अजीबोगरीब बयान भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर का : कोरोना से होने वाले फेफड़ों का संक्रमण खत्म करता है गौमूत्र | Pragya On Cow Urine - Daily Hindi Paper | Online GK in Hindi | Civil Services Notes in Hindi

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सोमवार, 17 मई 2021

अजीबोगरीब बयान भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर का : कोरोना से होने वाले फेफड़ों का संक्रमण खत्म करता है गौमूत्र | Pragya On Cow Urine

 

कोरोना से होने वाले फेफड़ों का संक्रमण खत्म करता है गौमूत्रः भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर

कोरोना से होने वाले फेफड़ों का संक्रमण खत्म करता है गौमूत्रः भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर
File Photo



अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वालीं भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अब कोरोना को लेकर अजीबोगरीब बयान दिया है। इसके साथ ही प्रज्ञा ठाकुर हाल ही में उन राजनेताओं की सूची में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने कोविड -19 के इलाज के लिए विचित्र घरेलू उपचार बताए हैं। उन्होंने कहा है कि नियमित रूप से गौमूत्र लेने से कोरोनावायरस से बचा सकता है। इससे कोरोना से होने वाले फेफड़ों का इंफेक्शन दूर हो जाता है। ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो में प्रत्रा ठाकुर को यह कहते हुए सुना जा सकता है।

 

उऩ्होंने कहा, "अगर हम हर दिन देसी गौमूत्र (देशी गायों का मूत्र) का सेवन करते हैं, तो हम कोविड के कारण होने वाले फेफड़ों के संक्रमण को ठीक कर सकते हैं। मुझे लगातार दर्द होता है लेकिन मैं रोजाना गोमूत्र पीती हूं। इसलिए मैं कोरोना के खिलाफ कोई दवा नहीं लेती और मुझे कोरोना नहीं है। गोमूत्र एक जीवन रक्षक है।"

 

भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के प्रमुख बीवी श्रीनिवास ने ठाकुर का वीडियो ट्विटर पर साझा किया और उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को टैग करते हुए पूछा, "सर, क्या यह सच है?"

 

प्रज्ञा ठाकुर कोरोनोवायरस के इलाज के लिए गोमूत्र बताने वाली पहली राजनेता नहीं हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कुछ हफ्ते पहले ऐसा ही बयान दिया था, जब उन्होंने कहा था कि गोमूत्र ने उन्हें वायरस से बचाया था।

 

इससे पहले, भाजपा नेता युद्धवीर सेठी ने दावा किया था कि "हवन यज्ञ कोविड -19 को खत्म कर सकता है"। उन्होंने सभी से खुद को वायरस से बचाने के लिए "वैदिक जीवन शैली" अपनाने का आग्रह किया था।

 

सेठी ने कहा था कि वेदों के अनुसार, संत हवन सामग्री को अग्नि में डालकर पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए हवन यज्ञ करते थे। लोगों को हमारे देश की समृद्ध विरासत से सबक लेनी चाहिए और कोविड -19 जैसी बीमारियों को खत्म करने के लिए वैदिक जीवनशैली अपनानी चाहिए चाहिए।

 

ये बयान उस समय आया है जब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े डाक्टरों ने कहा है कि गोबर या मूत्र कोविड -19 का इलाज करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। बता दें कि इसी साल फरवरी के महीने में प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सीने में जकड़न और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था।