चाहिए?
A. केवल
पुरुष वैज्ञानिक
B. केवल महिला गृहिणियाँ
C. विभिन्न जेंडर की विविध सामाजिक और पेशागत भूमिकाएँ
D. केवल प्रसिद्ध पुरुष
उत्तर:
C
व्याख्या:
बच्चों
को विविध रोल मॉडल मिलने चाहिए। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि व्यवसाय, नेतृत्व, विज्ञान, कला
और देखभाल जैसे कार्य किसी एक जेंडर तक सीमित नहीं हैं।
प्रश्न 64. शिक्षक पाठ्यपुस्तक में जेंडर पूर्वाग्रह मिलने पर क्या कर सकता है?
A. उसे
बिना चर्चा के स्वीकार करे
B. विद्यार्थियों के साथ आलोचनात्मक चर्चा करे
C. पूरी किताब फेंक दे
D. केवल पुरुष पात्रों पर चर्चा करे
उत्तर:
B
व्याख्या:
पाठ्यपुस्तक
को आलोचनात्मक ढंग से पढ़ना महत्वपूर्ण है। शिक्षक पूछ सकता है—“यहाँ
यह भूमिका किसे दी गई है?”
“क्या कोई दूसरा उदाहरण संभव है?” इस प्रकार विद्यार्थी पाठ के साथ सक्रिय
रूप से विचार करते हैं।
प्रश्न 65. जेंडर-संवेदनशील पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. जेंडर
असमानता को पुनः स्थापित करना
B. समानता,
सम्मान
और आलोचनात्मक समझ विकसित करना
C. लड़कियों और लड़कों को अलग करना
D. केवल महिलाओं के विषय पढ़ाना
उत्तर:
B
व्याख्या:
जेंडर-संवेदनशील
पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को सामाजिक भूमिकाओं, असमानताओं और विविधताओं को समझने का
अवसर देता है। इसका लक्ष्य किसी एक समूह को दूसरे से श्रेष्ठ बनाना नहीं है।
भाग–9 :
CTET में पूछे जाने योग्य अवधारणात्मक प्रश्न
प्रश्न 66. एक शिक्षक लड़कों से विज्ञान उपकरण और लड़कियों से चार्ट बनाने को
कहता है। यह किस प्रकार की प्रथा है?
A. जेंडर-निष्पक्ष
B. जेंडर-रूढ़िबद्ध
C. समावेशी
D. बाल-केंद्रित
उत्तर:
B
व्याख्या:
विज्ञान
उपकरण संभालने को लड़कों और सजावटी/चार्ट कार्य को लड़कियों से जोड़ना रूढ़िबद्ध
भूमिका है। शिक्षक को दोनों प्रकार के कार्य सभी बच्चों को करने देने चाहिए।
प्रश्न 67. “लड़कों की उपलब्धि अधिक है क्योंकि वे अधिक बुद्धिमान होते हैं”—इस निष्कर्ष की समस्या क्या है?
A. यह
उपलब्धि को जेंडर से निर्धारित मानता है
B. यह व्यक्तिगत भिन्नता स्वीकार करता है
C. यह समावेशी है
D. यह बाल-केंद्रित है
उत्तर:
A
व्याख्या:
उपलब्धि
अनेक कारकों का परिणाम है। किसी समूह के प्रदर्शन में अंतर दिखाई देने पर उसके
कारणों की आलोचनात्मक जाँच आवश्यक है। जेंडर को सीधे बुद्धि का कारण मानना उचित
नहीं है।
प्रश्न 68. जेंडर समानता को बढ़ावा देने वाली कक्षा में शिक्षक—
A. उच्च
अपेक्षाएँ सभी विद्यार्थियों से रखता है
B. लड़कियों से कम अपेक्षा करता है
C. लड़कों से कम अपेक्षा करता है
D. जेंडर के अनुसार प्रश्नों की कठिनाई बदलता है
उत्तर:
A
व्याख्या:
कम
अपेक्षाएँ भी एक प्रकार का पूर्वाग्रह हो सकती हैं। सभी बच्चों को चुनौतीपूर्ण और
उपयुक्त अधिगम अवसर मिलना चाहिए। शिक्षक को विद्यार्थी की वास्तविक आवश्यकता के
आधार पर सहायता देनी चाहिए।
प्रश्न 69. निम्न में से कौन-सा जेंडर समानता के विरुद्ध है?
A. लड़कियों
को विज्ञान प्रयोग करने देना
B. लड़कों को कला में भाग लेने देना
C. सभी को नेतृत्व देना
D. लड़कियों को कठिन कार्यों से लगातार दूर रखना
उत्तर:
D
व्याख्या:
किसी
समूह को केवल जेंडर के आधार पर कठिन कार्यों से दूर रखना उसकी क्षमता विकसित करने
के अवसर को सीमित करता है। समानता का अर्थ चुनौती और सीखने के अवसरों तक समान
पहुँच भी है।
प्रश्न 70. “Gender is learned through social interaction” का सर्वोत्तम अर्थ क्या है?
A. जेंडर
भूमिकाएँ सामाजिक संपर्कों से सीखी और निर्मित होती हैं
B. जेंडर केवल जैविक है
C. समाज का कोई प्रभाव नहीं है
D. केवल विद्यालय जेंडर सिखाता है
उत्तर:
A
व्याख्या:
परिवार, मित्र, शिक्षक, मीडिया
और समुदाय से मिलने वाले संदेश बच्चे की जेंडर समझ को प्रभावित करते हैं। इसलिए
जेंडर समाजीकरण एक निरंतर सामाजिक प्रक्रिया है।
प्रश्न 71. जेंडर पूर्वाग्रह कम करने के लिए Cooperative Learning क्यों उपयोगी हो सकता है?
A. यह
सभी विद्यार्थियों को सहयोग और सहभागिता का अवसर दे सकता है
B. यह केवल लड़कों को नेतृत्व देता है
C. यह लड़कियों को अलग करता है
D. इसमें कोई बातचीत नहीं होती
उत्तर:
A
व्याख्या:
सहयोगात्मक
अधिगम में विद्यार्थी साझा लक्ष्य के लिए साथ काम करते हैं। यदि समूह भूमिकाएँ
सावधानी से बाँटी जाएँ तो सभी विद्यार्थियों को नेतृत्व, प्रस्तुति, लेखन, समस्या
समाधान और निर्णय लेने का अवसर मिल सकता है।
प्रश्न 72. यदि लड़के और लड़कियाँ एक ही गतिविधि में अलग-अलग प्रदर्शन करते हैं, तो शिक्षक को क्या निष्कर्ष नहीं
निकालना चाहिए?
A. प्रत्येक
बच्चे की व्यक्तिगत आवश्यकता हो सकती है
B. अभ्यास और अवसर प्रभाव डाल सकते हैं
C. जेंडर ही प्रदर्शन का निश्चित कारण है
D. शिक्षण रणनीति पर विचार किया जा सकता है
उत्तर:
C
व्याख्या:
सिर्फ
समूह-स्तरीय अंतर देखकर जेंडर को निश्चित कारण मान लेना वैज्ञानिक और शैक्षिक
दोनों दृष्टियों से अनुचित है। शिक्षक को व्यक्तिगत भिन्नताओं और सीखने के अवसरों
को ध्यान में रखना चाहिए।
प्रश्न 73. जेंडर के संबंध में ‘Nature vs. Nurture’ बहस में शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण
विचार क्या है?
A. केवल
प्रकृति महत्वपूर्ण है
B. केवल पालन-पोषण महत्वपूर्ण है
C. जैविक और सामाजिक दोनों कारकों की जटिल भूमिका हो सकती है
D. किसी का कोई प्रभाव नहीं
उत्तर:
C
व्याख्या:
मानव
विकास अनेक जैविक, मनोवैज्ञानिक
और सामाजिक कारकों के परस्पर प्रभाव से होता है। CTET में जेंडर को समझते समय विशेष रूप से
सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 74. एक शिक्षक कहता है, “लड़कियों
को ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं, वे
वैसे भी आगे नहीं जाएँगी।”
यह—
A. प्रेरणा
B. नकारात्मक शिक्षक अपेक्षा और जेंडर पूर्वाग्रह
C. समानता
D. बाल-केंद्रितता
उत्तर:
B
व्याख्या:
शिक्षक
की अपेक्षाएँ विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और अवसरों को प्रभावित कर सकती हैं।
ऐसी नकारात्मक अपेक्षा बच्चों की आकांक्षाओं को सीमित कर सकती है। शिक्षक को सभी
विद्यार्थियों के लिए उच्च लेकिन यथार्थवादी अपेक्षाएँ रखनी चाहिए।
प्रश्न 75. जेंडर संबंधी मुद्दों पर कक्षा चर्चा का उद्देश्य क्या होना चाहिए?
A. किसी
एक जेंडर को दोषी ठहराना
B. रूढ़ियों की आलोचनात्मक जाँच और समानता की समझ विकसित करना
C. बच्चों को डराना
D. केवल परीक्षा की तैयारी
उत्तर:
B
व्याख्या:
चर्चा
का उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक मान्यताओं पर सोचने और तर्क करने का अवसर
देना है। शिक्षक को सम्मानजनक संवाद का वातावरण बनाना चाहिए।
भाग–10 :
उन्नत CTET अभ्यास
प्रश्न 76. जेंडर समानता के संदर्भ में ‘Equal Opportunity’ का अर्थ है—
A. सभी
बच्चों को समान अवसरों तक पहुँच देना
B. लड़कों को अधिक अवसर देना
C. लड़कियों को कम चुनौती देना
D. बच्चों को अलग-अलग पाठ्यक्रम देना
उत्तर:
A
व्याख्या:
समान
अवसर का अर्थ है कि किसी विद्यार्थी को उसके जेंडर के कारण अवसर से वंचित न किया
जाए। शिक्षा, खेल, प्रयोग, नेतृत्व
और संसाधनों तक पहुँच सभी के लिए उपलब्ध होनी चाहिए।
प्रश्न 77. यदि छात्राओं को विज्ञान क्लब में भाग लेने से परिवार रोकता है, तो विद्यालय की उचित प्रतिक्रिया क्या
होगी?
A. इसे
पूरी तरह निजी मामला मानकर कोई भूमिका न निभाना
B. संवाद और जागरूकता के माध्यम से परिवार को समान अवसर के महत्व
से अवगत कराना
C. छात्रा को विज्ञान छोड़ने के लिए कहना
D. केवल लड़कों का विज्ञान क्लब बनाना
उत्तर:
B
व्याख्या:
विद्यालय
परिवार के साथ संवाद करके यह समझा सकता है कि विज्ञान और अन्य गतिविधियों में
भागीदारी बच्चों के सीखने और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। संवेदनशील संवाद सामाजिक
बाधाओं को कम करने में मदद कर सकता है।
प्रश्न 78. जेंडर-संवेदनशील शिक्षक विद्यार्थियों की आकांक्षाओं के संबंध में—
A. जेंडर
के आधार पर करियर तय करता है
B. विविध करियर विकल्पों से परिचित कराता है
C. लड़कियों को सीमित विकल्प देता है
D. लड़कों को केवल तकनीकी करियर देता है
उत्तर:
B
व्याख्या:
करियर
मार्गदर्शन में बच्चों की रुचि, योग्यता और आकांक्षा महत्वपूर्ण हैं।
विद्यार्थियों को विभिन्न व्यवसायों और उनमें मौजूद विविध रोल मॉडल से परिचित
कराया जाना चाहिए।
प्रश्न 79. “Care work is only women's work” का आलोचनात्मक उत्तर क्या होगा?
A. यह
सार्वभौमिक सत्य है
B. देखभाल एक मानवीय और सामाजिक जिम्मेदारी हो सकती है
C. पुरुष देखभाल नहीं कर सकते
D. बच्चे देखभाल नहीं कर सकते
उत्तर:
B
व्याख्या:
देखभाल, पालन-पोषण
और घरेलू जिम्मेदारियाँ केवल महिलाओं की जैविक जिम्मेदारी नहीं हैं। परिवार और
समाज में इन कार्यों का अधिक समान वितरण जेंडर समानता को बढ़ावा देता है।
प्रश्न 80. जेंडर और शिक्षा के संबंध में ‘Access’ का अर्थ है—
A. शिक्षा
तक पहुँच
B. केवल परीक्षा परिणाम
C. केवल खेल
D. केवल पाठ्यपुस्तक
उत्तर:
A
व्याख्या:
शिक्षा
में Access का
अर्थ विद्यालय, संसाधनों, शिक्षण, तकनीक
और अवसरों तक पहुँच से है। केवल विद्यालय में नामांकन होना पर्याप्त नहीं; वास्तविक
भागीदारी और सीखने के अवसर भी महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 81. ‘Participation’ जेंडर समानता के संदर्भ में क्यों महत्वपूर्ण
है?
A. क्योंकि
केवल नामांकन पर्याप्त नहीं है
B. क्योंकि परीक्षा आवश्यक नहीं है
C. क्योंकि केवल लड़कियों को बोलना चाहिए
D. क्योंकि केवल लड़कों को नेतृत्व चाहिए
उत्तर:
A
व्याख्या:
किसी
विद्यार्थी का विद्यालय में उपस्थित होना पर्याप्त नहीं है। उसे कक्षा चर्चा, खेल, प्रयोग, नेतृत्व
और निर्णय प्रक्रिया में वास्तविक भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए।
प्रश्न 82. यदि लड़कियाँ कक्षा में उत्तर देने से झिझकती हैं, तो कौन-सी रणनीति अधिक उपयुक्त है?
A. उन्हें
कभी प्रश्न न पूछना
B. सुरक्षित वातावरण और छोटे समूहों के माध्यम से सहभागिता बढ़ाना
C. केवल लड़कों से प्रश्न पूछना
D. गलत उत्तर पर दंड देना
उत्तर:
B
व्याख्या:
सुरक्षित
वातावरण विद्यार्थियों को गलती करने के डर से मुक्त करता है। छोटे समूहों में
चर्चा करने के बाद पूरी कक्षा में उत्तर साझा करना झिझक कम कर सकता है।
प्रश्न 83. जेंडर समानता के लिए विद्यालयी खेलों में क्या परिवर्तन उपयोगी है?
A. खेलों
को जेंडर के आधार पर बाँटना
B. विविध खेलों में सभी विद्यार्थियों को अवसर देना
C. लड़कियों को खेलों से हटाना
D. लड़कों को केवल आउटडोर खेल देना
उत्तर:
B
व्याख्या:
खेल
बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ नेतृत्व, सहयोग और आत्मविश्वास विकसित करते हैं।
इसलिए खेलों तक समान पहुँच आवश्यक है।
प्रश्न 84. जेंडर भेदभाव का अप्रत्यक्ष उदाहरण कौन-सा है?
A. किसी
लड़की को स्पष्ट रूप से खेल से रोकना
B. लड़कों को लगातार अधिक कठिन प्रश्न और नेतृत्व के अवसर देना
C. सभी को समान प्रश्न देना
D. सभी को पुस्तकालय देना
उत्तर:
B
व्याख्या:
भेदभाव
हमेशा स्पष्ट नहीं होता। यदि शिक्षक लगातार लड़कों को अधिक चुनौतीपूर्ण कार्य देता
है, तो
इससे उनके सीखने और नेतृत्व के अवसर बढ़ सकते हैं, जबकि अन्य विद्यार्थियों के अवसर सीमित
हो सकते हैं।
प्रश्न 85. जेंडर-संवेदनशील मूल्यांकन में “bias” का अर्थ क्या है?
A. निष्पक्षता
B. किसी समूह के पक्ष या विपक्ष में अनुचित झुकाव
C. व्यक्तिगत लक्ष्य
D. अधिगम परिणाम
उत्तर:
B
व्याख्या:
Bias तब होता है जब मूल्यांकन विद्यार्थी की वास्तविक उपलब्धि के
बजाय किसी पूर्वधारणा से प्रभावित हो। उदाहरण के लिए, यह
मानना कि लड़का तकनीकी कार्य में अधिक अच्छा होगा और उसी आधार पर उसके प्रदर्शन को
बेहतर समझना पूर्वाग्रह है।
प्रश्न 86. शिक्षक को जेंडर संबंधी संवेदनशीलता विकसित करने के लिए क्या करना
चाहिए?
A. आत्म-चिंतन
और प्रशिक्षण
B. रूढ़ियों को स्वीकार करना
C. केवल विद्यार्थियों को बदलना
D. विषयों को जेंडर के अनुसार बाँटना
उत्तर:
A
व्याख्या:
जेंडर-संवेदनशीलता
एक निरंतर सीखने की प्रक्रिया है। शिक्षक अपने व्यवहार, भाषा, उदाहरणों
और अपेक्षाओं पर आत्म-चिंतन करके तथा प्रशिक्षण प्राप्त करके पूर्वाग्रहों को
पहचान सकता है।
प्रश्न 87. “Gender is not destiny” का शैक्षिक अर्थ क्या है?
A. जेंडर
बच्चे की क्षमताओं और भविष्य को निश्चित रूप से निर्धारित नहीं करता
B. जेंडर का कोई अस्तित्व नहीं
C. केवल लड़कियाँ सफल हो सकती हैं
D. केवल लड़के सफल हो सकते हैं
उत्तर:
A
व्याख्या:
बच्चे
का भविष्य उसके जेंडर से पहले से निर्धारित नहीं होता। अवसर, शिक्षा, रुचि, प्रयास, सामाजिक
समर्थन और अनेक व्यक्तिगत-सामाजिक कारक उसके विकास में भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 88. एक जेंडर-संवेदनशील कक्षा में ‘role rotation’ का क्या लाभ है?
A. सभी
विद्यार्थियों को विभिन्न भूमिकाओं का अनुभव मिलता है
B. केवल लड़कों को नेतृत्व मिलता है
C. केवल लड़कियाँ लिखती हैं
D. गतिविधि कम होती है
उत्तर:
A
व्याख्या:
यदि
समूह गतिविधि में नेतृत्व,
लेखन, सामग्री
प्रबंधन और प्रस्तुति की भूमिकाएँ बदलती रहती हैं, तो प्रत्येक विद्यार्थी विभिन्न कौशल
विकसित कर सकता है। इससे “कुछ
कार्य केवल लड़कों/लड़कियों के लिए हैं” जैसी धारणा कम होती है।
प्रश्न 89. जेंडर-संवेदनशील कक्षा में शिक्षक की अपेक्षाएँ कैसी होनी चाहिए?
A. लड़कों
के लिए उच्च और लड़कियों के लिए कम
B. लड़कियों के लिए उच्च और लड़कों के लिए कम
C. सभी विद्यार्थियों के लिए उच्च, यथार्थवादी और समर्थनपूर्ण
D. किसी के लिए भी नहीं
उत्तर:
C
व्याख्या:
शिक्षक
की सकारात्मक अपेक्षाएँ विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और सीखने को बढ़ावा दे सकती
हैं। अपेक्षाएँ जेंडर के आधार पर नहीं बल्कि विद्यार्थी की सीखने की जरूरतों और
क्षमता के आधार पर होनी चाहिए।
प्रश्न 90. जेंडर समानता की शिक्षा में “critical thinking” क्यों आवश्यक है?
A. ताकि
बच्चे सामाजिक रूढ़ियों पर प्रश्न कर सकें
B. ताकि वे केवल नियम याद करें
C. ताकि वे जेंडर के आधार पर बच्चों को वर्गीकृत करें
D. ताकि केवल परीक्षा में अंक आएँ
उत्तर:
A
व्याख्या:
आलोचनात्मक
चिंतन विद्यार्थियों को यह पूछने की क्षमता देता है कि “ऐसा
क्यों माना जाता है?” और
“क्या
इसका कोई दूसरा दृष्टिकोण हो सकता है?” यही क्षमता सामाजिक रूढ़ियों और भेदभाव
को पहचानने में सहायक होती है।
भाग–11 :
केस-आधारित CTET प्रश्न
प्रश्न 91. एक कक्षा में शिक्षक ने देखा कि लड़के विज्ञान गतिविधि में सक्रिय
हैं, जबकि लड़कियाँ पीछे बैठी हैं। सबसे
उपयुक्त कदम क्या होगा?
A. इसे
लड़कियों की स्वाभाविक रुचि मानना
B. लड़कों को गतिविधि करने देना
C. गतिविधि की संरचना ऐसी करना कि सभी को उपकरण और नेतृत्व का
अवसर मिले
D. विज्ञान गतिविधि समाप्त कर देना
उत्तर:
C
व्याख्या:
शिक्षक
को व्यवहार को जेंडर की “स्वाभाविक
विशेषता” मानने
के बजाय सीखने के अवसरों की जाँच करनी चाहिए। सभी बच्चों को प्रयोग करने, प्रश्न
पूछने और नेतृत्व करने का अवसर देना अधिक उचित है।
प्रश्न 92. शिक्षक ने समूह कार्य में हमेशा लड़कों को समूह-नेता बनाया। इसका
संभावित प्रभाव क्या होगा?
A. सभी
में समान नेतृत्व कौशल विकसित होगा
B. लड़कियों के नेतृत्व के अवसर सीमित हो सकते हैं
C. जेंडर समानता बढ़ेगी
D. किसी पर कोई प्रभाव नहीं होगा
उत्तर:
B
व्याख्या:
नेतृत्व
एक अभ्यास से विकसित होने वाला कौशल है। यदि लड़कियों को लगातार नेतृत्व से वंचित
रखा जाता है, तो
उन्हें नेतृत्व कौशल विकसित करने के अवसर कम मिलेंगे। Role rotation अधिक
उचित रणनीति है।
प्रश्न 93. एक छात्र कहता है, “मुझे
नृत्य पसंद है, लेकिन यह लड़कियों का काम माना जाता
है।” शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. उसे
नृत्य से रोकना
B. उसकी रुचि का सम्मान करना और जेंडर रूढ़ि पर चर्चा करना
C. उसे केवल खेल में भेजना
D. उसकी रुचि का मजाक बनाना
उत्तर:
B
व्याख्या:
रचनात्मक
गतिविधियों को किसी एक जेंडर से जोड़ना रूढ़ि है। शिक्षक विद्यार्थी की रुचि को
स्वीकार करते हुए यह समझा सकता है कि कला और नृत्य सभी के लिए हो सकते हैं।
प्रश्न 94. एक छात्रा कहती है कि वह इंजीनियर बनना चाहती है। शिक्षक की
जेंडर-संवेदनशील प्रतिक्रिया क्या होगी?
A. “यह
लड़कों का पेशा है।”
B. “तुम्हें शिक्षिका बनना चाहिए।”
C. “अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार तैयारी करो; इंजीनियरिंग
सभी के लिए विकल्प है।”
D. “पहले तय करो कि तुम लड़की हो या इंजीनियर।”
उत्तर:
C
व्याख्या:
करियर
का चुनाव जेंडर के आधार पर नहीं होना चाहिए। शिक्षक को विद्यार्थी की आकांक्षा का
सम्मान करते हुए आवश्यक शैक्षिक जानकारी और समर्थन देना चाहिए।
प्रश्न 95. एक विद्यालय में लड़कियों को खेल मैदान का उपयोग कम मिलता है। यह
किससे संबंधित है?
A. संसाधनों
के असमान वितरण से
B. समान अवसर से
C. बाल-केंद्रितता से
D. समावेशी शिक्षा से
उत्तर:
A
व्याख्या:
समान
शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। खेल मैदान, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर
और अन्य संसाधनों तक समान पहुँच भी आवश्यक है। संसाधनों का जेंडर-आधारित असमान
वितरण भेदभाव को बढ़ा सकता है।
प्रश्न 96. शिक्षक को निम्न में से किस स्थिति को जेंडर पूर्वाग्रह का संकेत
मानना चाहिए?
A. विद्यार्थी
अपनी रुचि से विषय चुनता है
B. लड़कों को हमेशा तकनीकी कार्य और लड़कियों को हमेशा सजावट दी
जाती है
C. सभी विद्यार्थी समूह में काम करते हैं
D. सभी विद्यार्थी पुस्तकालय जाते हैं
उत्तर:
B
व्याख्या:
जब
कार्यों का वितरण लगातार जेंडर के आधार पर किया जाता है, तो
यह रूढ़िबद्ध भूमिका को मजबूत करता है। कार्यों का वितरण बच्चों की रुचि और सीखने
के अवसरों के आधार पर होना चाहिए।
प्रश्न 97. जेंडर समानता के लिए शिक्षक को बच्चों की गलत रूढ़िबद्ध टिप्पणी पर
क्या करना चाहिए?
A. तुरंत
अपमानित करना
B. चर्चा और प्रश्नों के माध्यम से सोचने का अवसर देना
C. टिप्पणी को हमेशा स्वीकार करना
D. विषय बदल देना
उत्तर:
B
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
शिक्षा में बच्चों की धारणाओं को समझना महत्वपूर्ण है। शिक्षक पूछ सकता है—“तुम
ऐसा क्यों सोचते हो?” “क्या
इसका कोई दूसरा उदाहरण है?”
इससे
बच्चे अपनी धारणाओं की समीक्षा करते हैं।
प्रश्न 98. जेंडर-संवेदनशील विद्यालय में सबसे उपयुक्त नीति कौन-सी है?
A. सभी
गतिविधियों को जेंडर के अनुसार बाँटना
B. समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और भेदभाव-विरोधी
व्यवहार सुनिश्चित करना
C. लड़कियों को केवल अलग गतिविधियाँ देना
D. लड़कों को प्राथमिकता देना
उत्तर:
B
व्याख्या:
जेंडर-संवेदनशील
विद्यालय केवल कक्षा में नहीं बल्कि पूरे संस्थागत वातावरण में समानता सुनिश्चित
करता है। इसमें संसाधन, खेल, नेतृत्व, पाठ्यक्रम, भाषा, सुरक्षा
और सहभागिता सभी शामिल हैं।
प्रश्न 99. CTET के संदर्भ में जेंडर पर प्रश्नों का मूल शैक्षिक संदेश क्या है?
A. जेंडर
के आधार पर बच्चों की क्षमताएँ निश्चित होती हैं
B. सामाजिक रूढ़ियों को पहचानकर समान अवसर देना चाहिए
C. लड़कियों और लड़कों को अलग-अलग शिक्षा देनी चाहिए
D. केवल जैविक अंतर ही महत्वपूर्ण हैं
उत्तर:
B
व्याख्या:
CTET की बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र संबंधी दृष्टि में शिक्षक से
अपेक्षा की जाती है कि वह विविधता, समानता, समावेशन और बाल-केंद्रित दृष्टिकोण को
समझे। जेंडर संबंधी प्रश्नों में सामान्यतः वह विकल्प अधिक उपयुक्त होता है जो
रूढ़ियों को चुनौती देता है और सभी बच्चों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करता है।
प्रश्न 100. निम्न में से जेंडर-समानतापूर्ण और बाल-केंद्रित कक्षा की सर्वोत्तम
पहचान कौन-सी है?
A. शिक्षक
बच्चों के जेंडर के आधार पर कार्य निर्धारित करता है
B. शिक्षक सभी बच्चों को उनकी रुचि, क्षमता और आवश्यकता के अनुसार सीखने और
नेतृत्व के अवसर देता है
C. लड़कों को विज्ञान और लड़कियों को कला में रखा जाता है
D. लड़कियों को कठिन गतिविधियों से बचाया जाता है
उत्तर:
B
व्याख्या:
बाल-केंद्रित
शिक्षा में बच्चे को सक्रिय शिक्षार्थी माना जाता है। शिक्षक बच्चे के जेंडर के
आधार पर उसकी क्षमता का अनुमान नहीं लगाता। वह सभी विद्यार्थियों को सीखने, प्रश्न
करने, प्रयोग
करने, सहयोग
करने और नेतृत्व करने के अवसर देता है। यही जेंडर-संवेदनशील, समावेशी
और प्रगतिशील शिक्षण की मूल भावना है।