पॉंचवीं आठवीं बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के फर्जी एवं भ्रामक प्रश्न पत्र पर साईबर पुलिस सक्रिय | School Education Exam News - Daily Hindi Paper | Online GK in Hindi | Civil Services Notes in Hindi

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गुरुवार, 7 मार्च 2024

पॉंचवीं आठवीं बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के फर्जी एवं भ्रामक प्रश्न पत्र पर साईबर पुलिस सक्रिय | School Education Exam News

 पॉंचवीं आठवीं बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के फर्जी एवं भ्रामक प्रश्न पत्र पर साईबर पुलिस सक्रिय

पॉंचवीं आठवीं बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के फर्जी एवं भ्रामक प्रश्न पत्र पर साईबर पुलिस सक्रिय | School Education Exam News



भ्रामक एवं फर्जी पेपर वायरल करने वालों के विरूध्द होगी सख्त वैधानिक कार्यवाही
राज्य शिक्षा केन्द्र की शिकायत पर साईबर पुलिस सक्रिय

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ली जा रही पॉंचवीं आठवीं कक्षाओं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के फर्जी एवं भ्रामक प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले कतिपय असामाजिक व्यक्तियों के विरूद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। राज्य शिक्षा केन्द्र के मूल्याकंन नियंत्रक श्री एच.जी. खरे ने पुलिस आयुक्त, साईबर क्राईम कार्यालय भोपाल में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म यू-ट्यूब और टेलीग्राम पर कतिपय असामाजिक व्यक्तियों द्वारा निजी लाभवश परीक्षा के प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का प्रलोभन देकर विद्यार्थियों और अभिभावकों को भ्रामक एवं फर्जी प्रश्न पत्र उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

 

संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र श्री धनराजू एस ने कहा है कि ऐसे कृत्यों से परीक्षाओं की शुचिता पर सवाल उठते हैं, वहीं विद्यार्थी भी गुमराह एवं हतोत्साहित हो रहे हैं। इससे उनकी मनोदशा पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ने की भी आशंका है। राज्य शिक्षा केन्द्र की ओर से ऐसे व्यक्तियों के विरूध्द कठोर वैधानिक कार्यवाही के लिए साईबर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

 

संचालक श्री धनराजू एस ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी प्रलोभन में न आयें और पूरे मनोयोग से अपनी परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि, साईबर अपराधी विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जानकारियों का दुरूपयोग कर उन्हें किसी भी आपराधिक प्रकरण में संलिप्त सकते हैं। इनके प्रलोभन में फंसकर विद्यार्थी का आर्थिक नुकसान तो होगा ही, साथ ही आपराधिक संलिप्तता का प्रकरण भी दर्ज हो सकता है। अत: विद्यार्थी और अभिभावक ऐसी मिथ्या अफवाहों एवं प्रलोभन से सदैव बचें।