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गुरुवार, 24 दिसंबर 2020

कोरोना वैक्सीन :सुअर के मांस वाली वैक्सीन की मुस्लिमों को इजाजत, UAE की इस्लामिक बॉडी ने दिखाई मुस्लिम जगत को राह

कोरोना वैक्सीन :UAE की इस्लामिक बॉडी ने दिखाई मुस्लिम जगत को राह,  सुअर के मांस वाली वैक्सीन की मुस्लिमों को दी इजाजत


  • यूएई फतवा काउंसिल ने पोर्क जिलेटिन वाली वैक्सीन को जायज करार  दिया 
  • बताया मनुष्य का जीवन बचाना है सर्वोच्च प्राथमिकता 


दुनिया भर के कई देशों में कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण अब जोर-शोर से शुरू हो चुका है ताकि कोविड-19 महामारी का खात्मा किया जा सके. इस बीच, संयुक्त अरब अमीरत (UAE) की सर्वोच्च संस्था यूएई फतवा काउंसिल ने इसे जायज करार देते हुए कहा कि अगर वैक्सीन में सुअर से बनने वाला जिलेजिन भी मौजूद है तो भी मुस्लिम उस वैक्सीन ले सकते हैं.




टीकों में सामान्य तौर पर पोर्क जिलेटिन (सुअर के मांस से बनी जिलेटिन) का इस्तेमाल होता है और इसी वजह से टीकाकरण को लेकर उन मुस्लिमों की चिंता बढ़ गई है जो इस्लामी कानून के तहत पोर्क से बने उत्पादों के प्रयोग को 'हराम' मानते हैं. काउंसिल के अध्यक्ष शेख अब्दुल्ला बिन बय्या ने कहा कि अगर कोई और विकल्प नहीं है तो कोरोना वायरस टीकों को इस्लामी पाबंदियों से अलग रखा जा सकता है क्योंकि पहली प्राथमिकता 'मनुष्य का जीवन बचाना है.'

उनकी तरफ से यह ऐसे वक्त में कहा गया है जब ऐसा माना जा रहा था कि सुअर के जिलेटिन के चलते मुसलमान अपने धार्मिक मान्यताओं की वजह से इस वैक्सीन से अपने आपको को अलग कर सकते हैं. गौरतलब है कि मुस्लिमों में सुअर के मांस के किसी भी रूप में उपभोग को हराम माना जाता है और यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है.



काउंसिल के चेयरमेन शेख अब्दुल्ला बिन बय्या ने कहा कि कोरोना वैक्सीन को लेकर इस्लाम में सुअर को लेकर लगाए गए बैन लागू नहीं होंगे. काउंसिल ने आगे कहा कि सुअर की जिलेटिन दवा है ना कि यह खाना और कई वैक्सीन जिनमें इस जिलेटिन का इस्तेमाल किया गया है वे काफी प्रभावा पायी गई है.

गौरतलब है कि कई मुस्लिम देशों में कोरोना वैक्सीन को लेकर चिंताएं जाहिर की जा रही हैं. अक्टूबर के महीने में इंडोनेशिया के कुछ राजनयिक और मुस्लिम मौलवी चीन में एक प्लेन से अचानक उतर गए. मुस्लिम मौलवी को यह चिंता थी कि इस्लामिक कानून के तहत कोरोना की वैक्सीन लगवाने की इजाजत नहीं है.

वैक्सीन में सूअर का मांस क्यों यूज़ होता है?

दरअसल सुवर के मांस से बने जिलेटिन  बड़ी मात्रा में स्टेबलाइजर के रूप में यूज होते हैं जो वैक्सीन को  ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज के  दौरान सुरक्षित और उपयोगी बनाए रखने के लिए उपयोग में लाई जाती है,