विद्युत क्षेत्र में उत्‍कृष्‍टता के केंद्र की स्‍थापना दिशा में भारत और फ्रांस सरकार के सम्मिलित प्रयास - Daily Hindi Paper | RPSC Online GK in Hindi | GK in Hindi l RPSC Notes in Hindi

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शनिवार, 19 दिसंबर 2020

विद्युत क्षेत्र में उत्‍कृष्‍टता के केंद्र की स्‍थापना दिशा में भारत और फ्रांस सरकार के सम्मिलित प्रयास

विद्युत क्षेत्र के प्रथम उत्‍कृष्‍टता के केंद्र का शुभारंभ


  • केंद्रीय मंत्री श्री आर के सिंह ने फ्रांस के आर्थिक एवं वित्‍तीय कार्य मंत्री-काउंसलर, भारत और दक्षिण एशिया के लिए क्षेत्रीय आर्थिक विभाग के प्रमुख श्री डेनियल मातेर की मौजूदगी में आभासी रूप से उत्‍कृष्‍टता के केंद्र का शुभारंभ किया. 
  • उत्‍कृष्‍टता का केंद्र प्रशिक्षकों और आकलनकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेगा; 300+ की सालाना क्षमता

कौशल विकास और व्‍यावसायिक प्रशिक्षण के प्रति अपनी संकल्‍पबद्धता के अनुरूप कदम उठाते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार, राष्‍ट्रीय शिक्षा एवं युवा मंत्रालय, फ्रांस सरकार तथा शनाइडर इलेक्ट्रिक ने देश भर में प्रमाणित प्रशिक्षकों और आकलनकर्ताओं का सुदृढ़ कैडर तैयार करने के लिए ग्वाल पहाड़ी (गुरुग्राम) स्थित राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा संस्‍थान (एनआईएसई) के परिसर में आज विद्युत क्षेत्र के प्रथम उत्‍कृष्‍टता के केंद्र के शुभारंभ की घोषणा की।

 

भविष्‍य की प्रौद्योगिकी को ध्‍यान में रखते हुए इस उत्‍कृष्‍टता के केंद्र में अच्‍छी गुणवत्‍ता वाली आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं, जो ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और फ्रांस के संबंधों को और मजबूती प्रदान करेंगी। केंद्रीय विद्युत राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा (स्‍वतंत्र प्रभार) और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्‍य मंत्री श्री राज कुमार सिंह ने आज विशिष्‍ट अतिथि फ्रांस के आर्थिक एवं वित्‍तीय कार्य मंत्री-काउंसलर, भारत और दक्षिण एशिया के लिए क्षेत्रीय आर्थिक विभाग के प्रमुख श्री डेनियल मातेर की मौजूदगी में आभासी रूप से उत्‍कृष्‍टता के केंद्र का शुभारंभ किया।

 

            उत्‍कृष्‍टता के केंद्र की स्‍थापना एमएसडीई, शिक्षा मंत्रालय, फ्रांस और शनाइडर इलेक्ट्रिक के बी‍च पहले हस्‍ताक्षरित समझौता ज्ञापन का परिणाम है।

इसके अलावा, एक केंद्र की स्‍थापना करने के लिए तथा विद्युत और सौर के क्षेत्र में उच्‍च स्‍तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने और कौशल विकास के लिए राष्‍ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी),शनाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया फाउंडेशन (एसईआईएफ), विद्युत क्षेत्र कौशल परिषद (पीएसएससी) और राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा संस्‍थान (एनआईएसई) के बीच एक परिचालन समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए।

 


उत्‍कृष्‍टता के केंद्र का उद्धाटन करते हुए केंद्रीय विद्युत राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा (स्‍वतंत्र प्रभार) और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्‍य मंत्री श्री राज कुमार सिंह ने कहा, ‘’ आर्थिक विकास को गति प्रदान करने, ऊर्जा सुरक्षा तथा ऊर्जा तक पहुंच में सुधार लाने के साथ ही जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से भी निपटते हुए भारत नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में त्‍वरित गति से बढ़ रहा है। ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी संख्‍या में कामगार तैयार करने संबंधी मांगों को पूरा करने में हमें जो सफलता हासिल होगी, वह भारत को विश्‍व में नवीकरणीय ऊर्जा के बाजार के शीर्षतम स्‍थान की ओर प्रवृत्‍त करेगी। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति को प्रोत्‍साहन देने के लिए निरंतर किए जाने वाले प्रयास हमें माननीय प्रधानमंत्री के आत्‍मनिर्भर भारतके विजन को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उत्‍कृष्‍टता के केंद्र की स्‍थापना में फ्रांस सरकार के साथ की गई हमारी साझेदारी दीर्घकालिक ऊर्जा लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग का एक और शानदार उदाहरण है।‘’

 

            उत्‍कृष्‍टता का केंद्र विद्युत, स्‍वचालन और सौर ऊर्जा के क्षेत्रों में उम्‍मीदवारों की रोजगार परकता में वृद्धि करने के लिए विस्‍तृत प्रशिक्षण देने हेतु उच्‍च दक्षता प्राप्‍त प्रशिक्षकों और आकलनकर्ताओं का समूह तैयार करने पर ध्‍यान केंद्रित करेगा। केंद्र विद्युत और सौर क्षेत्र में प्रशिक्षकों, अनुदेशकों के लिए प्रशिक्षण, आकलनकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण तथा अन्‍य उच्‍च गुणवत्‍तापूर्ण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगा।

 

4000 वर्गफुट क्षेत्र में स्‍थापित इस परियोजना के लिए उत्‍कृष्‍टता के केंद्र स्‍थापना हेतु एनआईएसई की ओर से अपने परिसर में भूमि उपलब्‍ध कराई गई है।  यह उत्‍कृष्‍टता का केंद्र दो प्रयोगशालाओं से लैस होगा, जिनकी स्‍थापना शनाइडर इलेक्ट्रिक द्वारा अपनी सीएसआर पहल के भाग के रूप में की गई है। यह उन्‍नत इलेक्ट्रिशियन प्रयोगशाला गृह और भवन में प्रशिक्षण, और उद्योग की स्‍थापना और स्‍वचालन हेतु विशेष रूप से तैयार किए गए उपकरणों से लैस है। सौर प्रयोगशाला, सौर क्षेत्र में नवीनतम प्रौद्योगिकी से संबंधित व्‍यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। उत्‍कृष्‍टता के केंद्र विद्युत के लॉन्‍च होने के सा‍थ ही आकलनकर्ताओं का ऑनलाइन प्रशिक्षण आरंभ हो जाएगा, जिनमें देश भर के प्रशिक्षक शामिल होंगे। इसके अतिरिक्‍त, केंद्र में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने पर भी विचार किया जा रहा है। केंद्र में परिचालनों का प्रबंधन करने वाली विद्युत क्षेत्र कौशल परिषद ने शिक्षण में सहायता प्रदान के लिए उत्‍पादन, पारेषण, वितरण और बाद के चरणों से संबंधित उपक्षेत्रों में विभिन्‍न भूमिकाओं के लिए आवश्‍यक शिक्षण सामग्री भी तैयार की है। शिक्षा विभाग, फ्रांस ने प्रस्‍तावित उत्‍कृष्‍टता के केंद्र की संकल्‍पना, डिजाइन तथा अध्‍यक्षता के लिए तीन वर्ष के लिए एक विशेषज्ञ को नियुक्‍त किया। इस विशेषज्ञ ने रूपरेखा, दिशानिर्देशों तथा विद्युत क्षेत्र  की उत्‍कृष्‍ट पद्धतियों की पेशकश करने के माध्‍यम से योगदान दिया है। राष्‍ट्रीय कौशल विकास निगम सभी हितधारकों को सहायता प्रदान कर रहा है और वह इस परियोजना के लिए व्‍यावसायिक मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।