हस्ती अंकुशहस्तेन वाजी हस्तेन का अर्थ (शब्दार्थ - भावार्थ) एवं व्याख्या | Hasti Ankush Hasten Meaning in Hindi - Daily Hindi Paper | RPSC Online GK in Hindi | GK in Hindi l RPSC Notes in Hindi

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शनिवार, 20 अगस्त 2022

हस्ती अंकुशहस्तेन वाजी हस्तेन का अर्थ (शब्दार्थ - भावार्थ) एवं व्याख्या | Hasti Ankush Hasten Meaning in Hindi

 हस्ती अंकुशहस्तेन वाजी हस्तेन का अर्थ एवं व्याख्या  (Hasti Ankush Hasten Meaning in Hindi )

हस्ती अंकुशहस्तेन वाजी हस्तेन का अर्थ (शब्दार्थ - भावार्थ) एवं व्याख्या | Hasti Ankush Hasten Meaning in Hindi


हस्ती अंकुशहस्तेन वाजी हस्तेन ताड्यते । 
भृङ्गी लगुडहस्तेन खड्गहस्तेन दुर्जनः॥ || अध्याय 7 श्लोक- 811

 

शब्दार्थ -

हाथी हाथ में पकड़े हुए अंकुश सेघोड़ा हाथ में लिए हुए चावुक सेसींगवाला पशु हाथ में पकड़े हुए डण्डे से वश में किया जाता हैपीटा जाता है और दुष्ट मनुष्य हाथ में ली हुई तलवार से मारा जाता है।


भावार्थ

हाथी हाथ में पकड़े हुए अंकुश से वश में किया जाता हैघोड़ा चावुक से पीटा जाता हैसींगवाला पशु डण्डे से पीटा जाता है और दुर्जन मनुष्य हाथ में ली हुई तलवार से मारा जाता है ।

 

विमर्श - 

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि दुर्जन को तो जीवित ही नहीं रहने देना चाहिए।