निर्देशन एवं परामर्श | Guidance Related CTET PYQ - Daily Hindi Paper | Online GK in Hindi | Civil Services Notes in Hindi

Breaking

रविवार, 6 सितंबर 2026

निर्देशन एवं परामर्श | Guidance Related CTET PYQ

 निर्देशन एवं परामर्श

निर्देशन एवं परामर्श | Guidance Related CTET PYQ



भाग–1 : निर्देशन (Guidance) की मूल अवधारणा

प्रश्न 1. निर्देशन (Guidance) का सबसे उपयुक्त अर्थ क्या है?

(A) व्यक्ति को हर समस्या का तैयार समाधान देना
(B) व्यक्ति को अपने विकास एवं समस्याओं के समाधान के लिए उचित निर्णय लेने में सहायता करना
(C) विद्यार्थी को अनुशासित करने की प्रक्रिया
(D) केवल कमजोर विद्यार्थियों को सहायता देना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
निर्देशन का उद्देश्य व्यक्ति के लिए निर्णय लेना नहीं, बल्कि उसे स्वयं उचित निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। विद्यालय में शिक्षक विद्यार्थियों को उनकी रुचि, योग्यता, क्षमता, आवश्यकता और परिस्थितियों को समझने में सहायता करता है।
निर्देशन केवल कमजोर या समस्याग्रस्त बच्चों के लिए नहीं होता। यह सभी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। इसमें शैक्षिक, व्यावसायिक, व्यक्तिगत-सामाजिक आदि क्षेत्र शामिल होते हैं।

CTET Point:
निर्देशन = Helping the individual to help himself.


प्रश्न 2. निर्देशन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता कौन-सी है?

(A) यह केवल शिक्षक-केंद्रित होता है
(B) यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनने में सहायता करता है
(C) इसमें विद्यार्थी की इच्छा का कोई महत्व नहीं
(D) इसका उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम सुधारना है

उत्तर — (B)

व्याख्या:
अच्छा निर्देशन व्यक्ति को दूसरों पर निर्भर बनाने के बजाय स्वयं निर्णय लेने और समस्याओं से निपटने की क्षमता विकसित करता है। शिक्षक विद्यार्थी को विकल्पों, क्षमताओं और संभावनाओं को समझने में मदद करता है।
उदाहरण के लिए, यदि कोई विद्यार्थी दो विषयों के बीच निर्णय नहीं ले पा रहा है, तो शिक्षक सीधे यह नहीं कहेगा कि तुम यही विषय लो।वह विद्यार्थी की रुचि, क्षमता और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेगा।


प्रश्न 3. निर्देशन का क्षेत्र किस तक सीमित है?

(A) केवल विद्यालय
(B) केवल व्यवसाय
(C) केवल व्यक्तिगत समस्याएँ
(D) जीवन के विभिन्न क्षेत्रों

उत्तर — (D)

व्याख्या:
निर्देशन एक व्यापक प्रक्रिया है। इसके प्रमुख क्षेत्र हैं

1.     शैक्षिक निर्देशन

2.     व्यावसायिक निर्देशन

3.     व्यक्तिगत निर्देशन

4.     सामाजिक निर्देशन

5.     स्वास्थ्य संबंधी निर्देशन

6.     अवकाश संबंधी निर्देशन

इसलिए निर्देशन को केवल करियर या पढ़ाई तक सीमित करना गलत है।


प्रश्न 4. विद्यालय में निर्देशन का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?

(A) बच्चों को नियंत्रित करना
(B) बच्चों की क्षमताओं का अधिकतम विकास करना
(C) केवल अच्छे अंक प्राप्त करवाना
(D) अनुशासनहीन बच्चों को दंड देना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
बाल-केंद्रित शिक्षा में निर्देशन का उद्देश्य बच्चे की क्षमताओं, रुचियों, अभिरुचियों और व्यक्तित्व का विकास करना है।
यदि किसी बच्चे को गणित में कठिनाई हो रही है तो शिक्षक को केवल कम अंक के आधार पर उसे कम बुद्धिमाननहीं मानना चाहिए। उसे कठिनाई के कारण को समझकर उपयुक्त सहायता देनी चाहिए।


प्रश्न 5. निर्देशन किस प्रकार की प्रक्रिया है?

(A) आकस्मिक
(B) निरंतर
(C) केवल परीक्षा के समय
(D) केवल संकट की स्थिति में

उत्तर — (B)

व्याख्या:
निर्देशन एक निरंतर प्रक्रिया है। बच्चे की आवश्यकताएँ उसकी आयु, कक्षा, सामाजिक परिस्थिति और विकास के साथ बदलती रहती हैं। इसलिए निर्देशन केवल तब नहीं दिया जाना चाहिए जब कोई गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाए।


प्रश्न 6. निर्देशन किसके लिए आवश्यक है?

(A) केवल कमजोर विद्यार्थियों के लिए
(B) केवल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए
(C) केवल समस्याग्रस्त विद्यार्थियों के लिए
(D) सभी विद्यार्थियों के लिए

उत्तर — (D)

व्याख्या:
आधुनिक निर्देशन का दृष्टिकोण preventive और developmental है। अर्थात यह केवल समस्या आने के बाद सहायता नहीं करता, बल्कि भविष्य की समस्याओं को रोकने और विकास को बढ़ावा देने का भी प्रयास करता है।
प्रतिभाशाली विद्यार्थी को भी विषय चयन, लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन और सामाजिक समायोजन में निर्देशन की आवश्यकता हो सकती है।


प्रश्न 7. निर्देशन और आदेश में मुख्य अंतर क्या है?

(A) दोनों समान हैं
(B) निर्देशन व्यक्ति को सोचकर निर्णय लेने में सहायता करता है
(C) आदेश हमेशा बच्चे के हित में होता है
(D) निर्देशन में विद्यार्थी की स्वतंत्रता नहीं होती

उत्तर — (B)

व्याख्या:
आदेश में व्यक्ति को बताया जाता है कि उसे क्या करना है, जबकि निर्देशन में उसे परिस्थितियों को समझने और विकल्पों पर विचार करने में सहायता दी जाती है।
CTET में बाल-केंद्रित दृष्टिकोण से संबंधित प्रश्नों में सामान्यतः वही विकल्प सही माना जाता है जो बच्चे की स्वायत्तता और निर्णय क्षमता को बढ़ाता है।


प्रश्न 8. निर्देशन का आधार किसे माना जाना चाहिए?

(A) बच्चे की तुलना अन्य बच्चों से
(B) बच्चे की आवश्यकताओं और क्षमताओं को समझना
(C) शिक्षक की व्यक्तिगत पसंद
(D) केवल परीक्षा के अंक

उत्तर — (B)

व्याख्या:
प्रत्येक बच्चा अलग होता है। उसकी रुचि, क्षमता, पारिवारिक पृष्ठभूमि, भाषा, सीखने की गति और अनुभव अलग हो सकते हैं। इसलिए प्रभावी निर्देशन के लिए व्यक्तिगत भिन्नताओं को ध्यान में रखना आवश्यक है।


प्रश्न 9. शैक्षिक निर्देशन का संबंध मुख्यतः किससे है?

(A) विषय एवं अध्ययन संबंधी निर्णयों से
(B) केवल खेल से
(C) केवल व्यक्तिगत संबंधों से
(D) केवल स्वास्थ्य से

उत्तर — (A)

व्याख्या:
शैक्षिक निर्देशन में विद्यार्थी को विषय चयन, अध्ययन की आदत, समय प्रबंधन, सीखने की कठिनाइयों, विद्यालय परिवर्तन, उच्च शिक्षा आदि में सहायता दी जाती है।


प्रश्न 10. व्यावसायिक निर्देशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) विद्यार्थी को किसी एक नौकरी के लिए बाध्य करना
(B) व्यक्ति को उसकी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप व्यवसाय संबंधी निर्णय लेने में सहायता करना
(C) सभी विद्यार्थियों को समान व्यवसाय चुनने के लिए कहना
(D) केवल सरकारी नौकरी की जानकारी देना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
व्यावसायिक निर्देशन में व्यक्ति की रुचि, अभिरुचि, योग्यता, व्यक्तित्व और उपलब्ध अवसरों को ध्यान में रखा जाता है।
उदाहरण के लिए, केवल इसलिए कि परिवार में अधिकांश लोग इंजीनियर हैं, बच्चे को इंजीनियरिंग के लिए बाध्य करना उचित निर्देशन नहीं है।


भाग–2 : निर्देशन के प्रकार

प्रश्न 11. निम्न में से कौन-सा निर्देशन का प्रमुख प्रकार है?

(A) शैक्षिक
(B) व्यावसायिक
(C) व्यक्तिगत-सामाजिक
(D) उपर्युक्त सभी

उत्तर — (D)

व्याख्या:
निर्देशन बहुआयामी है। विद्यार्थी की समस्या केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती। इसलिए शैक्षिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत-सामाजिक सभी प्रकार महत्वपूर्ण हैं।


प्रश्न 12. किसी विद्यार्थी को विषय चुनने में सहायता देना किस प्रकार का निर्देशन है?

(A) शैक्षिक निर्देशन
(B) स्वास्थ्य निर्देशन
(C) सामाजिक निर्देशन
(D) मनोरंजन निर्देशन

उत्तर — (A)

व्याख्या:
विषय चयन विद्यार्थी की शैक्षिक यात्रा से संबंधित है। शिक्षक को बच्चे की रुचि, क्षमता, उपलब्धि और भविष्य की योजना को ध्यान में रखकर सहायता करनी चाहिए।


प्रश्न 13. विद्यार्थी को भविष्य के करियर के विकल्पों की जानकारी देना किसका उदाहरण है?

(A) शैक्षिक निर्देशन
(B) व्यावसायिक निर्देशन
(C) दंडात्मक प्रक्रिया
(D) नैतिक प्रशिक्षण

उत्तर — (B)

व्याख्या:
करियर और व्यवसाय संबंधी निर्णय व्यावसायिक निर्देशन के अंतर्गत आते हैं। इसमें विभिन्न व्यवसायों की प्रकृति, आवश्यक योग्यता, प्रशिक्षण और अवसरों की जानकारी दी जा सकती है।


प्रश्न 14. विद्यार्थी के सामाजिक समायोजन में सहायता किस निर्देशन से संबंधित है?

(A) व्यक्तिगत-सामाजिक निर्देशन
(B) केवल व्यावसायिक निर्देशन
(C) केवल शैक्षिक निर्देशन
(D) औद्योगिक निर्देशन

उत्तर — (A)

व्याख्या:
यदि बच्चा सहपाठियों से संबंध बनाने, समूह में काम करने या सामाजिक परिस्थितियों में समायोजन करने में कठिनाई अनुभव करता है, तो व्यक्तिगत-सामाजिक निर्देशन उपयोगी होता है।


प्रश्न 15. निर्देशन का सबसे व्यापक दृष्टिकोण कौन-सा है?

(A) केवल समस्या-आधारित
(B) केवल परीक्षा-आधारित
(C) विकासात्मक एवं निवारक
(D) केवल अनुशासनात्मक

उत्तर — (C)

व्याख्या:
आधुनिक निर्देशन केवल समस्या होने के बाद सहायता देने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य बच्चे के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना और संभावित समस्याओं को कम करना भी है।


भाग–3 : परामर्श (Counselling)

प्रश्न 16. परामर्श का सबसे उपयुक्त अर्थ क्या है?

(A) सलाह थोपना
(B) व्यक्ति को उसकी समस्या समझने और स्वयं समाधान खोजने में सहायता देना
(C) बच्चे को डाँटना
(D) निर्णय बच्चे की जगह लेना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
परामर्श एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें प्रशिक्षित व्यक्ति और परामर्शार्थी के बीच सहायक एवं उद्देश्यपूर्ण संबंध स्थापित किया जाता है। इसका लक्ष्य व्यक्ति को अपनी भावनाओं, विचारों और समस्याओं को समझने तथा उचित निर्णय लेने में सहायता देना है।


प्रश्न 17. प्रभावी परामर्श में किसका सबसे अधिक महत्व है?

(A) सलाहकार का लगातार बोलना
(B) सक्रिय श्रवण
(C) आलोचना
(D) तुलना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
परामर्शदाता को व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुननी चाहिए। सक्रिय श्रवण में केवल शब्द सुनना ही नहीं, बल्कि भावनाओं और अभिव्यक्ति को समझना भी शामिल है।
तुम्हें ऐसा नहीं सोचना चाहिएकहने के बजाय तुम्हें इस स्थिति में कैसा महसूस हो रहा है?” जैसे प्रश्न अधिक उपयोगी होते हैं।


प्रश्न 18. परामर्श में गोपनीयताका क्या अर्थ है?

(A) विद्यार्थी की प्रत्येक बात सभी शिक्षकों को बताना
(B) विद्यार्थी द्वारा साझा की गई व्यक्तिगत जानकारी को अनावश्यक रूप से दूसरों के साथ साझा न करना
(C) विद्यार्थी की समस्या को नजरअंदाज करना
(D) अभिभावकों से हमेशा जानकारी छिपाना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
गोपनीयता परामर्श का महत्वपूर्ण नैतिक सिद्धांत है। विद्यार्थी को सुरक्षित वातावरण तभी मिलेगा जब उसे लगे कि उसकी निजी बातों का अनावश्यक रूप से प्रसार नहीं होगा।
हालाँकि, यदि बच्चे की सुरक्षा या गंभीर जोखिम का प्रश्न हो, तो उचित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।


प्रश्न 19. परामर्शदाता का सबसे उपयुक्त व्यवहार क्या होगा?

(A) आलोचनात्मक
(B) निर्णयात्मक
(C) सहानुभूतिपूर्ण और स्वीकारात्मक
(D) दंडात्मक

उत्तर — (C)

व्याख्या:
परामर्श में empathy, acceptance और respect महत्वपूर्ण हैं। परामर्शदाता को व्यक्ति को अपमानित या दोषी ठहराने के बजाय उसकी स्थिति को समझने का प्रयास करना चाहिए।


प्रश्न 20. परामर्श में सहानुभूतिका अर्थ है

(A) व्यक्ति पर दया करना
(B) व्यक्ति की भावनाओं और दृष्टिकोण को समझने का प्रयास करना
(C) उसकी हर बात से सहमत होना
(D) उसकी समस्या को अपने ऊपर ले लेना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
सहानुभूति का अर्थ केवल दया करना नहीं है। इसका अर्थ है दूसरे व्यक्ति की स्थिति को उसके दृष्टिकोण से समझने का प्रयास करना
परामर्शदाता विद्यार्थी से सहमत हुए बिना भी उसकी भावनाओं को समझ सकता है।


भाग–4 : निर्देशन और परामर्श में अंतर

प्रश्न 21. निर्देशन और परामर्श में प्रमुख अंतर क्या है?

(A) दोनों पूरी तरह समान हैं
(B) निर्देशन अपेक्षाकृत व्यापक प्रक्रिया है, जबकि परामर्श अधिक व्यक्तिगत एवं गहन सहायता प्रक्रिया हो सकती है
(C) परामर्श केवल विद्यालय में होता है
(D) निर्देशन में व्यक्ति की भागीदारी नहीं होती

उत्तर — (B)

व्याख्या:
निर्देशन (Guidance) व्यापक क्षेत्र है। यह शैक्षिक, व्यावसायिक, व्यक्तिगत आदि अनेक क्षेत्रों में सहायता प्रदान करता है।
परामर्श (Counselling) अपेक्षाकृत अधिक व्यक्तिगत, संवादात्मक और गहन प्रक्रिया हो सकती है, विशेषकर जब व्यक्ति किसी व्यक्तिगत, भावनात्मक या निर्णय संबंधी कठिनाई से गुजर रहा हो।


प्रश्न 22. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

(A) प्रत्येक परामर्श निर्देशन हो सकता है, लेकिन प्रत्येक निर्देशन परामर्श नहीं होता
(B) दोनों में कोई अंतर नहीं
(C) निर्देशन केवल मानसिक समस्याओं के लिए है
(D) परामर्श केवल करियर के लिए है

उत्तर — (A)

व्याख्या:
निर्देशन की अवधारणा अधिक व्यापक है। उदाहरण के लिए विषय चयन के लिए दी गई सामान्य जानकारी निर्देशन हो सकती है। लेकिन यदि विद्यार्थी अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण विषय चयन को लेकर गहरे द्वंद्व में है और उसके साथ व्यक्तिगत संवाद की आवश्यकता है, तो परामर्श अधिक उपयुक्त हो सकता है।


प्रश्न 23. निर्देशन की तुलना में परामर्श सामान्यतः कैसा होता है?

(A) अधिक व्यक्तिगत
(B) अधिक दंडात्मक
(C) अधिक आदेशात्मक
(D) केवल समूह आधारित

उत्तर — (A)

व्याख्या:
परामर्श में व्यक्ति की विशिष्ट परिस्थिति, विचार, भावनाएँ और अनुभव महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए यह सामान्य सूचना देने की तुलना में अधिक व्यक्तिगत और गहन हो सकता है।


प्रश्न 24. शिक्षक द्वारा सभी विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों की जानकारी देना मुख्यतः क्या है?

(A) निर्देशन
(B) परामर्श
(C) मनोचिकित्सा
(D) दंड

उत्तर — (A)

व्याख्या:
जब शिक्षक विद्यार्थियों को विभिन्न विकल्पों और उनके बारे में जानकारी देता है, तो यह सामान्यतः निर्देशन है। यदि किसी विशेष विद्यार्थी के साथ उसकी व्यक्तिगत समस्या और विकल्पों पर गहन बातचीत की जाती है, तो यह परामर्श की दिशा में जाता है।


भाग–5 : परामर्श की प्रक्रिया

प्रश्न 25. परामर्श प्रक्रिया की शुरुआत सामान्यतः किससे होती है?

(A) दंड से
(B) विश्वासपूर्ण संबंध स्थापित करने से
(C) निर्णय सुनाने से
(D) विद्यार्थी की आलोचना से

उत्तर — (B)

व्याख्या:
परामर्श में rapport अर्थात विश्वासपूर्ण और सहज संबंध स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण है। यदि विद्यार्थी परामर्शदाता पर भरोसा नहीं करता तो वह अपनी वास्तविक समस्या साझा करने में संकोच कर सकता है।


प्रश्न 26. परामर्शदाता को विद्यार्थी से बातचीत करते समय क्या करना चाहिए?

(A) बीच-बीच में तुरंत निष्कर्ष निकालना
(B) ध्यानपूर्वक सुनना और उचित प्रश्न पूछना
(C) लगातार अपनी राय देना
(D) बच्चे को दोष देना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
परामर्शदाता को active listening का प्रयोग करना चाहिए। खुले प्रश्न विद्यार्थी को अपनी बात विस्तार से व्यक्त करने का अवसर देते हैं।


प्रश्न 27. निम्न में से कौन-सा खुला प्रश्नहै?

(A) क्या तुम परेशान हो?
(B) क्या तुम आज स्कूल आए थे?
(C) तुम्हें इस स्थिति के बारे में कैसा महसूस होता है?
(D) क्या तुम गणित पसंद करते हो?

उत्तर — (C)

व्याख्या:
खुले प्रश्न का उत्तर केवल हाँया नहींमें नहीं दिया जा सकता। वे व्यक्ति को अपने विचार और अनुभव विस्तार से व्यक्त करने का अवसर देते हैं।


प्रश्न 28. परामर्श में सक्रिय श्रवण का अर्थ है

(A) केवल चुप रहना
(B) व्यक्ति की बात, भावनाओं और आशय को ध्यानपूर्वक समझना
(C) अपनी सलाह देना
(D) प्रश्न न पूछना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
सक्रिय श्रवण में ध्यान देना, उचित प्रतिक्रिया देना, स्पष्टीकरण माँगना और वक्ता की भावनाओं को समझना शामिल है। केवल चुप बैठना सक्रिय श्रवण नहीं है।


प्रश्न 29. परामर्शदाता द्वारा विद्यार्थी की बात को अपने शब्दों में दोहराना किस तकनीक का उदाहरण है?

(A) दंड
(B) पुनर्कथन/Paraphrasing
(C) परीक्षा
(D) निर्देशनात्मक आदेश

उत्तर — (B)

व्याख्या:
Paraphrasing का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परामर्शदाता ने विद्यार्थी की बात सही समझी है। उदाहरण:
विद्यार्थी: मुझे लगता है कि कोई मेरी बात नहीं समझता।
परामर्शदाता: तुम्हें लगता है कि तुम्हारी बात दूसरों तक ठीक से नहीं पहुँच रही।


प्रश्न 30. परामर्शदाता को विद्यार्थी की समस्या पर तुरंत निर्णय क्यों नहीं देना चाहिए?

(A) क्योंकि विद्यार्थी हमेशा सही होता है
(B) क्योंकि समस्या को समझे बिना निर्णय गलत हो सकता है और आत्मनिर्भरता प्रभावित हो सकती है
(C) क्योंकि शिक्षक को कभी सलाह नहीं देनी चाहिए
(D) क्योंकि समस्याओं का कोई समाधान नहीं होता

उत्तर — (B)

व्याख्या:
परामर्श का उद्देश्य व्यक्ति के लिए निर्णय लेना नहीं बल्कि उसे स्वयं समझने और निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। जल्दबाजी में दिया गया समाधान वास्तविक समस्या को समझे बिना हो सकता है।


भाग–6 : परामर्श के सिद्धांत

प्रश्न 31. परामर्श में स्वीकार्यताका अर्थ है

(A) व्यक्ति की हर गतिविधि को सही मानना
(B) व्यक्ति को सम्मानपूर्वक स्वीकार करना
(C) समस्या को नजरअंदाज करना
(D) अनुशासन समाप्त करना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
स्वीकार्यता का अर्थ है व्यक्ति को उसकी गरिमा के साथ स्वीकार करना। इसका अर्थ यह नहीं कि उसके हर व्यवहार को सही माना जाए। व्यक्ति का सम्मान और व्यवहार का मूल्यांकन अलग-अलग बातें हैं।


प्रश्न 32. परामर्श में निर्णयात्मक रवैयाक्यों अनुचित है?

(A) इससे विद्यार्थी खुलकर बात करने में संकोच कर सकता है
(B) इससे विद्यार्थी हमेशा खुश रहता है
(C) इससे समस्या तुरंत समाप्त हो जाती है
(D) इससे आत्मनिर्भरता बढ़ती है

उत्तर — (A)

व्याख्या:
यदि विद्यार्थी को लगे कि परामर्शदाता उसे जज करेगा, तो वह अपनी वास्तविक भावनाएँ या कठिनाइयाँ साझा नहीं करेगा। इसलिए सुरक्षित और non-judgmental environment आवश्यक है।


प्रश्न 33. परामर्श में व्यक्तिगत भिन्नताओं को

(A) नजरअंदाज करना चाहिए
(B) स्वीकार करना चाहिए
(C) समाप्त करना चाहिए
(D) दंडित करना चाहिए

उत्तर — (B)

व्याख्या:
प्रत्येक बच्चा अलग क्षमता, रुचि, भाषा, अनुभव और सामाजिक संदर्भ के साथ आता है। प्रभावी परामर्श इन्हीं भिन्नताओं को ध्यान में रखता है।


प्रश्न 34. परामर्श में स्वायत्तताका अर्थ है

(A) व्यक्ति को स्वयं निर्णय लेने की क्षमता और अवसर देना
(B) व्यक्ति को अकेला छोड़ देना
(C) शिक्षक का निर्णय थोपना
(D) किसी भी नियम को न मानना

उत्तर — (A)

व्याख्या:
परामर्श का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य व्यक्ति की decision-making ability को मजबूत करना है। इसलिए परामर्शदाता को बच्चे को विकल्पों पर सोचने और अपने निर्णय के परिणामों को समझने में मदद करनी चाहिए।


प्रश्न 35. एक प्रभावी परामर्शदाता में कौन-सा गुण सबसे आवश्यक है?

(A) कठोरता
(B) सहानुभूति
(C) पक्षपात
(D) आलोचना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
सहानुभूति के कारण परामर्शदाता विद्यार्थी की भावनाओं और परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ पाता है। इसके साथ सक्रिय श्रवण, धैर्य, संवेदनशीलता और गोपनीयता भी महत्वपूर्ण गुण हैं।


भाग–7 : बाल-केंद्रित दृष्टिकोण और निर्देशन

प्रश्न 36. बाल-केंद्रित निर्देशन में शिक्षक की भूमिका कैसी होनी चाहिए?

(A) नियंत्रक
(B) सुविधादाता (Facilitator)
(C) दंडदाता
(D) अंतिम निर्णयकर्ता

उत्तर — (B)

व्याख्या:
बाल-केंद्रित शिक्षा में शिक्षक का काम केवल आदेश देना नहीं है। शिक्षक विद्यार्थियों को अवसर, संसाधन, जानकारी और सहयोग प्रदान करता है ताकि वे स्वयं सीख और निर्णय ले सकें।


प्रश्न 37. यदि विद्यार्थी विषय चयन को लेकर भ्रमित है तो शिक्षक को क्या करना चाहिए?

(A) अपनी पसंद का विषय थोपना
(B) विद्यार्थी की रुचि, योग्यता और भविष्य की योजना पर चर्चा करना
(C) माता-पिता की इच्छा को ही अंतिम मानना
(D) विद्यार्थी को निर्णय लेने से रोकना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
यह बाल-केंद्रित और लोकतांत्रिक निर्देशन का उदाहरण है। विद्यार्थी की व्यक्तिगत भिन्नताओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखना चाहिए।


प्रश्न 38. किसी बच्चे की पढ़ाई में लगातार कठिनाई हो रही है। शिक्षक की पहली प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए?

(A) उसे कमजोर घोषित करना
(B) समस्या के कारणों को समझने का प्रयास करना
(C) उसे दंड देना
(D) उसे कक्षा से अलग करना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
अधिगम कठिनाई के पीछे कई कारण हो सकते हैंपूर्वज्ञान की कमी, भाषा संबंधी कठिनाई, अनुचित शिक्षण विधि, ध्यान की समस्या, घर का वातावरण, सीखने की गति आदि। इसलिए कारणों की पहचान पहला कदम होना चाहिए।


प्रश्न 39. निर्देशन में बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से करना

(A) हमेशा आवश्यक है
(B) सामान्यतः उचित नहीं है
(C) सर्वोत्तम तकनीक है
(D) आत्मविश्वास बढ़ाता है

उत्तर — (B)

व्याख्या:
लगातार तुलना बच्चे में हीनता या अनावश्यक प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकती है। बेहतर तरीका है कि बच्चे की व्यक्तिगत प्रगति को देखा जाए।


प्रश्न 40. एक शिक्षक विद्यार्थी की समस्या सुनकर कहता है, “तुम्हें बिल्कुल ऐसा ही करना चाहिए।यह व्यवहार

(A) गैर-निर्देशनात्मक परामर्श
(B) अत्यधिक निर्देशात्मक दृष्टिकोण
(C) सक्रिय श्रवण
(D) सहानुभूतिपूर्ण परामर्श

उत्तर — (B)

व्याख्या:
जब परामर्शदाता बार-बार अपने समाधान को थोपता है, तो विद्यार्थी की स्वतंत्र निर्णय क्षमता कम हो सकती है। आधुनिक बाल-केंद्रित दृष्टिकोण में निर्णय लेने की प्रक्रिया में बच्चे की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।


भाग–8 : परामर्श के दृष्टिकोण

प्रश्न 41. गैर-निर्देशनात्मक (Non-directive) परामर्श से किसका नाम प्रमुख रूप से जुड़ा है?

(A) कार्ल रोजर्स
(B) पावलव
(C) थॉर्नडाइक
(D) कोहलर

उत्तर — (A)

व्याख्या:
Carl Rogers ने Person-Centered/Client-Centered approach विकसित की। इसमें व्यक्ति को अपनी भावनाओं और समस्याओं को समझने तथा समाधान की दिशा स्वयं खोजने के लिए सहायक वातावरण दिया जाता है।


प्रश्न 42. रोजर्स के व्यक्ति-केंद्रित परामर्श में कौन-सा तत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है?

(A) Empathy
(B) Punishment
(C) Competition
(D) Fear

उत्तर — (A)

व्याख्या:
रोजर्स के दृष्टिकोण में प्रमुख तत्व हैं

·         Empathy — सहानुभूतिपूर्ण समझ

·         Congruence/Genuineness — प्रामाणिकता

·         Unconditional Positive Regard — बिना शर्त सकारात्मक सम्मान

ये व्यक्ति को सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं।


प्रश्न 43. ‘Unconditional Positive Regard’ का अर्थ क्या है?

(A) व्यक्ति के प्रत्येक व्यवहार को सही मानना
(B) व्यक्ति को सम्मान और स्वीकृति देना, बिना उसे केवल उसके व्यवहार के आधार पर अस्वीकार किए
(C) गलत व्यवहार को प्रोत्साहित करना
(D) अनुशासन समाप्त करना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
इसका अर्थ है कि परामर्शदाता व्यक्ति की गरिमा और मूल्य को स्वीकार करता है। इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यवहार उचित है। गलत व्यवहार पर भी चर्चा की जा सकती है, लेकिन व्यक्ति को अपमानित नहीं किया जाता।


प्रश्न 44. गैर-निर्देशनात्मक परामर्श में निर्णय किसे लेना चाहिए?

(A) केवल परामर्शदाता
(B) केवल शिक्षक
(C) परामर्शार्थी को निर्णय लेने में सक्षम बनाया जाता है
(D) केवल अभिभावक

उत्तर — (C)

व्याख्या:
रोजर्स का दृष्टिकोण व्यक्ति की self-direction पर जोर देता है। परामर्शदाता वातावरण प्रदान करता है जिसमें व्यक्ति अपनी समस्या को समझकर समाधान की दिशा स्वयं खोज सके।


प्रश्न 45. निर्देशनात्मक (Directive) परामर्श में परामर्शदाता की भूमिका कैसी होती है?

(A) अपेक्षाकृत सक्रिय
(B) पूर्णतः निष्क्रिय
(C) केवल श्रोता
(D) अनुपस्थित

उत्तर — (A)

व्याख्या:
Directive counselling में परामर्शदाता समस्या को समझने, जानकारी जुटाने और समाधान सुझाने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाता है। इसके विपरीत non-directive approach में परामर्शार्थी की आत्म-अन्वेषण प्रक्रिया को अधिक महत्व दिया जाता है।


भाग–9 : समूह निर्देशन एवं व्यक्तिगत निर्देशन

प्रश्न 46. एक साथ कई विद्यार्थियों को विषय चयन की सामान्य जानकारी देना किसका उदाहरण है?

(A) समूह निर्देशन
(B) व्यक्तिगत परामर्श
(C) मनोचिकित्सा
(D) व्यक्तिगत निदान

उत्तर — (A)

व्याख्या:
जब समान आवश्यकता वाले कई विद्यार्थियों को एक साथ जानकारी या सहायता दी जाती है, तो इसे group guidance कहा जा सकता है। इससे समय और संसाधनों का प्रभावी उपयोग होता है।


प्रश्न 47. व्यक्तिगत निर्देशन कब अधिक उपयुक्त है?

(A) जब सभी बच्चों की समस्या बिल्कुल समान हो
(B) जब बच्चे की विशिष्ट व्यक्तिगत आवश्यकता हो
(C) जब केवल सूचना देनी हो
(D) जब पूरी कक्षा को संबोधित करना हो

उत्तर — (B)

व्याख्या:
व्यक्तिगत निर्देशन में बच्चे की विशिष्ट परिस्थितियों, रुचियों, क्षमताओं और कठिनाइयों पर ध्यान दिया जाता है। इसलिए व्यक्तिगत समस्या के लिए यह अधिक उपयुक्त है।


प्रश्न 48. समूह निर्देशन का प्रमुख लाभ क्या है?

(A) हर बच्चे की निजी समस्या का गहन समाधान
(B) समान आवश्यकताओं वाले अनेक विद्यार्थियों तक एक साथ पहुँचना
(C) बच्चे की गोपनीय जानकारी सार्वजनिक करना
(D) व्यक्तिगत भिन्नताओं को समाप्त करना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
समूह निर्देशन विशेष रूप से तब उपयोगी है जब विद्यार्थियों को एक जैसी जानकारी चाहिए, जैसेपरीक्षा तैयारी, अध्ययन कौशल, विषय चयन या करियर संबंधी सामान्य जानकारी।


प्रश्न 49. व्यक्तिगत परामर्श में सबसे महत्वपूर्ण बात क्या है?

(A) सभी बच्चों के लिए समान समाधान
(B) व्यक्ति की विशिष्ट स्थिति को समझना
(C) तुलना करना
(D) निर्णय थोपना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
व्यक्तिगत परामर्श में व्यक्ति की व्यक्तिगत परिस्थितियों और अनुभवों को समझना केंद्रीय है।


प्रश्न 50. यदि पूरी कक्षा को समय-प्रबंधन के बारे में जानकारी देनी है, तो सबसे उपयुक्त तरीका क्या होगा?

(A) समूह निर्देशन
(B) व्यक्तिगत परामर्श
(C) केवल दंड
(D) बच्चे को अलग करना

उत्तर — (A)

व्याख्या:
समान आवश्यकता वाले बड़े समूह को सामान्य कौशल सिखाने के लिए समूह निर्देशन अधिक प्रभावी और व्यावहारिक है।


भाग–10 : शिक्षक और परामर्शदाता

प्रश्न 51. क्या शिक्षक विद्यार्थियों को निर्देशन दे सकता है?

(A) हाँ, उचित सीमा में
(B) नहीं
(C) केवल प्रधानाचार्य दे सकता है
(D) केवल अभिभावक दे सकते हैं

उत्तर — (A)

व्याख्या:
शिक्षक विद्यार्थियों के निकट रहता है और उनके शैक्षिक व्यवहार को समझता है। इसलिए वह शैक्षिक एवं सामान्य विकासात्मक निर्देशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
लेकिन गंभीर या जटिल व्यक्तिगत/मानसिक समस्याओं में प्रशिक्षित विशेषज्ञ की सहायता लेना उचित है।


प्रश्न 52. शिक्षक को कब विशेषज्ञ के पास विद्यार्थी को संदर्भित करना चाहिए?

(A) जब समस्या उसकी क्षमता और भूमिका से बाहर हो
(B) हर छोटी समस्या पर
(C) कभी नहीं
(D) केवल परीक्षा में कम अंक आने पर

उत्तर — (A)

व्याख्या:
शिक्षक को अपनी सीमाओं को समझना चाहिए। यदि विद्यार्थी की समस्या अत्यधिक जटिल है या विशेषज्ञ सहायता की आवश्यकता है, तो referral उचित कदम है।


प्रश्न 53. Referral का अर्थ क्या है?

(A) विद्यार्थी को दंड देना
(B) विद्यार्थी को उचित विशेषज्ञ/सेवा तक पहुँचाना
(C) विद्यार्थी को स्कूल से निकालना
(D) विद्यार्थी की समस्या को नजरअंदाज करना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
Referral का उद्देश्य बच्चे को ऐसी सहायता उपलब्ध कराना है जो शिक्षक स्वयं प्रदान नहीं कर सकता। यह सहयोगात्मक दृष्टिकोण है, असफलता नहीं।


प्रश्न 54. शिक्षक को विद्यार्थी की समस्या पर क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए?

(A) समस्या के लिए बच्चे को दोष देना
(B) बच्चे को समझना और सहयोग देना
(C) तुरंत दंड देना
(D) अन्य बच्चों से तुलना करना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
CTET के बाल-केंद्रित दृष्टिकोण के अनुसार शिक्षक को सहानुभूतिपूर्ण, सहयोगी और संवेदनशील होना चाहिए।


प्रश्न 55. एक विद्यार्थी बार-बार असफल हो रहा है। शिक्षक को क्या नहीं करना चाहिए?

(A) कारणों की खोज करना
(B) अतिरिक्त सहायता देना
(C) उसे कमजोरका स्थायी लेबल देना
(D) सीखने की रणनीति बदलना

उत्तर — (C)

व्याख्या:
लेबलिंग बच्चे की आत्म-अवधारणा को प्रभावित कर सकती है। शिक्षक को असफलता को स्थायी क्षमता का प्रमाण नहीं मानना चाहिए।


भाग–11 : अभिप्रेरणा, आत्मविश्वास और परामर्श

प्रश्न 56. विद्यार्थी का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए शिक्षक को क्या करना चाहिए?

(A) केवल उसकी कमियों को बताना
(B) प्रयास और प्रगति को पहचानना
(C) अन्य बच्चों से तुलना करना
(D) गलतियों पर सार्वजनिक रूप से आलोचना करना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
जब शिक्षक बच्चे के प्रयास, सुधार और रणनीति को पहचानता है, तो बच्चे में self-efficacy विकसित हो सकती है। केवल परिणाम की प्रशंसा करने के बजाय सीखने की प्रक्रिया पर ध्यान देना अधिक उपयोगी है।


प्रश्न 57. परामर्श में विद्यार्थी की गलतियों को कैसे देखा जाना चाहिए?

(A) चरित्र की कमी के रूप में
(B) समझने और सीखने के अवसर के रूप में
(C) दंड के आधार के रूप में
(D) बुद्धि की कमी के प्रमाण के रूप में

उत्तर — (B)

व्याख्या:
शैक्षिक दृष्टिकोण से गलती सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। शिक्षक को यह समझना चाहिए कि विद्यार्थी ने गलती क्यों की।


प्रश्न 58. यदि बच्चा कहता है, “मैं गणित नहीं सीख सकता,” तो शिक्षक की बेहतर प्रतिक्रिया क्या होगी?

(A)तुम गणित में कमजोर हो।
(B)तुम्हें गणित कभी नहीं आएगा।
(C)आओ, देखें किस हिस्से में कठिनाई हो रही है और कौन-सी रणनीति मदद कर सकती है।
(D)दूसरों से सीखो।

उत्तर — (C)

व्याख्या:
यह प्रतिक्रिया बच्चे को स्थायी रूप से असमर्थघोषित नहीं करती। शिक्षक कठिनाई के विशिष्ट कारण को खोजने और वैकल्पिक रणनीति अपनाने पर ध्यान देता है।


प्रश्न 59. निर्देशन में सकारात्मक प्रतिक्रिया का उद्देश्य क्या है?

(A) बच्चे को नियंत्रित करना
(B) बच्चे को अपनी प्रगति समझने और सुधार करने में मदद करना
(C) प्रतियोगिता बढ़ाना
(D) केवल अंक बढ़ाना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
प्रभावी feedback केवल अच्छा/खराबनहीं होता। उसे यह बताना चाहिए कि विद्यार्थी ने क्या अच्छा किया और आगे क्या सुधार किया जा सकता है।


प्रश्न 60. परामर्श में आत्म-अवधारणा (Self-concept) क्यों महत्वपूर्ण है?

(A) क्योंकि यह व्यक्ति के अपने बारे में विचारों को प्रभावित करती है
(B) क्योंकि यह केवल परीक्षा अंक तय करती है
(C) क्योंकि यह केवल खेल से संबंधित है
(D) इसका कोई महत्व नहीं

उत्तर — (A)

व्याख्या:
बच्चा स्वयं को सक्षम, असक्षम, स्वीकार्य या अस्वीकार्य कैसे देखता है, इसका प्रभाव उसके व्यवहार, सीखने और निर्णय लेने पर पड़ सकता है। सकारात्मक और यथार्थवादी self-concept विकसित करने में शिक्षक और परामर्शदाता सहयोग कर सकते हैं।


भाग–12 : व्यक्तिगत भिन्नता और निर्देशन

प्रश्न 61. निर्देशन देते समय व्यक्तिगत भिन्नताओं को ध्यान में रखना क्यों आवश्यक है?

(A) सभी बच्चे एक जैसे होते हैं
(B) बच्चों की रुचि, क्षमता और सीखने की गति अलग होती है
(C) केवल कमजोर बच्चे अलग होते हैं
(D) इससे शिक्षक का काम बढ़ता है इसलिए आवश्यक नहीं

उत्तर — (B)

व्याख्या:
व्यक्तिगत भिन्नता बाल विकास की मूल अवधारणा है। एक ही रणनीति सभी बच्चों के लिए समान रूप से प्रभावी नहीं हो सकती।


प्रश्न 62. यदि दो विद्यार्थी समान अंक प्राप्त करते हैं तो क्या उनके लिए समान निर्देशन उचित है?

(A) हमेशा
(B) आवश्यक नहीं
(C) केवल प्रतिभाशाली बच्चों के लिए
(D) केवल कमजोर बच्चों के लिए

उत्तर — (B)

व्याख्या:
समान अंक का अर्थ समान रुचि, क्षमता या आवश्यकता नहीं होता। इसलिए निर्देशन व्यक्ति की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर होना चाहिए।


प्रश्न 63. एक विद्यार्थी पढ़ाई में अच्छा है लेकिन सामाजिक रूप से अलग रहता है। शिक्षक को

(A) केवल उसके अंक पर ध्यान देना चाहिए
(B) उसके सामाजिक समायोजन की आवश्यकता को भी समझना चाहिए
(C) उसे दंड देना चाहिए
(D) उसे कक्षा से बाहर करना चाहिए

उत्तर — (B)

व्याख्या:
सर्वांगीण विकास में केवल शैक्षिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक विकास भी शामिल है। इसलिए विद्यार्थी की सामाजिक आवश्यकताओं पर भी ध्यान देना चाहिए।


प्रश्न 64. निर्देशन का विकासात्मक दृष्टिकोण किस बात पर जोर देता है?

(A) केवल समस्या का इलाज
(B) व्यक्ति के निरंतर विकास पर
(C) केवल अनुशासन
(D) केवल परीक्षा परिणाम

उत्तर — (B)

व्याख्या:
Developmental guidance बच्चे के विभिन्न विकासात्मक चरणों और आवश्यकताओं के अनुसार सहायता प्रदान करता है।


प्रश्न 65. निवारक निर्देशन (Preventive Guidance) का उद्देश्य है

(A) समस्या उत्पन्न होने के बाद दंड देना
(B) संभावित कठिनाइयों को पहले से कम करना
(C) बच्चों को अलग करना
(D) केवल परीक्षा लेना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
निवारक दृष्टिकोण में पहले से ऐसी सहायता दी जाती है जिससे संभावित कठिनाइयों की संभावना कम हो। जैसेअध्ययन कौशल, समय प्रबंधन और सामाजिक कौशल का प्रशिक्षण।


भाग–13 : केस आधारित CTET प्रश्न

प्रश्न 66. एक विद्यार्थी लगातार कक्षा में चुप रहता है। शिक्षक को सबसे पहले क्या करना चाहिए?

(A) उसे शर्मीला घोषित करना
(B) उसके व्यवहार के संभावित कारणों को समझने का प्रयास करना
(C) उसे दंड देना
(D) माता-पिता को तुरंत दोष देना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
चुप रहने के कई कारण हो सकते हैंझिझक, भाषा की कठिनाई, आत्मविश्वास की कमी, कक्षा का वातावरण, सामाजिक अनुभव आदि। इसलिए शिक्षक को अवलोकन और संवाद से कारण समझना चाहिए।


प्रश्न 67. एक विद्यार्थी परीक्षा के कारण बहुत चिंतित है। शिक्षक की सर्वोत्तम प्रतिक्रिया क्या होगी?

(A)चिंता करना बंद करो।
(B) उसकी चिंता को समझकर अध्ययन योजना और सहयोग उपलब्ध कराना
(C) उसे अन्य बच्चों से तुलना करना
(D) उसे डाँटना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
चिंता मत करोकहना समस्या का समाधान नहीं है। बेहतर तरीका है कि विद्यार्थी की चिंता को स्वीकार कर उसके साथ यथार्थवादी अध्ययन योजना, समय प्रबंधन और आवश्यक सहायता पर चर्चा की जाए।


प्रश्न 68. विद्यार्थी कहता है कि उसके माता-पिता उसकी पसंद का विषय नहीं लेने दे रहे। शिक्षक को

(A) माता-पिता को गलत घोषित करना
(B) विद्यार्थी और अभिभावकों के दृष्टिकोण को समझने में सहायता करना
(C) बच्चे को घर छोड़ने की सलाह देना
(D) निर्णय स्वयं लेना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
यह व्यक्तिगत एवं शैक्षिक निर्देशन का मामला हो सकता है। शिक्षक को संवाद का अवसर बनाना चाहिए और विद्यार्थी की रुचि तथा अभिभावकों की चिंताओं दोनों को समझना चाहिए।


प्रश्न 69. एक बच्चा बार-बार कहता है कि मैं दूसरों से कम हूँ।शिक्षक को क्या करना चाहिए?

(A) उसकी तुलना और अधिक करना
(B) उसकी शक्तियों और प्रगति पर ध्यान देने में सहायता करना
(C) उसे नजरअंदाज करना
(D) उसे कमजोर कहना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
नकारात्मक self-concept को मजबूत करने के बजाय शिक्षक को बच्चे की strengths, प्रयास और व्यक्तिगत प्रगति पर ध्यान देना चाहिए। उसे यथार्थवादी और सकारात्मक आत्म-धारणा विकसित करने में सहायता करनी चाहिए।


प्रश्न 70. विद्यार्थी किसी समस्या को लेकर शिक्षक से निजी रूप से बात करना चाहता है। शिक्षक को

(A) पूरी कक्षा के सामने बात करनी चाहिए
(B) यथासंभव उपयुक्त और सुरक्षित निजी वातावरण देना चाहिए
(C) उसकी बात तुरंत सभी विद्यार्थियों को बतानी चाहिए
(D) उसे मना कर देना चाहिए

उत्तर — (B)

व्याख्या:
निजी समस्या पर चर्चा के लिए सुरक्षित वातावरण आवश्यक है। इससे विद्यार्थी अधिक सहजता से अपनी बात रख सकता है और गोपनीयता की भावना मजबूत होती है।


भाग–14 : CTET में पूछे जाने वाले Conceptual Traps

प्रश्न 71. निम्न में से निर्देशन के बारे में गलत कथन कौन-सा है?

(A) निर्देशन निरंतर प्रक्रिया है
(B) निर्देशन सभी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकता है
(C) निर्देशन केवल समस्याग्रस्त बच्चों के लिए है
(D) निर्देशन व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करता है

उत्तर — (C)

व्याख्या:
आधुनिक दृष्टिकोण में निर्देशन केवल remedial नहीं है। यह developmental, preventive और educational प्रक्रिया भी है।


प्रश्न 72. परामर्श का उद्देश्य विद्यार्थी के लिए निर्णय लेना है।

(A) सही
(B) गलत

उत्तर — (B)

व्याख्या:
परामर्श का उद्देश्य विद्यार्थी की समस्या समझने, विकल्पों पर विचार करने और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाना है। विशेष रूप से person-centered approach में परामर्शदाता निर्णय थोपता नहीं है।


प्रश्न 73. “सभी विद्यार्थियों के लिए एक ही निर्देशन रणनीति सर्वोत्तम है।यह कथन

(A) सही
(B) गलत

उत्तर — (B)

व्याख्या:
व्यक्तिगत भिन्नताओं के कारण अलग-अलग विद्यार्थियों को अलग प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो सकती है।


प्रश्न 74. निर्देशन का संबंध केवल करियर से है।

(A) सही
(B) गलत

उत्तर — (B)

व्याख्या:
करियर निर्देशन का केवल एक क्षेत्र है। निर्देशन में शैक्षिक, व्यक्तिगत-सामाजिक, व्यावसायिक और अन्य विकासात्मक क्षेत्र शामिल होते हैं।


प्रश्न 75. प्रभावी परामर्श में परामर्शदाता को अधिक से अधिक बोलना चाहिए।

(A) सही
(B) गलत

उत्तर — (B)

व्याख्या:
परामर्श में active listening महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी को अपनी बात व्यक्त करने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।


भाग–15 : नैतिकता और गोपनीयता

प्रश्न 76. विद्यार्थी द्वारा साझा की गई निजी जानकारी को शिक्षक को

(A) दोस्तों के साथ साझा करना चाहिए
(B) सोशल मीडिया पर बताना चाहिए
(C) अनावश्यक रूप से दूसरों से साझा नहीं करना चाहिए
(D) पूरी कक्षा को बताना चाहिए

उत्तर — (C)

व्याख्या:
गोपनीयता विद्यार्थी के विश्वास और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। व्यक्तिगत जानकारी का अनावश्यक प्रसार परामर्श संबंध को नुकसान पहुँचा सकता है।


प्रश्न 77. गोपनीयता के संदर्भ में शिक्षक को सबसे पहले क्या समझना चाहिए?

(A) हर जानकारी हमेशा छिपानी है
(B) जानकारी की संवेदनशीलता और विद्यार्थी की सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं
(C) सभी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए
(D) विद्यार्थी की कोई निजता नहीं होती

उत्तर — (B)

व्याख्या:
गोपनीयता महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चे की सुरक्षा और आवश्यक संरक्षण भी महत्वपूर्ण हैं। गंभीर सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में उचित संस्थागत प्रक्रिया और जिम्मेदार वयस्क/विशेषज्ञ की सहायता आवश्यक हो सकती है।


प्रश्न 78. परामर्शदाता का पक्षपातपूर्ण व्यवहार

(A) उचित है
(B) परामर्श की गुणवत्ता को नुकसान पहुँचा सकता है
(C) आत्मविश्वास बढ़ाता है
(D) आवश्यक है

उत्तर — (B)

व्याख्या:
परामर्शदाता को जाति, भाषा, लिंग, सामाजिक पृष्ठभूमि, क्षमता या अन्य व्यक्तिगत विशेषताओं के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए। निष्पक्षता और सम्मान आवश्यक हैं।


प्रश्न 79. एक शिक्षक किसी बच्चे को उसकी सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर कम सक्षम मानता है। यह व्यवहार

(A) उचित निर्देशन
(B) पूर्वाग्रहपूर्ण व्यवहार
(C) व्यक्तिगत निर्देशन
(D) सहानुभूति

उत्तर — (B)

व्याख्या:
बच्चे की क्षमता का अनुमान उसकी सामाजिक पहचान या पृष्ठभूमि से लगाना उचित नहीं है। CTET में inclusive education और individual differences से संबंधित प्रश्नों में ऐसे पूर्वाग्रहपूर्ण व्यवहार को अस्वीकार किया जाता है।


प्रश्न 80. प्रभावी परामर्श का वातावरण कैसा होना चाहिए?

(A) भयपूर्ण
(B) आलोचनात्मक
(C) सुरक्षित, सम्मानपूर्ण और स्वीकारात्मक
(D) प्रतिस्पर्धात्मक

उत्तर — (C)

व्याख्या:
सुरक्षित वातावरण विद्यार्थी को खुलकर अपनी बात कहने में मदद करता है। इसमें trust, empathy, respect और confidentiality महत्वपूर्ण हैं।


भाग–16 : शैक्षिक निर्देशन

प्रश्न 81. अध्ययन की खराब आदतों वाले विद्यार्थी को कौन-सा निर्देशन उपयोगी होगा?

(A) अध्ययन कौशल निर्देशन
(B) दंड
(C) तुलना
(D) उपेक्षा

उत्तर — (A)

व्याख्या:
विद्यार्थी को समय-सारणी, प्राथमिकता निर्धारण, उचित अध्ययन तकनीक, पुनरावृत्ति और विश्राम जैसी रणनीतियों के बारे में मार्गदर्शन दिया जा सकता है।


प्रश्न 82. विद्यार्थी को विद्यालय में उपलब्ध विषयों और पाठ्यक्रम की जानकारी देना किसका उदाहरण है?

(A) शैक्षिक निर्देशन
(B) चिकित्सा उपचार
(C) दंड
(D) मनोचिकित्सा

उत्तर — (A)

व्याख्या:
पाठ्यक्रम, विषय चयन, अध्ययन पद्धति और शैक्षिक अवसरों से संबंधित जानकारी शैक्षिक निर्देशन के अंतर्गत आती है।


प्रश्न 83. यदि विद्यार्थी को सीखने की रणनीति चुनने में कठिनाई हो रही है तो शिक्षक को

(A) एक ही विधि सभी पर थोपनी चाहिए
(B) विभिन्न रणनीतियों के प्रयोग का अवसर देना चाहिए
(C) उसे कमजोर कहना चाहिए
(D) उसे पढ़ाई से हटा देना चाहिए

उत्तर — (B)

व्याख्या:
विभिन्न बच्चे अलग-अलग रणनीतियों से लाभ उठा सकते हैं। शिक्षक को विद्यार्थी को रणनीतियों का चयन और प्रयोग करने में सहायता करनी चाहिए।


प्रश्न 84. शैक्षिक निर्देशन में मूल्यांकन का उपयोग क्यों किया जाता है?

(A) केवल बच्चों को रैंक देने के लिए
(B) विद्यार्थी की आवश्यकताओं और प्रगति को समझने के लिए
(C) दंड देने के लिए
(D) तुलना करने के लिए

उत्तर — (B)

व्याख्या:
Assessment से विद्यार्थी की वर्तमान स्थिति, सीखने की कठिनाइयों और प्रगति की जानकारी मिल सकती है। इसका उपयोग supportive intervention के लिए होना चाहिए।


प्रश्न 85. यदि किसी विद्यार्थी की उपलब्धि कम है, तो निर्देशन में सबसे पहले क्या किया जाना चाहिए?

(A) उसकी बुद्धि पर संदेह करना
(B) कठिनाई के कारणों की पहचान करना
(C) उसे कक्षा में सबसे पीछे बैठाना
(D) उसे दंड देना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
कम उपलब्धि अनेक कारणों से हो सकती है। इसलिए निदानात्मक दृष्टिकोण से कारणों को समझना आवश्यक है।


भाग–17 : व्यावसायिक निर्देशन

प्रश्न 86. करियर का चुनाव करते समय सबसे उपयुक्त आधार क्या है?

(A) केवल परिवार की इच्छा
(B) केवल मित्रों की पसंद
(C) रुचि, योग्यता, अभिरुचि और अवसरों का समन्वय
(D) केवल अधिक वेतन

उत्तर — (C)

व्याख्या:
उचित व्यावसायिक निर्देशन व्यक्ति की interest, aptitude, ability, personality और available opportunities को ध्यान में रखता है। केवल सामाजिक प्रतिष्ठा या आय के आधार पर करियर चुनना पर्याप्त नहीं है।


प्रश्न 87. व्यावसायिक निर्देशन में अभिरुचिका अर्थ है

(A) किसी कार्य को करने की रुचि/पसंद
(B) केवल परीक्षा अंक
(C) शारीरिक ऊँचाई
(D) परिवार की आय

उत्तर — (A)

व्याख्या:
Interest व्यक्ति की किसी गतिविधि या क्षेत्र के प्रति पसंद या आकर्षण को दर्शाती है। Career guidance में interest के साथ aptitude और ability भी देखे जाते हैं।


प्रश्न 88. यदि बच्चा केवल मित्रों की नकल करके करियर चुनना चाहता है तो शिक्षक को

(A) उसे तुरंत वही करियर चुनने देना चाहिए
(B) उसकी व्यक्तिगत रुचि और क्षमता पर विचार करने में सहायता करनी चाहिए
(C) मित्रों को दोष देना चाहिए
(D) कोई सहायता नहीं करनी चाहिए

उत्तर — (B)

व्याख्या:
करियर व्यक्तिगत निर्णय है। विद्यार्थी को विभिन्न विकल्पों की जानकारी देकर self-assessment और informed decision-making में सहायता करनी चाहिए।


प्रश्न 89. व्यावसायिक निर्देशन में aptitude test का उपयोग किसलिए किया जा सकता है?

(A) बच्चे को दंड देने के लिए
(B) उसकी संभावित क्षमताओं/अभिरुचियों को समझने के लिए
(C) उसकी सामाजिक स्थिति जानने के लिए
(D) उसकी मित्रता तय करने के लिए

उत्तर — (B)

व्याख्या:
Aptitude tests संभावित क्षमताओं या विशेष क्षेत्रों में प्रदर्शन की संभावना को समझने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि किसी एक परीक्षण के आधार पर बच्चे के पूरे भविष्य का निर्णय नहीं किया जाना चाहिए।


प्रश्न 90. करियर निर्देशन का सर्वोत्तम दृष्टिकोण कौन-सा है?

(A) एक व्यवसाय को सभी के लिए श्रेष्ठ मानना
(B) व्यक्ति और व्यवसाय के बीच उपयुक्तता पर विचार करना
(C) केवल अधिक वेतन देखना
(D) परिवार की परंपरा को अंतिम मानना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
Career choice में person-job fit महत्वपूर्ण है। व्यक्ति की रुचि, क्षमता, व्यक्तित्व और उपलब्ध अवसरों का व्यवसाय की आवश्यकताओं से मिलान किया जाता है।


भाग–18 : अंतिम 10 अत्यंत महत्वपूर्ण CTET प्रश्न

प्रश्न 91. निर्देशन का मूल उद्देश्य है

(A) निर्भरता बढ़ाना
(B) आत्मनिर्भरता और समायोजन क्षमता विकसित करना
(C) नियंत्रण बढ़ाना
(D) दंड देना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
निर्देशन व्यक्ति को स्वयं को समझने, विकल्पों का मूल्यांकन करने और उचित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। इसलिए self-direction और adjustment इसके महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं।


प्रश्न 92. परामर्श में ‘Rapport’ का अर्थ है

(A) परीक्षा लेना
(B) विश्वासपूर्ण संबंध स्थापित करना
(C) दंड देना
(D) निर्णय सुनाना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
Rapport वह सकारात्मक संबंध है जिसमें व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित और समझा हुआ महसूस करता है। यह प्रभावी परामर्श की आधारभूत आवश्यकता है।


प्रश्न 93. निम्न में से कौन-सा परामर्शदाता का उचित व्यवहार नहीं है?

(A) ध्यान से सुनना
(B) सहानुभूति रखना
(C) विद्यार्थी की बात पर तुरंत निर्णय थोपना
(D) सम्मान देना

उत्तर — (C)

व्याख्या:
परामर्श में बच्चे की autonomy महत्वपूर्ण है। तुरंत निर्णय थोपना उसे अपनी समस्या को स्वयं समझने और निर्णय लेने से रोक सकता है।


प्रश्न 94. यदि विद्यार्थी किसी समस्या का समाधान स्वयं खोज लेता है, तो परामर्शदाता को

(A) उसे गलत बताना चाहिए
(B) उसके निर्णय की प्रक्रिया पर विचार करने में सहायता करनी चाहिए
(C) अपना समाधान थोपना चाहिए
(D) उसकी प्रशंसा नहीं करनी चाहिए

उत्तर — (B)

व्याख्या:
परामर्श का उद्देश्य self-understanding और self-direction को मजबूत करना है। विद्यार्थी के समाधान तक पहुँचने की प्रक्रिया को समझना उसकी भविष्य की निर्णय क्षमता को मजबूत कर सकता है।


प्रश्न 95. CTET के बाल-केंद्रित दृष्टिकोण के अनुसार निर्देशन में शिक्षक को

(A) बच्चों की आवाज को महत्व देना चाहिए
(B) केवल स्वयं निर्णय लेना चाहिए
(C) बच्चों को चुप रखना चाहिए
(D) तुलना करनी चाहिए

उत्तर — (A)

व्याख्या:
बाल-केंद्रित शिक्षा में बच्चे को सक्रिय सहभागी माना जाता है। उसकी राय, अनुभव, रुचि और आवश्यकता को महत्व देना आवश्यक है।


प्रश्न 96. एक शिक्षक कहता है, “मैं तुम्हारी समस्या समझता हूँ, लेकिन निर्णय तुम्हें स्वयं लेना होगा। मैं विकल्पों पर सोचने में तुम्हारी मदद करूँगा।यह किस दृष्टिकोण को दर्शाता है?

(A) बाल-केंद्रित परामर्श
(B) दंडात्मक निर्देशन
(C) अधिनायकवादी दृष्टिकोण
(D) उपेक्षा

उत्तर — (A)

व्याख्या:
यह कथन बच्चे की autonomy, participation और self-direction को महत्व देता है। शिक्षक सहयोगी भूमिका निभा रहा है, निर्णय थोप नहीं रहा।


प्रश्न 97. यदि किसी विद्यार्थी की समस्या शिक्षक की विशेषज्ञता से बाहर है, तो सबसे उचित कदम क्या है?

(A) समस्या छिपाना
(B) विद्यार्थी को उपयुक्त विशेषज्ञ के पास refer करना
(C) बच्चे को दोष देना
(D) समस्या को नजरअंदाज करना

उत्तर — (B)

व्याख्या:
एक जिम्मेदार शिक्षक अपनी पेशेवर सीमाओं को पहचानता है। आवश्यक होने पर विशेषज्ञ की सहायता लेना बच्चे के हित में है।


प्रश्न 98. निर्देशन में व्यक्ति को उसकी सहायता स्वयं करने योग्य बनानाकिस विचार को दर्शाता है?

(A) Self-direction
(B) Punishment
(C) Dependence
(D) Competition

उत्तर — (A)

व्याख्या:
निर्देशन का प्रमुख उद्देश्य व्यक्ति को समस्याओं को समझने, विकल्पों का मूल्यांकन करने और स्वयं निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है। इसलिए self-direction इसकी केंद्रीय अवधारणा है।


प्रश्न 99. निम्न में से निर्देशन एवं परामर्श के बारे में सबसे सही कथन कौन-सा है?

(A) दोनों केवल कमजोर विद्यार्थियों के लिए हैं
(B) दोनों का उद्देश्य व्यक्ति के विकास और समायोजन में सहायता करना है
(C) दोनों का मुख्य उद्देश्य दंड देना है
(D) दोनों केवल करियर चयन से संबंधित हैं

उत्तर — (B)

व्याख्या:
आधुनिक शैक्षिक दृष्टिकोण में निर्देशन एवं परामर्श को विकासात्मक और सहयोगात्मक प्रक्रियाओं के रूप में देखा जाता है। इनका उपयोग विद्यार्थी के शैक्षिक, व्यक्तिगत, सामाजिक और व्यावसायिक विकास में सहायता के लिए किया जाता है।


प्रश्न 100. CTET के दृष्टिकोण से एक आदर्श शिक्षक द्वारा निर्देशन एवं परामर्श का सर्वोत्तम तरीका कौन-सा है?

(A) बच्चे को समस्या के लिए दोष देना
(B) सभी बच्चों के लिए समान समाधान देना
(C) बच्चे को सुनना, उसकी व्यक्तिगत भिन्नताओं को समझना, उचित विकल्पों पर विचार करने में सहायता करना और आवश्यक होने पर विशेषज्ञ को refer करना
(D) बच्चे की जगह स्वयं निर्णय लेना

उत्तर — (C)

व्याख्या:
यह प्रश्न पूरे अध्याय की केंद्रीय अवधारणा को समेटता है। एक प्रभावी शिक्षक

·         बच्चे को ध्यान से सुनता है।

·         व्यक्तिगत भिन्नताओं को स्वीकार करता है।

·         बच्चे की रुचि और क्षमता को समझता है।

·         समस्या के कारणों की खोज करता है।

·         निर्णय थोपने के बजाय विकल्पों पर विचार करने में सहायता करता है।

·         सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण बनाता है।

·         गोपनीयता का सम्मान करता है।

·         अपनी सीमा से बाहर की समस्या में विशेषज्ञ की सहायता लेता है।

·         बच्चे को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देता है।

इसलिए (C) CTET की बाल-केंद्रित, समावेशी और विकासात्मक दृष्टि के सबसे निकट है।